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Siddharthnagar News: अनियमित जीवनशैली से बढ़ रहे थायरॉइड के मरीज
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-आयोडिन की कमी और ऑटो एंटीबाॅडी बनने से हो रहा थायरॉइड
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अनियमित जीवनशैली थायरॉइड जैसे रोग बढ़ाने का महत्वपूर्ण कारण है। इसके परिणामस्वरूप कई स्वास्थ्य समस्याएं हो रही हैं। इसमें आयोडीन की कमी और ऑटो एंटीबॉडी की कमी सबसे अधिक देखने को मिल रही है। डॉक्टरों के अनुसार इसमें सुस्त होना, थकान महसूस करना, वजन कम अधिक होना प्रमुख लक्षण हैं।
चिकित्सकों के अनुसार थायरॉइड ग्रंथि के सही कामकाज के लिए उचित नींद, नियमित व्यायाम और पौष्टिक आहार लें। स्त्री एवं प्रसूती रोग विशेषज्ञ डॉ. एसएन उपाध्याय ने बताया कि थायरॉइड की समस्या सभी उम्र के लोगों में बढ़ती हुई देखी जा रही है। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन चार से पांच मरीजों में लक्षण देखने को मिलते हैं। जिन्हें जांच करवाने की सलाह दी जाती है।
उन्होंने बताया कि गर्दन में मौजूद थायरॉइड ग्रंथि जब बहुत अधिक या बहुत कम हार्मोन का उत्पादन करने लगती है, तो इसके कारण कई तरह की दिक्कतें शुरू हो जाती हैं। थायरॉइड के चलते मोटापा, बीपी, मधुमेह, लिवर, हृदय के अलावा ब्रेन सिस्टम को भी प्रभावित कर रहा है। उन्होंने बताया कि जीवनशैली और खानपान की गड़बड़ी इन विकारों को बढ़ाने वाली हो सकती है। इसके बारे में सभी लोगों को जानना और बचाव के लिए निरंतर उपाय करते रहना चाहिए। सही आहार, नियमित व्यायाम जैसे उपायों की मदद से इन समस्याओं से बचा जा सकता हैं।
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इस तरह से बचाव करें थायरॉइड के मरीज
-30 की उम्र के बाद डॉक्टर की सलाह पर नियमित रूप से थायरॉइड टेस्ट कराते रहना चाहिए
-आयोडीन युक्त भोजन (नमक, दही, केला, मछली), साबुत अनाज, हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करें
-नियमित व्यायाम की आदत बनाएं। सर्वांगासन, हलासन, भुजंगासन जैसे योग इस रोग में काफी फायदेमंद है
-थायरॉइड हार्मोन असंतुलन के कारण नींद की समस्या हो सकती है। कम से कम 7-8 घंटे की नींद जरूरी है
-फास्ट फूड्स, ज्यादा तला-भुना खाना या मीठे पेय पदार्थों से बचें
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अनियमित जीवनशैली थायरॉइड जैसे रोग बढ़ाने का महत्वपूर्ण कारण है। इसके परिणामस्वरूप कई स्वास्थ्य समस्याएं हो रही हैं। इसमें आयोडीन की कमी और ऑटो एंटीबॉडी की कमी सबसे अधिक देखने को मिल रही है। डॉक्टरों के अनुसार इसमें सुस्त होना, थकान महसूस करना, वजन कम अधिक होना प्रमुख लक्षण हैं।
चिकित्सकों के अनुसार थायरॉइड ग्रंथि के सही कामकाज के लिए उचित नींद, नियमित व्यायाम और पौष्टिक आहार लें। स्त्री एवं प्रसूती रोग विशेषज्ञ डॉ. एसएन उपाध्याय ने बताया कि थायरॉइड की समस्या सभी उम्र के लोगों में बढ़ती हुई देखी जा रही है। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन चार से पांच मरीजों में लक्षण देखने को मिलते हैं। जिन्हें जांच करवाने की सलाह दी जाती है।
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उन्होंने बताया कि गर्दन में मौजूद थायरॉइड ग्रंथि जब बहुत अधिक या बहुत कम हार्मोन का उत्पादन करने लगती है, तो इसके कारण कई तरह की दिक्कतें शुरू हो जाती हैं। थायरॉइड के चलते मोटापा, बीपी, मधुमेह, लिवर, हृदय के अलावा ब्रेन सिस्टम को भी प्रभावित कर रहा है। उन्होंने बताया कि जीवनशैली और खानपान की गड़बड़ी इन विकारों को बढ़ाने वाली हो सकती है। इसके बारे में सभी लोगों को जानना और बचाव के लिए निरंतर उपाय करते रहना चाहिए। सही आहार, नियमित व्यायाम जैसे उपायों की मदद से इन समस्याओं से बचा जा सकता हैं।
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इस तरह से बचाव करें थायरॉइड के मरीज
-30 की उम्र के बाद डॉक्टर की सलाह पर नियमित रूप से थायरॉइड टेस्ट कराते रहना चाहिए
-आयोडीन युक्त भोजन (नमक, दही, केला, मछली), साबुत अनाज, हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करें
-नियमित व्यायाम की आदत बनाएं। सर्वांगासन, हलासन, भुजंगासन जैसे योग इस रोग में काफी फायदेमंद है
-थायरॉइड हार्मोन असंतुलन के कारण नींद की समस्या हो सकती है। कम से कम 7-8 घंटे की नींद जरूरी है
-फास्ट फूड्स, ज्यादा तला-भुना खाना या मीठे पेय पदार्थों से बचें