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बच्चों का भविष्य संवारें शिक्षक
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 14 May 2016 11:08 PM IST
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शोहरतगढ़ बीआरसी में हुई संगोष्ठी को संबोधित करते शिक्षक।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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ब्लॉक संसाधन केंद्र परिसर में शनिवार को पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ की ओर से शैक्षणिक संगोष्ठी का आयोजन हुआ। इसमें वक्ताओं ने विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने व गुणवत्तापरक शिक्षा मुहैया कराने को लेकर शिक्षकों को अपने दायित्व का बोध कराया।
संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. अरुणेंद्र प्रसाद त्रिपाठी ने कहा कि 21वीं सदी में हमारा देश विकास की ओर तेजी से अग्रसर हो रहा है। शहर से लेकर गांव तक आधुनिक सुख-सुविधाओं का भोग लोग कर रहे हैं।
इसके बावजूद भी परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की स्थिति बिगड़ती जा रही है। इसे दूर करने की जिम्मेदारी विभाग में तैनात शिक्षकों की है। शिक्षक अपने दायित्व का निर्वहन ईमानदारी से करें तो निश्चित ही ग्रामीण अंचल के छात्रों का भविष्य उज्जवल होगा और यही बच्चे आगे चलकर देश के विकास में सहायक सिद्ध होंगे।
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उन्होंने नए सत्र में पूर्व माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों से विद्यालयों में छात्रों की संख्या व पठन-पाठन को सुदृढ़ बनाने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि संघ के महामंत्री अयोध्या प्रसाद ने कहा कि शिक्षक साथियों की समस्या का समाधान कराना संगठन के पदाधिकारियों का प्रथम दायित्व है।
इसके लिए चाहे बीएसए से लड़ाई ही लडनी क्यों न पड़े। हमारे शिक्षक बंधु अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन ईमानदारी से करें। बीईओ गोपाल मिश्र ने कहा कि सरकार की मंशानुसार परिषदीय स्कूल के पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा-6 से 8 तक के बालक-बालिकाओं को गुणवत्तापरक शिक्षा मुहैया करा कर भविष्य को उज्जवल बनाने का काम करें।
संगोष्ठी में मंडलीय मंत्री राधेश्याम वर्मा, माशिसं अध्यक्ष द्विजेंद्रराम त्रिपाठी, माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री रामविलास यादव आदि ने भी अपने विचार रखे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत्त शिक्षक संतराम मौर्य व संचालन अतीउल्लाह ने की। इस दौरान संघ के जिला पर्यवेक्षक बालजीत कुमार, सह समन्वयक मुश्तन शेरुल्लाह, सह समन्वयक मनोज यादव, गायत्री देवी, आशुतोष सिंह, हरीश ओझा, अवधेश सिंह, अभय सिंह, सुशील सिंह, कृष्ण कुमार मिश्र, अभय कश्यप, राजकुमार, सावित्री देवी, अपूर्व श्रीवास्तव, राजबलि, रामसेवक, मीना कुमारी, वासदेव आदि उपस्थित रहे।
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संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. अरुणेंद्र प्रसाद त्रिपाठी ने कहा कि 21वीं सदी में हमारा देश विकास की ओर तेजी से अग्रसर हो रहा है। शहर से लेकर गांव तक आधुनिक सुख-सुविधाओं का भोग लोग कर रहे हैं।
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इसके बावजूद भी परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की स्थिति बिगड़ती जा रही है। इसे दूर करने की जिम्मेदारी विभाग में तैनात शिक्षकों की है। शिक्षक अपने दायित्व का निर्वहन ईमानदारी से करें तो निश्चित ही ग्रामीण अंचल के छात्रों का भविष्य उज्जवल होगा और यही बच्चे आगे चलकर देश के विकास में सहायक सिद्ध होंगे।
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उन्होंने नए सत्र में पूर्व माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों से विद्यालयों में छात्रों की संख्या व पठन-पाठन को सुदृढ़ बनाने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि संघ के महामंत्री अयोध्या प्रसाद ने कहा कि शिक्षक साथियों की समस्या का समाधान कराना संगठन के पदाधिकारियों का प्रथम दायित्व है।
इसके लिए चाहे बीएसए से लड़ाई ही लडनी क्यों न पड़े। हमारे शिक्षक बंधु अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन ईमानदारी से करें। बीईओ गोपाल मिश्र ने कहा कि सरकार की मंशानुसार परिषदीय स्कूल के पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा-6 से 8 तक के बालक-बालिकाओं को गुणवत्तापरक शिक्षा मुहैया करा कर भविष्य को उज्जवल बनाने का काम करें।
संगोष्ठी में मंडलीय मंत्री राधेश्याम वर्मा, माशिसं अध्यक्ष द्विजेंद्रराम त्रिपाठी, माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री रामविलास यादव आदि ने भी अपने विचार रखे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत्त शिक्षक संतराम मौर्य व संचालन अतीउल्लाह ने की। इस दौरान संघ के जिला पर्यवेक्षक बालजीत कुमार, सह समन्वयक मुश्तन शेरुल्लाह, सह समन्वयक मनोज यादव, गायत्री देवी, आशुतोष सिंह, हरीश ओझा, अवधेश सिंह, अभय सिंह, सुशील सिंह, कृष्ण कुमार मिश्र, अभय कश्यप, राजकुमार, सावित्री देवी, अपूर्व श्रीवास्तव, राजबलि, रामसेवक, मीना कुमारी, वासदेव आदि उपस्थित रहे।