फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   vegetable and oily crops in trouble due to heavy rain fall

बारिश से तिलहन और सब्जी की खेती पर ग्रहण

Sun, 09 Oct 2022 12:16 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 09 Oct 2022 12:16 AM IST
विज्ञापन
vegetable and oily crops in trouble due to  heavy rain fall
शोहरतगढ़ क्षेत्र के झुलनीपुर-झुंगहवां मार्ग पर तेजी से कटान करती बूढ़ी राप्ती नदी। संवाद - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
बारिश से तिलहन और सब्जी की खेती पर ग्रहण
विज्ञापन

सिद्धार्थनगर। अति बारिश ने तिलहन और सब्जी की खेती पर ग्रहण लगा दिया है। सब्जी उगाकर आर्थिक उन्नति का सपना संजोए किसानों की उम्मीदों पर पानी फिर गया गया है। बारिश के कारण सब्जी की खेती पिछड़ गई है। सब्जी के साथ ही तिलहन की खेती करने वाले किसान भी चिंतित हैं। उनका कहना है कि खेत की नमी जाएगी नहीं। ऐसे में बुआई में विलंब हो जाएगा। इससे पैदावार पर असर पड़ेगा साथ ही रोग अधिक लगेेंगे। रबी की फसल के लिए यह बारिश नुकसानदेह साबित हुई है।
नेपाल सीमा से सटे इस जनपद की गिनती तराई क्षेत्र में होती है। नेपाल की पहाड़ियों से निकलने वाली नदियां यहां से होकर गुजरती हैं। तीन दिन से हुई बारिश से जनपद के डुमरियागंज, शोहरतगढ़ समेत विभिन्न क्षेत्रों में पानी घुस गया है। धान की फसल पानी में डूब गई है।
विज्ञापन

अक्तूबर में किसान आलू, गोभी, बैगन, शिमला मिर्च, मिर्च, मूली के अलावा सरसों, मटर, मसूर आदि की खेती करते हैं। धान की अगेती प्रजाति की कटाई करके किसान तिलहन और सब्जी की बुआई कर देते हैं। लेकिन बारिश के कारण खेत में पानी भर गया है। इससे बुआई पिछड़ जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

सब्जी की खेती करने वाले किसान अजय भारती लमुईया, जुगनू यादव निवासी मुडिलिया, अब्दुल रउआब निवासी डेगहर, मंगरू निवासी बैरिया खालसा ने बताया कि अक्तूबर में फूल गोभी, पत्ता गोभी, बैगन, मूली, साग, चुकंदर, टमाटर सहित अन्य फसलें लगाना शुरू कर देते थे। फसल पहले तैयार हो जाती थी तो अच्छा मूल्य मिलता था। लेकिन, इस बार बारिश ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। अब एक माह विलंब से फसल लगा पाएंगे। ऐसे में मुनाफा न के बराबर होगा। जिला कृषि अधिकारी सीपी सिंह ने बताया कि सब्जी की खेती करने वाले किसानों के लिए बारिश नुकसानदेह साबित हुई है। बाकी तिलहन पर ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ेगा।
इतने रकबे में होती है सब्जी की खेती
उद्यान विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जिले में दो सौ हेक्टेयर में फूल और पत्ता गोभी की खेती होती है। इसी प्रकार की ढाई सौ हेक्टेयर में टमाटर की खेती होती है। दो सौ हेक्टेयर से अधिक भूमि में बैगन की खेती होती है। तीन सौ हेक्टेयर भूमि में आलू और 50 हेक्टेयर में मूली की खेती होती है। शिमला मिर्च सहित ठंडी के मौसम वाली अन्य सब्जियों की खेती एक हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में होती है।

1.74 लाख हेक्टेयर में होती है तिलहन की खेती
कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जिले में 1.74 लाख हेक्टेयर भूमि पर रबि की खेती होती है। इसमें 10 हजार हेक्टेयर में सरसों, मटर, मसूर आदि दलहान-तिलहन की खेती होती है। अति बारिश के कारण लगभग 15 दिन बाद बुआई शुरू होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed