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शशि थरूर का पुतला जलाकर प्रदर्शन किया
ब्यूरो/ अमर उजाला, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 28 Mar 2016 11:17 PM IST
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मीटिंग में जाट नेता
- फोटो : amar ujala
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भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेसी नेता शशि थरूर के बयान से क्षुब्ध होकर सोमवार को कलेक्ट्रेट गेट के सामने पुतला जलाकर विरोध प्रदर्शन किया।
जिलाध्यक्ष रामकुमार कुंवर ने कहा कि कांग्रेसी नेता शशि थरुर ने जेनयू विश्वविद्यालय के छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया की तुलना अमर शहीद भगत सिंह से कर के देशद्रोही तत्वों का मनोबल बढ़ाने का काम किया है। उनके इस बयान ने करोड़ो देशवासियों के दिलों पर चोट पहुंचाने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि सच्ची देशभक्ति वही होती है जो देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का न्योछावर कर दें। शहीद भगत सिंह ने देश को आजाद कराने के लिए अपने प्राण की बलि दी थी। ऐसे में छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया से देशभक्त की तुलना करना देशद्रोह में ही आता है।
कन्हैया ने विवादित बयान से देश के करोड़ों लोगों में अब भी रोष व्याप्त है। आगे कहा कि कांग्रेसी नेता को सोच समझ कर बयानबाजी करनी चाहिए। अगर उनका दिमाग ठिकाने नहीं है तो डॉक्टर से इलाज कराएं। पूर्व के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी अपनी करनी-कथनी का हश्र देख चुकी है।
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पूरे देश की जनता ने एक सिरे से कांग्रेस को नकार दिया और भाजपा को अपना समर्थन देकर देश के सबसे बड़ी कुर्सी पर स्थापित कराया। केंद्र की मोदी सरकार जनहित में कार्य कर रही है। अच्छे दिनों की शुरूआत हो चुकी है। आने वाले समय में ऐसे विपक्षी दलों के नेताओं के सामने कोई विकल्प नहीं दिख रहा है। इसलिए उल्टा-सीधा बयानबाजी कर सुर्खियों में बने रहने का काम कर रहे हैं जिससे जनता क्षुब्ध है।
इसके बाद पार्टी कार्यालय से कांग्रेस के नेता शशि थरूर का प्रतीकात्मक पुतला लेकर नगर में भ्रमण करते हुए कलेक्ट्रेट गेट के सामने पुतला फूंका और नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
इस दौरान लालजी त्रिपाठी, घनश्याम जायसवाल, गौरव मिश्र, मनोज चौबे, देवेंद्र मिश्र, नितेश पांडेय, श्याम सुंदर मित्तल, अरविंद उपाध्याय, मंगल चौरसिया, सुबाष मिश्र, उदयपाल वर्मा, रामलखन उपाध्याय, दीपक मौर्य, आशीष शुक्ल, फूलचंद जायसवाल, बिंदुमणि मिश्र, भुवनेश्वर, रामसनेही, रमेश पांडेय, राजू यादव, हरिशंकर, जेपी विद्यार्थी, कन्हैया पासवान, ज्ञानेंद्र चौबे आदि मौजूद रहे।
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जिलाध्यक्ष रामकुमार कुंवर ने कहा कि कांग्रेसी नेता शशि थरुर ने जेनयू विश्वविद्यालय के छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया की तुलना अमर शहीद भगत सिंह से कर के देशद्रोही तत्वों का मनोबल बढ़ाने का काम किया है। उनके इस बयान ने करोड़ो देशवासियों के दिलों पर चोट पहुंचाने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि सच्ची देशभक्ति वही होती है जो देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का न्योछावर कर दें। शहीद भगत सिंह ने देश को आजाद कराने के लिए अपने प्राण की बलि दी थी। ऐसे में छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया से देशभक्त की तुलना करना देशद्रोह में ही आता है।
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कन्हैया ने विवादित बयान से देश के करोड़ों लोगों में अब भी रोष व्याप्त है। आगे कहा कि कांग्रेसी नेता को सोच समझ कर बयानबाजी करनी चाहिए। अगर उनका दिमाग ठिकाने नहीं है तो डॉक्टर से इलाज कराएं। पूर्व के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी अपनी करनी-कथनी का हश्र देख चुकी है।
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पूरे देश की जनता ने एक सिरे से कांग्रेस को नकार दिया और भाजपा को अपना समर्थन देकर देश के सबसे बड़ी कुर्सी पर स्थापित कराया। केंद्र की मोदी सरकार जनहित में कार्य कर रही है। अच्छे दिनों की शुरूआत हो चुकी है। आने वाले समय में ऐसे विपक्षी दलों के नेताओं के सामने कोई विकल्प नहीं दिख रहा है। इसलिए उल्टा-सीधा बयानबाजी कर सुर्खियों में बने रहने का काम कर रहे हैं जिससे जनता क्षुब्ध है।
इसके बाद पार्टी कार्यालय से कांग्रेस के नेता शशि थरूर का प्रतीकात्मक पुतला लेकर नगर में भ्रमण करते हुए कलेक्ट्रेट गेट के सामने पुतला फूंका और नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
इस दौरान लालजी त्रिपाठी, घनश्याम जायसवाल, गौरव मिश्र, मनोज चौबे, देवेंद्र मिश्र, नितेश पांडेय, श्याम सुंदर मित्तल, अरविंद उपाध्याय, मंगल चौरसिया, सुबाष मिश्र, उदयपाल वर्मा, रामलखन उपाध्याय, दीपक मौर्य, आशीष शुक्ल, फूलचंद जायसवाल, बिंदुमणि मिश्र, भुवनेश्वर, रामसनेही, रमेश पांडेय, राजू यादव, हरिशंकर, जेपी विद्यार्थी, कन्हैया पासवान, ज्ञानेंद्र चौबे आदि मौजूद रहे।