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कठेला को ब्लॉक बनाने का सपना रह गया अधूरा
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कठेला को ब्लॉक बनाने का सपना रह गया अधूरा
सपा सरकार में घोषणा के बाद ठंडे बस्ते में गई फाइल
इटवा/कठेला(सिद्धार्थनगर)। तहसील मुख्यालय के उत्तर-पूर्व में बूढ़ी राप्ती नदी के तट पर बसे कठेला क्षेत्र के आसपास का इलाका आजादी के बाद से उपेक्षा का शिकार है। विकास खंड मुख्यालय से अधिक दूरी के चलते इन गांवों के लोगों को खुनियांव या इटवा जाने में पूरा दिन बीत जाता है। यही कारण है कि इस क्षेत्र के लोग एक अर्से से कठेला को विकास खंड बनाने की मांग करते आ रहे हैं। सपा सरकार में कठेला को ब्लॉक बनाने की शुरू हुई कवायद भाजपा सरकार बनने के बाद ठंडे बस्ते में चली गई। स्थानीय लोगों की कोशिश व लिखा पढ़ी के बाद भी इस दिशा में कोई कार्य नहीं हो रहा है।
पूर्ववर्ती सपा सरकार में इटवा ब्लॉक से न्याय पंचायत कठेला शर्की, पचपेड़वा, इनरी के साथ खुनियांव ब्लॉक से न्याय पंचायत गौरडीह, बेलवा और बढ़नी ब्लॉक से बसहिया, शीतल प्रसाद खैरी, खैरी उर्फ झुगंहवा, मटियार उर्फ भुतहिया के अलावा जोगिया ब्लॉक से ग्राम पंचायत अमहवा व नदवलिया को मिलाकर कठेला को ब्लॉक बनाने का प्रस्ताव भेजा गया था। यह मांग परवान चढ़ती उससे पहले सपा सरकार सत्ता से बेदखल हो गई। प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद कठेला को ब्लॉक बनाने की फाइल जस की तस पड़ी रह गई।
क्षेत्र के दलसिंगार दूबे, संतोष पासवान, रिजवान अहमद, उमाशंकर यादव, राजकिशोर यादव, पटेश्वरी यादव आदि का कहना है भाजपा ने चुनाव के समय कठेला को ब्लॉक बनाने का वायदा किया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद कोई कार्यवाही नहीं हुई। कठेला व आसपास के ग्रामीण घम्मल अंसारी, अगनू, भीखी चौधरी, कृष्ण कुमार, गौरीशंकर यादव, झिनकू राम पांडेय, लियाकत अली, जगदीश वर्मा, ईश्वर देव, मुंशी, जवाहर लाल, राधेश्याम पांडेय, श्यामलाल यादव, रमेश सिंह, रामलुटावन बाल्मीकि आदि ने कठेला को ब्लॉक बनाने की मांग की है।
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सपा सरकार में घोषणा के बाद ठंडे बस्ते में गई फाइल
इटवा/कठेला(सिद्धार्थनगर)। तहसील मुख्यालय के उत्तर-पूर्व में बूढ़ी राप्ती नदी के तट पर बसे कठेला क्षेत्र के आसपास का इलाका आजादी के बाद से उपेक्षा का शिकार है। विकास खंड मुख्यालय से अधिक दूरी के चलते इन गांवों के लोगों को खुनियांव या इटवा जाने में पूरा दिन बीत जाता है। यही कारण है कि इस क्षेत्र के लोग एक अर्से से कठेला को विकास खंड बनाने की मांग करते आ रहे हैं। सपा सरकार में कठेला को ब्लॉक बनाने की शुरू हुई कवायद भाजपा सरकार बनने के बाद ठंडे बस्ते में चली गई। स्थानीय लोगों की कोशिश व लिखा पढ़ी के बाद भी इस दिशा में कोई कार्य नहीं हो रहा है।
पूर्ववर्ती सपा सरकार में इटवा ब्लॉक से न्याय पंचायत कठेला शर्की, पचपेड़वा, इनरी के साथ खुनियांव ब्लॉक से न्याय पंचायत गौरडीह, बेलवा और बढ़नी ब्लॉक से बसहिया, शीतल प्रसाद खैरी, खैरी उर्फ झुगंहवा, मटियार उर्फ भुतहिया के अलावा जोगिया ब्लॉक से ग्राम पंचायत अमहवा व नदवलिया को मिलाकर कठेला को ब्लॉक बनाने का प्रस्ताव भेजा गया था। यह मांग परवान चढ़ती उससे पहले सपा सरकार सत्ता से बेदखल हो गई। प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद कठेला को ब्लॉक बनाने की फाइल जस की तस पड़ी रह गई।
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क्षेत्र के दलसिंगार दूबे, संतोष पासवान, रिजवान अहमद, उमाशंकर यादव, राजकिशोर यादव, पटेश्वरी यादव आदि का कहना है भाजपा ने चुनाव के समय कठेला को ब्लॉक बनाने का वायदा किया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद कोई कार्यवाही नहीं हुई। कठेला व आसपास के ग्रामीण घम्मल अंसारी, अगनू, भीखी चौधरी, कृष्ण कुमार, गौरीशंकर यादव, झिनकू राम पांडेय, लियाकत अली, जगदीश वर्मा, ईश्वर देव, मुंशी, जवाहर लाल, राधेश्याम पांडेय, श्यामलाल यादव, रमेश सिंह, रामलुटावन बाल्मीकि आदि ने कठेला को ब्लॉक बनाने की मांग की है।
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