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Siddharthnagar News: श्रीराम कथा सुनने उमड़े श्रद्धालु भक्ति से सराबोर हुआ पंडाल
Thu, 22 Oct 2026 11:11 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 22 Oct 2026 11:11 PM IST
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भारतभारी। बेवा चौराहा स्थित अस्पताल रोड पर मां दुर्गा पूजा समारोह में बुधवार रात श्रीराम कथा का आयोजन किया गया। कथावाचक पंडित गिरजानंद मिश्र ने सीता स्वयंवर और शिव धनुष भंग का प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया। कथा सुनने के लिए पूजा पंडाल में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटे।
कथावाचक ने बताया कि राजा जनक ने माता सीता के स्वयंवर में शिव धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाने की शर्त रखी थी। स्वयंवर में पहुंचे बड़े-बड़े राजा धनुष को उठा तक नहीं सके। इसके बाद गुरु विश्वामित्र की आज्ञा पाकर भगवान श्रीराम ने शिव धनुष उठाया और उस पर प्रत्यंचा चढ़ाते ही धनुष टूट गया। इसके साथ ही स्वयंवर की शर्त पूरी हुई और माता सीता ने भगवान श्रीराम के गले में वरमाला डाल दी।
कथावाचक ने प्रसंग के माध्यम से भगवान श्रीराम की मर्यादा, गुरु के प्रति सम्मान और माता सीता के स्वयंवर की महत्ता बताई। कथा के दौरान पूजा पंडाल में भक्तिमय माहौल बना रहा। श्रद्धालु कथा का श्रवण करते रहे और जय श्रीराम के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।
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आयोजन समिति के डॉ. मनीष मिश्रा, सुमंत अग्रहरि, राम सुरेश चौरसिया, दिलीप धर दुबे, नंदलाल अग्रहरि सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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कथावाचक ने बताया कि राजा जनक ने माता सीता के स्वयंवर में शिव धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाने की शर्त रखी थी। स्वयंवर में पहुंचे बड़े-बड़े राजा धनुष को उठा तक नहीं सके। इसके बाद गुरु विश्वामित्र की आज्ञा पाकर भगवान श्रीराम ने शिव धनुष उठाया और उस पर प्रत्यंचा चढ़ाते ही धनुष टूट गया। इसके साथ ही स्वयंवर की शर्त पूरी हुई और माता सीता ने भगवान श्रीराम के गले में वरमाला डाल दी।
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कथावाचक ने प्रसंग के माध्यम से भगवान श्रीराम की मर्यादा, गुरु के प्रति सम्मान और माता सीता के स्वयंवर की महत्ता बताई। कथा के दौरान पूजा पंडाल में भक्तिमय माहौल बना रहा। श्रद्धालु कथा का श्रवण करते रहे और जय श्रीराम के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।
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आयोजन समिति के डॉ. मनीष मिश्रा, सुमंत अग्रहरि, राम सुरेश चौरसिया, दिलीप धर दुबे, नंदलाल अग्रहरि सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।