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Siddharthnagar News: बिन बारिश बढ़ रहा नदियों का जलस्तर, लाल निशान से आठ सेमी ऊपर बह रही बाणगंगा
Wed, 19 Jul 2023 03:53 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर।
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर।
Updated Wed, 19 Jul 2023 03:53 PM IST
सार
सिंचाई निर्माण खंड अधिशासी अभियंता आरके सिंह ने कहा कि जिले में बारिश से नदियों के जलस्तर पर बहुत फर्क नहीं पड़ता है, नेपाल में पहाड़ों पर होने वाली बारिश से ही यहां की नदियों का जलस्तर बढ़ता है। बीते दिनों जिले में कम बारिश हुई थी, लेकिन नेपाल में बारिश के चलते बूढ़ी राप्ती नदी का जलस्तर तीन मीटर से अधिक बढ़ गया था।
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शोहरतगढ़ में स्थित बानगंगा बैराज। संवाद
विस्तार
सिद्धार्थनगर जिले में पिछले 10 दिन से जिले में बारिश नहीं होने के बावजूद मंगलवार को बूढ़ी राप्ती, बाणगंगा, कूड़ा व घोघी नदियों का जलस्तर बढ़ रहा था। इनमें बाणगंगा का जलस्तर खतरे के लाल निशान से आठ सेमी ऊपर दर्ज किया गया। वहीं राप्ती नदी का जलस्तर भी सुबह बढ़ने के बाद शाम को स्थिर हो गया। विशेषज्ञों के अनुसार जिले में नदियों का जलस्तर यहां की बारिश से कम, नेपाल में बारिश से ज्यादा बढ़ता है।
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जिले में 15 दिन पूर्व अच्छी बारिश हुई थी, इस बीच नेपाल में बारिश होने से सभी नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। बूढ़ी राप्ती नदी का जलस्तर मात्र 24 घंटे में तीन मीटर से अधिक बढ़ जाने से खतरे के लाल निशान को पार कर गई थी। इस बीच 15 दिन से जनपद में छिटपुट बारिश होने के बावजूद प्रतिदिन जिले की सभी नदियों का जलस्तर घट और बढ़ रहा है।
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इससे नदियों के किनारे स्थित गांव के लोग सहमे हुए हैं, वह बीते वर्ष की त्रासदी से अभी उबर नहीं पाए है। पिछले वर्ष 2022 में मानसून के अंतिम चरण में सितंबर और अक्तूबर माह में आई बाढ़ से जिले में बड़ी तबाही मच गई थी।
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इससे पांच सौ गांवों की 50 हजार हेक्टेयर से अधिक फसल डूबकर नष्ट हो गई थी और पांच लाख आबादी प्रभावित हो गई थी। इस बीच 18 लोगों की मौत हो गई थी। अब एक बार फिर से बाढ़ के मंडरा रहे खतरे से बचाव के लिए सिंचाई विभाग एवं प्रशासन बांधों एवं कटान स्थलों की निगरानी में जुटा हुआ है।
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कटान स्थलों पर मंडरा रहा खतरा
बूढ़ी राप्ती नदी किनारे स्थित जोगिया क्षेत्र के फत्तेपुर एवं टलडिहवा गांव के पास हो रहे कटान से कई लोगों के मकान खतरे की जद में है। यहां के लोगों की कई बीघा खेती कटकर नदी में विलीन हो चुकी है। अब कटान से उनके आशियाने पर खतरा मंडरा रहा है। इससे पीड़ित पूरे बरसात के मौसम में चिंता भरी नजरों से नदियों के बढ़ते और घटते जलस्तर को निहारते रहते हैं।
नेपाल में बारिश से बढ़ता है जलस्तर
सिंचाई निर्माण खंड अधिशासी अभियंता आरके सिंह ने कहा कि जिले में बारिश से नदियों के जलस्तर पर बहुत फर्क नहीं पड़ता है, नेपाल में पहाड़ों पर होने वाली बारिश से ही यहां की नदियों का जलस्तर बढ़ता है। बीते दिनों जिले में कम बारिश हुई थी, लेकिन नेपाल में बारिश के चलते बूढ़ी राप्ती नदी का जलस्तर तीन मीटर से अधिक बढ़ गया था। अभी नेपाल में भी कम बारिश हो रही है, इसलिए नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे बना हुआ है।
नेपाल में बारिश से बढ़ता है जलस्तर
सिंचाई निर्माण खंड अधिशासी अभियंता आरके सिंह ने कहा कि जिले में बारिश से नदियों के जलस्तर पर बहुत फर्क नहीं पड़ता है, नेपाल में पहाड़ों पर होने वाली बारिश से ही यहां की नदियों का जलस्तर बढ़ता है। बीते दिनों जिले में कम बारिश हुई थी, लेकिन नेपाल में बारिश के चलते बूढ़ी राप्ती नदी का जलस्तर तीन मीटर से अधिक बढ़ गया था। अभी नेपाल में भी कम बारिश हो रही है, इसलिए नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे बना हुआ है।