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Siddharthnagar News: रात में बिजली कटौती से नींद में खलल
Sun, 19 Jul 2026 02:43 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 19 Jul 2026 02:43 AM IST
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पथरा। क्षेत्र में लगातार हो रही रात्रिकालीन अघोषित बिजली कटौती से ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। भीषण गर्मी और उमस के बीच रात में घंटों बिजली गुल रहने से लोगों का जनजीवन प्रभावित हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि रातभर बिजली की आंख मिचौली जारी रहती है, जिससे न तो उन्हें पर्याप्त नींद मिल पा रही है और न ही गर्मी से राहत। लोगों ने जल्द से जल्द कटौती से निजात की मांग की है। पथरा और खैरटिया फीडर से जुड़े सैकड़ों गांवों में पिछले कई दिनों से रात्रि के समय घंटों अघोषित बिजली कटौती की जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि कटौती का कोई निर्धारित समय नहीं है, जिससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्र के जोगिंदर चौधरी, देवेंद्र चौधरी, लवकुश विश्वकर्मा, पवनसुत मिश्र, महेंद्र कुमार, मोहम्मद भाई और राहुल कसौधन सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार की रात्रि में तीन बार में लगभग 5 घंटे की कटौती हुई, जिससे पूरी रात नींद नहीं आई। दिन के समय अपेक्षाकृत कम कटौती होती है, जबकि रात में लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती है।
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उनका कहना है कि बिजली की सबसे अधिक आवश्यकता रात्रि में होती है लेकिन इसी समय बार-बार आपूर्ति बाधित होने से गांव अंधेरे में डूब जाते हैं। इससे जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बना रहता है और लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है।
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ग्रामीणों का कहना है कि रातभर बिजली की आंख मिचौली जारी रहती है, जिससे न तो उन्हें पर्याप्त नींद मिल पा रही है और न ही गर्मी से राहत। लोगों ने जल्द से जल्द कटौती से निजात की मांग की है। पथरा और खैरटिया फीडर से जुड़े सैकड़ों गांवों में पिछले कई दिनों से रात्रि के समय घंटों अघोषित बिजली कटौती की जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि कटौती का कोई निर्धारित समय नहीं है, जिससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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क्षेत्र के जोगिंदर चौधरी, देवेंद्र चौधरी, लवकुश विश्वकर्मा, पवनसुत मिश्र, महेंद्र कुमार, मोहम्मद भाई और राहुल कसौधन सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार की रात्रि में तीन बार में लगभग 5 घंटे की कटौती हुई, जिससे पूरी रात नींद नहीं आई। दिन के समय अपेक्षाकृत कम कटौती होती है, जबकि रात में लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती है।
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उनका कहना है कि बिजली की सबसे अधिक आवश्यकता रात्रि में होती है लेकिन इसी समय बार-बार आपूर्ति बाधित होने से गांव अंधेरे में डूब जाते हैं। इससे जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बना रहता है और लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है।