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Siddharthnagar News: बच्चों को चपेट में ले रहा निमोनिया, सांस लेने में परेशानी
Wed, 05 Nov 2025 11:03 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 05 Nov 2025 11:03 PM IST
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सिद्धार्थनगर। मौसम में तेजी से बदलाव होने से संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। नवजात और बच्चे तेजी से वायरल संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। किसी को जुकाम-खांसी, बुखार तो कोई किसी को निमोनिया अपनी चपेट में ले रहा है। परिजनों को जब तक निमोनिया के बारे में जानकारी होती है, तबतक तबीयत बिगड़ जाती है।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में वर्तमान समय में 100 से अधिक मरीज आ रहे हैं। इसमें से आठ से 10 बच्चों में निमोनिया का लक्षण भी मिल रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञों का कहना है कि खांसी के साथ सांस लेने में परेशानी बढ़ना, पसलियों के पास गड्ढा दिखना निमोनिया के मुख्य लक्षण हैं। ऐसा दिखे तो अभिभावक को तत्काल चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए।
मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय अग्रहरि ने बताया कि ओपीडी में आने वाले अधिकांश बच्चों में वायरल का संक्रमण है। 40 फीसदी बच्चों को बुखार, खांसी-जुकाम आदि की समस्या हो रही है।
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कई ऐसे बच्चे आ रहे हैं, जिनको निमोनिया की शुरुआत है तो कुछ निमोनिया की वजह से काफी बीमार हैं। बताया कि अभिभावकों को देखना चाहिए कि यदि उनका बच्चा सामान्य से ज्यादा रफ्तार से सांस ले रहा है, जुकाम-खांसी लगातार बनी हुई है तो समझ लें कि बच्चे को निमोनिया है।
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माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में वर्तमान समय में 100 से अधिक मरीज आ रहे हैं। इसमें से आठ से 10 बच्चों में निमोनिया का लक्षण भी मिल रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञों का कहना है कि खांसी के साथ सांस लेने में परेशानी बढ़ना, पसलियों के पास गड्ढा दिखना निमोनिया के मुख्य लक्षण हैं। ऐसा दिखे तो अभिभावक को तत्काल चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए।
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मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय अग्रहरि ने बताया कि ओपीडी में आने वाले अधिकांश बच्चों में वायरल का संक्रमण है। 40 फीसदी बच्चों को बुखार, खांसी-जुकाम आदि की समस्या हो रही है।
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कई ऐसे बच्चे आ रहे हैं, जिनको निमोनिया की शुरुआत है तो कुछ निमोनिया की वजह से काफी बीमार हैं। बताया कि अभिभावकों को देखना चाहिए कि यदि उनका बच्चा सामान्य से ज्यादा रफ्तार से सांस ले रहा है, जुकाम-खांसी लगातार बनी हुई है तो समझ लें कि बच्चे को निमोनिया है।