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Siddharthnagar News: रावण-अंगद संवाद का मंचन देख गूंजे श्रीराम के जयकारे
Thu, 12 Feb 2026 12:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 12 Feb 2026 12:25 AM IST
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भवानीगंज क्षेत्र के भड़रिया गांव में आयोजित रामलीला का मंचन करते कलाकार। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
भवानीगंज। थाना क्षेत्र के भड़रिया गांव में चल रही दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित रामलीला कार्यक्रम में मंगलवार रात कलाकारों ने अंगद रावण के संवाद का मंचन किया। नवयुवक रामलीला समिति के तत्वावधान में आयोजित रामलीला मंचन देख दर्शक भाव विभोर रहे।
मंचन के दौरान जैसे ही अंगद के रावण के दरबार में पैर जमाने का दृश्य आया, दर्शक रोमांचित हो उठे। पूरा पंडाल सियावर रामचंद्र की जय के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
जब विभीषण अपने भाई रावण को श्रीराम से संधि कर उनकी शरण में जाने और माता सीता को लौटाने की समझा देते हैं। इस पर रावण क्रोधित होकर उन्हें ठोकर मारकर दरबार से बाहर निकाल देता है। विभीषण श्रीराम के पास जाकर शरण ले लेते हैं।
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भगवान राम अंगद को दूत बनाकर लंका भेजते हैं। यहां अंगद, रावण के दरबार में अपना पैर जमाता है। कोई भी योद्धा अंगद का पैर नहीं हिला पाता, तभी रावण खड़ा होता है तो अंगद उससे कहता है कि यदि पैर पकड़ना है तो प्रभु श्री राम के पकड़, मेरे पैर पकड़ने से तेरा कल्याण नहीं होगा।
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भवानीगंज। थाना क्षेत्र के भड़रिया गांव में चल रही दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित रामलीला कार्यक्रम में मंगलवार रात कलाकारों ने अंगद रावण के संवाद का मंचन किया। नवयुवक रामलीला समिति के तत्वावधान में आयोजित रामलीला मंचन देख दर्शक भाव विभोर रहे।
मंचन के दौरान जैसे ही अंगद के रावण के दरबार में पैर जमाने का दृश्य आया, दर्शक रोमांचित हो उठे। पूरा पंडाल सियावर रामचंद्र की जय के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
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जब विभीषण अपने भाई रावण को श्रीराम से संधि कर उनकी शरण में जाने और माता सीता को लौटाने की समझा देते हैं। इस पर रावण क्रोधित होकर उन्हें ठोकर मारकर दरबार से बाहर निकाल देता है। विभीषण श्रीराम के पास जाकर शरण ले लेते हैं।
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भगवान राम अंगद को दूत बनाकर लंका भेजते हैं। यहां अंगद, रावण के दरबार में अपना पैर जमाता है। कोई भी योद्धा अंगद का पैर नहीं हिला पाता, तभी रावण खड़ा होता है तो अंगद उससे कहता है कि यदि पैर पकड़ना है तो प्रभु श्री राम के पकड़, मेरे पैर पकड़ने से तेरा कल्याण नहीं होगा।