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Siddharthnagar News: शिवधनुष टूटते ही गूंजे जयकारे, कथा सुन भाव विभोर हुए श्रद्धालु

Sun, 18 Oct 2026 12:36 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Sun, 18 Oct 2026 12:36 AM IST
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Siddharthnagar News: Chants erupted the moment the Shiva-bow broke; devotees were overcome with emotion upon hearing the narrative
बनगवां नानकार गांव में आयोजित संगीतमयी श्रीराम कथा में श्रीराम-सीता विवाह की कथा सुनाई
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डुमरियागंज। तहसील क्षेत्र के बनगवां नानकार गांव में नवयुवक दुर्गा पूजा समिति की ओर से आयोजित संगीतमयी श्रीराम कथा में शनिवार की रात भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाह का प्रसंग सुनाया गया। कथावाचक बाबा विजय राघव दास रामायणी ने जनकपुर में सीता स्वयंवर से लेकर शिवधनुष भंग और विवाहोत्सव तक की कथा का भावपूर्ण वर्णन किया। प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भक्ति में डूब गए और पंडाल जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।

कथा में बताया गया कि ऋषि विश्वामित्र के साथ भगवान श्रीराम और लक्ष्मण जनकपुर पहुंचे, जहां राजा जनक ने पुत्री सीता के स्वयंवर का आयोजन किया था। शर्त थी कि जो वीर भगवान शिव के धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाएगा, उसी के साथ सीता का विवाह होगा। कई राजा-महाराजा प्रयास करने के बाद भी धनुष नहीं उठा सके। राजा जनक निराश होने लगे, तभी गुरु विश्वामित्र की आज्ञा पाकर श्रीराम आगे बढ़े। उन्होंने सहजता से धनुष उठाया और प्रत्यंचा चढ़ाते ही धनुष टूट गया। इसकी गूंज से स्वयंवर सभा गूंज उठी और माता सीता ने श्रीराम के गले में वरमाला डाल दी।
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इसके बाद राजा दशरथ परिवार सहित जनकपुर पहुंचे। वैदिक मंत्रोच्चार और मंगलगीतों के बीच श्रीराम-सीता का विवाह संपन्न हुआ। कथा में भरत-मांडवी, लक्ष्मण-उर्मिला और शत्रुघ्न-श्रुतकीर्ति के विवाह का भी प्रसंग सुनाया गया। विवाहोत्सव की कथा ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कथावाचक ने श्रीराम विवाह को प्रेम, मर्यादा, समर्पण और पारिवारिक संस्कारों का प्रतीक बताया।
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इस दौरान वीरेंद्र दूबे, सतीश दुबे, जय प्रकाश दूबे, कल्लू यादव, इंदल यादव, महेंद्र पांडेय सहित अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।
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