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Siddharthnagar News: कर्मचारी भूले अपनी जिम्मेदारी, मरीजों को वार्ड में खुद शिफ्ट करा रहे तीमारदार
Sat, 29 Nov 2025 11:24 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 29 Nov 2025 11:24 PM IST
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मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में स्टेचर को खुद ले जाते तीमारदार। संवाद
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में मल्टीपर्पज वर्कर के गैर जिम्मेदाराना रवैये से मरीज के तीमारदार खुद ही उन्हें वार्ड में शिफ्ट करने को मजबूर हैं। यह हाल तब है जब इमरजेंसी वार्ड तक मरीज को ले जाने के लिए मल्टीपर्पज वर्कर और वार्ड ब्वाय की जिम्मेदारी तय की गई है। जिम्मेदार भी सबकुछ जानने के बाद अनजान बने हैं।
मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी में प्रतिदिन करीब 30 से 40 मरीज आते हैं, जिनको तत्काल इलाज के बाद वार्ड में शिफ्ट करके उनका इलाज किया जाता है।
उसके बाद स्ट्रेचर और व्हीलचेयर चलाने से लेकर मरीजों को जांच कक्ष तक पहुंचाने की जिम्मेदारी अस्पताल कर्मचारियों की होती है। मगर, इन दिनों तीमारदार खुद मरीजों को उठाकर इधर-उधर ले जाने को मजबूर हैं। परिसर में अक्सर देखा जा रहा है कि मल्टीपर्पज कर्मचारी के नहीं रहने से मरीजों को उनके परिजन स्ट्रेचर ढूंढ़ते हुए खुद जांच कक्ष, इमरजेंसी या वार्ड में ले जाते हैं।
शनिवार को एक तीमारदार अपने मरीज को इमरजेंसी में शिफ्ट करने के लिए ले जा रहा था। तीमारदार अभिनव ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के कर्मचारी को मरीज शिफ्ट करने की जानकारी नहीं है। स्टाफ ने नए भवन में मरीज को शिफ्ट करने के लिए कहा तो परिवार के लोग लेकर जा रहे हैं। परिजनों ने कहा कि प्रशासन को चाहिए कि मल्टीपर्पज कर्मचारियों की नियमित मॉनिटरिंग करें और ड्यूटी में लापरवाही मिलने पर कार्रवाई करें ताकि मरीजों को सुविधा मिल सके।
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मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी में प्रतिदिन करीब 30 से 40 मरीज आते हैं, जिनको तत्काल इलाज के बाद वार्ड में शिफ्ट करके उनका इलाज किया जाता है।
उसके बाद स्ट्रेचर और व्हीलचेयर चलाने से लेकर मरीजों को जांच कक्ष तक पहुंचाने की जिम्मेदारी अस्पताल कर्मचारियों की होती है। मगर, इन दिनों तीमारदार खुद मरीजों को उठाकर इधर-उधर ले जाने को मजबूर हैं। परिसर में अक्सर देखा जा रहा है कि मल्टीपर्पज कर्मचारी के नहीं रहने से मरीजों को उनके परिजन स्ट्रेचर ढूंढ़ते हुए खुद जांच कक्ष, इमरजेंसी या वार्ड में ले जाते हैं।
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शनिवार को एक तीमारदार अपने मरीज को इमरजेंसी में शिफ्ट करने के लिए ले जा रहा था। तीमारदार अभिनव ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के कर्मचारी को मरीज शिफ्ट करने की जानकारी नहीं है। स्टाफ ने नए भवन में मरीज को शिफ्ट करने के लिए कहा तो परिवार के लोग लेकर जा रहे हैं। परिजनों ने कहा कि प्रशासन को चाहिए कि मल्टीपर्पज कर्मचारियों की नियमित मॉनिटरिंग करें और ड्यूटी में लापरवाही मिलने पर कार्रवाई करें ताकि मरीजों को सुविधा मिल सके।
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