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Siddharthnagar News: मानसिक स्वास्थ्य के लिए सामाजिक सहयोग जरूरी
Fri, 10 Oct 2025 11:29 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 10 Oct 2025 11:29 PM IST
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बांसी। रतन सेन डिग्री कॉलेज बांसी में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर मनोविज्ञान विभाग ने एक संवादात्मक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सकारात्मक जीवन दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम का संचालन मनोविज्ञान विभाग के समन्वयक रितेश शुक्ल ने किया। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में सामाजिक सहयोग और शारीरिक सक्रियता की भूमिका पर बल दिया।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतिदिन टहलने, नियमित रूप से डायरी लेखन करने और अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त करने की सलाह दी। इसके पश्चात बीएड विभाग के डाॅ. अखिलेश उपाध्याय ने मानसिक स्वास्थ्य की अवधारणा पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने ध्यान, एकाग्रता और शारीरिक क्रिया शीलता के माध्यम से मन की शांति प्राप्त करने के उपाय बताए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को एक विश्वसनीय छोटे समूह का निर्माण करना चाहिए, जिसमें वे अपने विचार और भावना साझा कर सकें, जिससे अत्यधिक आत्मचेतना को दूर किया जा सके।
इसके बाद समाजशास्त्र विभाग के प्रो. दयाशंकर ने मानसिक स्वास्थ्य के सामाजिक संबंधों के पहलू पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि परिवार, रिश्तेदार और मित्र हमारी प्राथमिक समूह का हिस्सा होते हैं, और मानसिक स्वास्थ्य का सबसे बड़ा आधार इन्हीं संबंधों की गुणवत्ता होती है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को अपने परिवार और नजदीकी रिश्तों में सौहार्दपूर्ण और स्वीकारात्मक व्यवहार अपनाना चाहिए।
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उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतिदिन टहलने, नियमित रूप से डायरी लेखन करने और अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त करने की सलाह दी। इसके पश्चात बीएड विभाग के डाॅ. अखिलेश उपाध्याय ने मानसिक स्वास्थ्य की अवधारणा पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने ध्यान, एकाग्रता और शारीरिक क्रिया शीलता के माध्यम से मन की शांति प्राप्त करने के उपाय बताए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को एक विश्वसनीय छोटे समूह का निर्माण करना चाहिए, जिसमें वे अपने विचार और भावना साझा कर सकें, जिससे अत्यधिक आत्मचेतना को दूर किया जा सके।
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इसके बाद समाजशास्त्र विभाग के प्रो. दयाशंकर ने मानसिक स्वास्थ्य के सामाजिक संबंधों के पहलू पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि परिवार, रिश्तेदार और मित्र हमारी प्राथमिक समूह का हिस्सा होते हैं, और मानसिक स्वास्थ्य का सबसे बड़ा आधार इन्हीं संबंधों की गुणवत्ता होती है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को अपने परिवार और नजदीकी रिश्तों में सौहार्दपूर्ण और स्वीकारात्मक व्यवहार अपनाना चाहिए।
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