{"_id":"67f564b4804fd0da560fbdf5","slug":"the-seven-day-shrimad-bhagwat-katha-started-with-the-kalash-yatra-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1033-135452-2025-04-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: कलश यात्रा के साथ शुरु हुई सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: कलश यात्रा के साथ शुरु हुई सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा
विज्ञापन
सकारपार क्षेत्र के सिसहनिया गांव में श्रीमद्भागवत कथा के अवसर पर निकली कलश यात्रा। स्रोत विज्
संवाद न्यूज एजेंसी
सकारपार। क्षेत्र के सिसहनिया गांव में मंगलवार को सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा की शुरुआत हुई। कथा से पूर्व कलश यात्रा निकाली गई। आयोजक मातादीन उपाध्याय ने सिर पर श्रीमद्भागवत महापुराण रखकर धार्मिक स्थलों के दर्शन किए। कथा वाचक पं. सत्य प्रकाश पाण्डेय ने बताया कि दिन में श्रीमद्भागवत का पाठ होगा। एवं शाम सात बजे से प्रवचन के माध्यम से भगवत कथा का रसपान कराया जाएगा। कथा वाचक पं. वेद प्रकाश पांडेय ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा सुनने मात्र से जीव को मोक्ष की प्राप्ति होती है।
इस दौरान मनोज उपाध्याय, विनोद कुमार उपाध्याय, अष्ट भुजा, बालकेश, कृष्ण गोपाल, बृजेश, राम मिलन, राम रक्षा आदि मौजूद रहे।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की कथा सुन श्रद्धालु भावविभोर हो उठे
पकड़ी बाजार। पकड़ी चौराहे पर चल रहे श्रीमद्भागवत कथा में सोमवार की रात कथावाचक सुभाष पांडेय ने श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की कथा सुनाई। कथा सुन श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। मथुरा के राजा कंस अपनी बहन देवकी का विवाह वासुदेव से कर देता है। कंस बहन को ससुराल पहुंचाने के लिए जाने लगता है। आकाशवाणी हुई कि देवकी के आठवें पुत्र के हाथों तेरी मृत्यु निश्चित है। वह बहन और उसके पति वासुदेव को बंदी बनाकर कारागार में डाल देता है। उसके सात पुत्रों को मार देता है, श्रीकृष्ण अष्टमी तिथि को आधी रात को देवकी के आठवें पुत्र के रूप में जन्म लेते हैं। जन्म लेते ही पुरा पंडाल जयकारों से गूंज उठा। इस दौरान आयोजक कर्ता विष्णु आदि मौजूद रहे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
सकारपार। क्षेत्र के सिसहनिया गांव में मंगलवार को सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा की शुरुआत हुई। कथा से पूर्व कलश यात्रा निकाली गई। आयोजक मातादीन उपाध्याय ने सिर पर श्रीमद्भागवत महापुराण रखकर धार्मिक स्थलों के दर्शन किए। कथा वाचक पं. सत्य प्रकाश पाण्डेय ने बताया कि दिन में श्रीमद्भागवत का पाठ होगा। एवं शाम सात बजे से प्रवचन के माध्यम से भगवत कथा का रसपान कराया जाएगा। कथा वाचक पं. वेद प्रकाश पांडेय ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा सुनने मात्र से जीव को मोक्ष की प्राप्ति होती है।
इस दौरान मनोज उपाध्याय, विनोद कुमार उपाध्याय, अष्ट भुजा, बालकेश, कृष्ण गोपाल, बृजेश, राम मिलन, राम रक्षा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की कथा सुन श्रद्धालु भावविभोर हो उठे
पकड़ी बाजार। पकड़ी चौराहे पर चल रहे श्रीमद्भागवत कथा में सोमवार की रात कथावाचक सुभाष पांडेय ने श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की कथा सुनाई। कथा सुन श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। मथुरा के राजा कंस अपनी बहन देवकी का विवाह वासुदेव से कर देता है। कंस बहन को ससुराल पहुंचाने के लिए जाने लगता है। आकाशवाणी हुई कि देवकी के आठवें पुत्र के हाथों तेरी मृत्यु निश्चित है। वह बहन और उसके पति वासुदेव को बंदी बनाकर कारागार में डाल देता है। उसके सात पुत्रों को मार देता है, श्रीकृष्ण अष्टमी तिथि को आधी रात को देवकी के आठवें पुत्र के रूप में जन्म लेते हैं। जन्म लेते ही पुरा पंडाल जयकारों से गूंज उठा। इस दौरान आयोजक कर्ता विष्णु आदि मौजूद रहे। संवाद
विज्ञापन