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Siddharthnagar News: बारिश और आंधी में 169 मकान, झोपड़ी और पशुशालाएं क्षतिग्रस्त
Wed, 21 Oct 2026 11:43 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 21 Oct 2026 11:43 PM IST
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खेसरहा क्षेत्र के रिउना गांव में दो घरों पर गिरा पेड़। फाइल फोटो
सिद्धार्थनगर। सितंबर में बेमौसम बारिश और आंधी-तूफान ने जिले में जमकर तबाही मचाई थी। तीन दिन तक हुई अतिवृष्टि और तेज हवाओं से मकानों, झोपड़ियों और पशुशालाओं को नुकसान पहुंचा था। आपदा प्रबंधन और राजस्व विभाग की ओर से कराए गए सर्वे में कुल 169 मकान, झोपड़ी और पशुशालाएं प्रभावित पाई गईं।
प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, प्रभावित परिवारों को कुल 18 लाख 30 हजार 500 रुपये का मुआवजा दिया जाना है। यह धनराशि डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी गई है। इससे पहले फसल क्षति से प्रभावित किसानों को भी मुआवजा दिया गया था।
नेपाल सीमा से सटे सिद्धार्थनगर जिले की गिनती प्रदेश के तराई क्षेत्रों में होती है। यहां अतिवृष्टि और बाढ़ के कारण अक्सर फसलों और मकानों को नुकसान पहुंचता है।
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इस वर्ष सितंबर के अंतिम सप्ताह में 24 से 26 सितंबर तक हुई भारी बारिश और आंधी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी थीं। कई स्थानों पर पेड़ गिरने और मकानों को क्षति पहुंचने की घटनाएं हुई थीं। बारिश और तेज हवा के कारण बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई थी।
प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए प्रशासन की ओर से आपदा प्रबंधन और राजस्व विभाग के माध्यम से सर्वे कराया गया। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर कच्चे-पक्के मकानों, झोपड़ियों और पशुशालाओं को हुए नुकसान का आकलन किया गया।
इसके बाद पात्र प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने की प्रक्रिया पूरी की गई। वहीं, बारिश से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कराकर किसानों को पहले ही मुआवजा दिया जा चुका है।
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प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, प्रभावित परिवारों को कुल 18 लाख 30 हजार 500 रुपये का मुआवजा दिया जाना है। यह धनराशि डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी गई है। इससे पहले फसल क्षति से प्रभावित किसानों को भी मुआवजा दिया गया था।
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नेपाल सीमा से सटे सिद्धार्थनगर जिले की गिनती प्रदेश के तराई क्षेत्रों में होती है। यहां अतिवृष्टि और बाढ़ के कारण अक्सर फसलों और मकानों को नुकसान पहुंचता है।
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इस वर्ष सितंबर के अंतिम सप्ताह में 24 से 26 सितंबर तक हुई भारी बारिश और आंधी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी थीं। कई स्थानों पर पेड़ गिरने और मकानों को क्षति पहुंचने की घटनाएं हुई थीं। बारिश और तेज हवा के कारण बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई थी।
प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए प्रशासन की ओर से आपदा प्रबंधन और राजस्व विभाग के माध्यम से सर्वे कराया गया। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर कच्चे-पक्के मकानों, झोपड़ियों और पशुशालाओं को हुए नुकसान का आकलन किया गया।
इसके बाद पात्र प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने की प्रक्रिया पूरी की गई। वहीं, बारिश से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कराकर किसानों को पहले ही मुआवजा दिया जा चुका है।