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Siddharthnagar News: टंकी बनाई नहीं और शुरू कर दी सप्लाई, पानी पहुंचता है सिर्फ नाम का

Mon, 02 Feb 2026 10:48 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Mon, 02 Feb 2026 10:48 PM IST
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Siddharthnagar News : Don't build tanks and start supplying, water reaches only name
सिद्धार्थनगर। जल जीवन मिशन के तहत जिले में 476 परियोजनाओं में पानी की सप्लाई शुरू हो चुकी है। जबकि इसमें मात्र 224 परियोजनाओं पर ओवरहेड टैंक का निर्माण हो पाया है।
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वहीं 252 परियोजनाओं पर बिना पानी की टंकी के ही पानी सप्लाई शुरू हो गई है। इन जगहों पर मोटर से सुबह-शाम दो-दो घंटे के लिए पानी की सप्लाई होती है। जैसे ही मोटर बंद होता है वैसे ही सप्लाई बंद हो जाती है। इस दौरान पानी का प्रेशर भी काफी कम रहता है। कई जगहों पर क्षतिग्रस्त व अधूरे पाइपलाइन के कारण शुद्ध पानी भी नहीं मिल पा रहा है।
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जिले में 762 पेयजल परियोजनाओं के निर्माण के साथ ही 7856 किमी पाइपलाइन बिछाने के साथ ही 305993 घर को जोड़ते हुए टोंटियां लगाए जाने का लक्ष्य निर्धारित था। इनमें 6214 किमी पाइपलाइन बिछाते हुए 261702 घर में पानी की सप्लाई शुरू कर दी गई है। इनमें वहां भी पानी सप्लाई शुरू हो गई है जहां ओवरहेड टैंक का निर्माण नहीं कराया गया है।
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घोसियारी संवाद के अनुसार खेसरहा ब्लॉक के बदुरगहना गांव में अभी तक पानी की टंकी नहीं बन पाई है, लेकिन पाइपलाइन बिछा दी गई है। इससे संबद्ध गांवाें में लोगों के घर में टोटी तो लगी है, लेकिन पानी सप्लाई शुरू नहीं हो सकी है।
अभी तक पूरा नहीं हुआ काम : खुनियांव ब्लाॅक क्षेत्र के ग्राम बगहवा में हर घर नल से जल योजना के तहत 164.54 लाख रुपये की लागत से बन रहे वाटर टैंक का निर्माण कार्य वर्ष 2023 में शुरू हुआ था। वर्ष 2024 में गांव में पाइपलाइन डालकर पानी की सप्लाई शुरू करनी थी, लेकिन अभी तक काम पूरा नहीं हुआ है।
वहीं कार्यस्थल पर लगे सोलर पैनल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसी तरह भनवापुर, इटवा, खेसरहा, लोटन व उसका ब्लॉकों में भी निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी परियोजनाएं पूरी नहीं हो सकी है। ऐसे में ग्रामीण को शुद्ध पानी मिलना अभी दूर की कौड़ी दिखाई दे रही है।
दूषित पानी पीने को मजबूर ग्रामीण: तुलसियापुर। बढ़नी ब्लॉक में नेपाल सीमा के निकटवर्ती बाढ़ प्रभावित गांवों के हैंडपंपों का निकलने वाले दूषित पानी से यहां के लोग इंसेफेलाइटिस जैसी जानलेवा बीमारी से ग्रसित रहे हैं।
इसको देखते हुए शासन ने प्रभावित इलाकों तालकुंडा, गड़रखा, अहिरौला, मटियार उर्फ भुतहवा सहित अन्य गांवों में पानी की टंकी का निर्माण कराया है। दो वर्ष पानी सप्लाई करने का प्रयास भी किया गया था, लेकिन पाइपों के मानक के अनुरूप नहीं होने से लोगों के घर तक पानी नहीं पहुंच रहा।

खरिकौरा ग्राम पंचायत में सभी टोलों में पानी नहीं आ रहा है। इसी तरह गड़रखा में भी पानी नहीं आ रहा है। मानपुर में भी पानी नहीं आ रहा है। इसी प्रकार औदही कलां में डेढ़ साल पहले सड़कों को खोदकर पाइपलाइन बिछाई गई थी, लेकिन पानी की टंकी का निर्माण अभी तक नहीं हुआ है। जिससे यहां के लोग अशुद्ध पानी का उपयोग करने को मजबूर हैं।
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