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Siddharthnagar News: सती मैया के दरबार में नेपाल तक से पहुंचते हैं श्रद्धालु, सड़क और धर्मशाला की दरकार
Sun, 18 Oct 2026 11:27 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 18 Oct 2026 11:27 PM IST
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- बानगंगा नदी के किनारे स्थित प्राचीन मंदिर में नवरात्र पर उमड़ती है भीड़, मनौती पूरी होने पर चढ़ाते हैं कढ़ाई
- पक्की सड़क नहीं होने से श्रद्धालुओं को परेशानी, मंदिर परिसर में धर्मशाला बनवाने की मांग
तुलसियापुर। शोहरतगढ़ ब्लॉक के परसोहिया नानकार ग्राम पंचायत के कोमर टोले में बानगंगा नदी के किनारे स्थित सती मैया के प्राचीन मंदिर में शारदीय नवरात्र पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। आसपास के दर्जनों गांवों के साथ नेपाल से भी भक्त दर्शन-पूजन के लिए पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं में मान्यता है कि सती मैया के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई मुराद पूरी होती है। मनौती पूरी होने पर भक्त मंदिर परिसर में कढ़ाई चढ़ाते हैं।
बानगंगा चौराहे से दक्षिण करीब डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित इस मंदिर में रोजाना सैकड़ों श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। नवरात्र के दिनों में भक्तों की संख्या बढ़ जाती है। मंदिर काफी पुराना है। यहां पूरे वर्ष मुंडन और यज्ञोपवीत संस्कार भी कराए जाते हैं। नवरात्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालु कढ़ाई चढ़ाकर माता से सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
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बारिश के लिए भी मांगते हैं मन्नत
- स्थानीय लोगों के अनुसार, जब क्षेत्र में बारिश नहीं होती है तो आसपास के गांवों की महिलाएं ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से मंदिर पहुंचती हैं और अच्छी बारिश के लिए माता से प्रार्थना करती हैं। मंदिर परिसर में वर्ष में करीब एक बार यज्ञ का आयोजन भी होता है। यहां सती मैया के मुख्य मंदिर के साथ हनुमान जी का मंदिर, समय माता का स्थान और भगवान शिव की प्राचीन मूर्ति स्थापित है।
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पक्की सड़क और धर्मशाला की जरूरत
- मंदिर में दर्शन करने पहुंचे रामू यादव, जयराम, मनोज गौतम, रामकिशोर भारती, रमेश यादव, दुर्गेश चौहान और चंद्रकेश भारती ने बताया कि मंदिर तक पक्की सड़क नहीं होने से दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी होती है। मंदिर परिसर में धर्मशाला की भी जरूरत है, ताकि दूसरे गांवों और नेपाल से आने वाले श्रद्धालुओं को ठहरने की सुविधा मिल सके। उन्होंने मंदिर तक पक्की सड़क बनवाने और धर्मशाला का निर्माण कराने की मांग की।
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- पक्की सड़क नहीं होने से श्रद्धालुओं को परेशानी, मंदिर परिसर में धर्मशाला बनवाने की मांग
तुलसियापुर। शोहरतगढ़ ब्लॉक के परसोहिया नानकार ग्राम पंचायत के कोमर टोले में बानगंगा नदी के किनारे स्थित सती मैया के प्राचीन मंदिर में शारदीय नवरात्र पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। आसपास के दर्जनों गांवों के साथ नेपाल से भी भक्त दर्शन-पूजन के लिए पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं में मान्यता है कि सती मैया के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई मुराद पूरी होती है। मनौती पूरी होने पर भक्त मंदिर परिसर में कढ़ाई चढ़ाते हैं।
बानगंगा चौराहे से दक्षिण करीब डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित इस मंदिर में रोजाना सैकड़ों श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। नवरात्र के दिनों में भक्तों की संख्या बढ़ जाती है। मंदिर काफी पुराना है। यहां पूरे वर्ष मुंडन और यज्ञोपवीत संस्कार भी कराए जाते हैं। नवरात्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालु कढ़ाई चढ़ाकर माता से सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
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बारिश के लिए भी मांगते हैं मन्नत
- स्थानीय लोगों के अनुसार, जब क्षेत्र में बारिश नहीं होती है तो आसपास के गांवों की महिलाएं ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से मंदिर पहुंचती हैं और अच्छी बारिश के लिए माता से प्रार्थना करती हैं। मंदिर परिसर में वर्ष में करीब एक बार यज्ञ का आयोजन भी होता है। यहां सती मैया के मुख्य मंदिर के साथ हनुमान जी का मंदिर, समय माता का स्थान और भगवान शिव की प्राचीन मूर्ति स्थापित है।
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पक्की सड़क और धर्मशाला की जरूरत
- मंदिर में दर्शन करने पहुंचे रामू यादव, जयराम, मनोज गौतम, रामकिशोर भारती, रमेश यादव, दुर्गेश चौहान और चंद्रकेश भारती ने बताया कि मंदिर तक पक्की सड़क नहीं होने से दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी होती है। मंदिर परिसर में धर्मशाला की भी जरूरत है, ताकि दूसरे गांवों और नेपाल से आने वाले श्रद्धालुओं को ठहरने की सुविधा मिल सके। उन्होंने मंदिर तक पक्की सड़क बनवाने और धर्मशाला का निर्माण कराने की मांग की।