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कर्बला में जियारत को 22 जायरीन रवाना
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 23 Mar 2017 10:31 PM IST
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इराक जाने से पहले इमाम-ए-हसन के दस्तरखान मेें शामिल होने जाते जायरीन।
- फोटो : अमर उजाला
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डुमरियागंज। कस्बा हल्लौर से बुधवार की देर शाम 22 जायरीन जियारत के लिए इराक के कर्बला शहर के लिए रवाना हुए। जायरीन की रवानगी के पहले गांव में बने इमाम बारगाह कला में मजलिस का आयोजन किया गया। मजलिस के बाद जायरीन के परिवार के लोगों ने उनकी सलामती व घर वापसी के लिए दुआ मांगी। मजलिस (कांफ्रेंस या जलसा) के पहले कलाम पाक की तिलावत अंबर मेंहदी व उनके हमनवां ने किया। मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना जमाल हैदर कर्बलाई ने कहा कि शिया समुदाय में कर्बला का विशेष महत्व है।
यहां जियारत करने वाले जायरीन के साथ ही गांव के लोगों का भी भला होता है। मजलिस के दौरान मौलाना जमाल हैदर ने कर्बला के वाकया पर रोशनी डाली, जिसे सुनकर मौजूद अकीदतमंदों ने नारे हैदरी की सदाएं बुलंद की। मजलिस के बाद इमाम ए हसन के दस्तरखान का आयोजन किया गया। जिसमें जायरीन ने अपने परिवार के लोगों व गांव के लोगों के साथ बैठ कर नज्र (पूजा-पाठ) में हिस्सा लिया। अंत में लोगों ने जायरीन को माला पहनाकर उनके सही सलामत घर वापसी की दुआएं मांगने के साथ ही उन्हें मुबारकबाद दी।
कर्बला जाने वाले जायरीन में नजमुल हसन, वजीहुल हसन, मुहम्मद भाई, शफीक रजा, अन्जुम आरा, मोजिज, रज्जब अली आदि शामिल रहे। जायरीन के मुताबिक उनकी यह धार्मिक यात्रा 22 दिनों की है। इसमें वे नजफ, ईरान, सीरिया आदि देशों में भी जाकर जियारत करेंगे। इस दौरान डॉ. तनवीर रिजवी, मोहम्मद शब्बर, मंजू रिजवी, नफीस सैय्यद, अंबर बाबा, सलील उर्फ बब्लू, अंजुम और किसान आदि मौजूद रहे।
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यहां जियारत करने वाले जायरीन के साथ ही गांव के लोगों का भी भला होता है। मजलिस के दौरान मौलाना जमाल हैदर ने कर्बला के वाकया पर रोशनी डाली, जिसे सुनकर मौजूद अकीदतमंदों ने नारे हैदरी की सदाएं बुलंद की। मजलिस के बाद इमाम ए हसन के दस्तरखान का आयोजन किया गया। जिसमें जायरीन ने अपने परिवार के लोगों व गांव के लोगों के साथ बैठ कर नज्र (पूजा-पाठ) में हिस्सा लिया। अंत में लोगों ने जायरीन को माला पहनाकर उनके सही सलामत घर वापसी की दुआएं मांगने के साथ ही उन्हें मुबारकबाद दी।
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कर्बला जाने वाले जायरीन में नजमुल हसन, वजीहुल हसन, मुहम्मद भाई, शफीक रजा, अन्जुम आरा, मोजिज, रज्जब अली आदि शामिल रहे। जायरीन के मुताबिक उनकी यह धार्मिक यात्रा 22 दिनों की है। इसमें वे नजफ, ईरान, सीरिया आदि देशों में भी जाकर जियारत करेंगे। इस दौरान डॉ. तनवीर रिजवी, मोहम्मद शब्बर, मंजू रिजवी, नफीस सैय्यद, अंबर बाबा, सलील उर्फ बब्लू, अंजुम और किसान आदि मौजूद रहे।
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