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Siddharthnagar News: अत्याचार समाप्त करने के लिए होता है ईश्वर का अवतार
Sat, 07 Feb 2026 01:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 07 Feb 2026 01:29 AM IST
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औराताल। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के भलुवाही ग्राम में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव श्रद्धा और उत्साह पूर्वक मनाया गया। कन्हैयालाल के जयकारों से पूरा पंडाल गूंजायमान हो उठा। विभिन्न क्षेत्र से पहुंचे श्रद्धालु भाव विभाेर होकर नाचने लगे। अयोध्या से पधारे विनोद शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए धर्म, अर्थ, काम व मोक्ष की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 84 लाख योनियां भुगतने के पश्चात मानव देह की प्राप्ति होती है, इसलिए इस देह को उपयोग व्यर्थ कामों में न करके जनकल्याण व ईश्वर भक्ति में समर्पित कर दें। इस मौके पर भगवान श्रीकृष्ण की जीवंत झांकियां सजाई गई, जिसे देखकर श्रद्धालु अभिभूत हो उठे। उन्होंने कहा कि प्रभु का अवतार अत्याचार को समाप्त करने और धर्म की स्थापना के लिए होता है। जब कंस ने अत्याचार की सभी मर्यादाएं तोड़ दी अत्याचारों से मुक्ति दिलाने के लिए प्रभु श्रीकृष्ण का जन्म हुआ। जैसे ही श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग कथा में आया तो श्रद्धालु हरे राधा-कृष्ण के उदघोष के साथ भाव विभोर होकर नृत्य करने लगे।
इस अवसर पर मुख्य यजमान अयोध्या प्रसाद मिश्र, अखिलेश, अरविंद, बालकृष्ण, जंग बहादुर मिश्रा, निधि, सौम्या, स्नेहा उपस्थित रहे।
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इस अवसर पर मुख्य यजमान अयोध्या प्रसाद मिश्र, अखिलेश, अरविंद, बालकृष्ण, जंग बहादुर मिश्रा, निधि, सौम्या, स्नेहा उपस्थित रहे।