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स्कूल खुले, बारिश के चलते नहीं पहुंचे विद्यार्थी
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कमपोजिट जूनियर हाई स्कूल तेतरी बाजार में शिक्षक मौजूद रहीं, बच्चे नहीं आए।
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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स्कूल खुले, बारिश के चलते नहीं पहुंचे विद्यार्थी
सिद्धार्थनगर। कोरोना संक्रमण के चलते कई महीने बाद मंगलवार को पूर्व माध्यमिक विद्यालय तो खुले, लेकिन बारिश के चलते विद्यार्थी नहीं आए। सुबह से ही मूसलाधार बारिश जारी रहा। प्राइवेट स्कूलों में कुछ बच्चे पहुंचे थे, जहां कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए उन्हें बैठाया गया।
हालांकि शिक्षक विद्यालय में उपस्थित रहे। उनका कहना था कि बारिश के कारण बच्चे स्कूल नहीं आए। विद्यालय खोले जाने की जानकारी उन्हें पहले ही दी जा चुकी है। कोरोना संक्रमण दर में कमी आई तो शासन ने विद्यालय खोलने का आदेश दे दिया है। 23 अगस्त से विद्यालय खोलने का आदेश था। मगर पूर्व सीएम कल्याण सिंह के निधन की वजह से राजकीय अवकाश था। इस लिए विद्यालय मंगलवार को खुले। हालांकि सुबह से ही तेज बारिश के कारण बच्चे विद्यालय नहीं पहुंच सके। वैसे भी पिछले कई दिनों से जिले में रुक-रुककर बारिश हो रही है।
कई क्षेत्रों में बाढ़ से गांव घिरे हुए हैं। इस लिए वहां के विद्यालय पहले से ही बंद हैं। बच्चे स्कूल जाने के लिए उत्सुक तो थे, लेकिन बारिश के चलते कदम रुक गए। चाहते हुए भी वे विद्यालय नहीं जा सके। मुख्यालय के आर्यनगर में स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में सभी शिक्षक उपस्थित रहे, मगर बच्चे नहीं थे। शिक्षकों ने बताया कि स्कूल खुलने के बारे में बच्चों के अभिभावकों को जानकारी दी गई थी। मगर सुबह से ही तेज बारिश हो रही है। इसकी वजह से बच्चे स्कूल नहीं आ पाए हैं। वहीं बेलसड स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय खुला था और शिक्षक भी मौजूद थे। शिक्षकों का कहना था कि विद्यालय खोला गया है। बारिश सुबह से ही जारी है। इस लिए बच्चे स्कूल नहीं आ पाए।
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वहीं नगर से सटे उसका ब्लॉक दतरंगवा विद्यालय खुला हुआ था और शिक्षक मौजूद थीं। कमोबेस लगभग सभी विद्यालयों की यही स्थिति रही। बारिश होने के कारण बच्चे स्कूल तक नहीं पहुंच सके। इस संबंध में बीएसए राजेंद्र सिंह ने बताया कि विद्यालय सभी खुले हुए थे। बच्चों को बुलाया गया था। शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए बच्चों को कक्षा में बैठाएं।
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सिद्धार्थनगर। कोरोना संक्रमण के चलते कई महीने बाद मंगलवार को पूर्व माध्यमिक विद्यालय तो खुले, लेकिन बारिश के चलते विद्यार्थी नहीं आए। सुबह से ही मूसलाधार बारिश जारी रहा। प्राइवेट स्कूलों में कुछ बच्चे पहुंचे थे, जहां कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए उन्हें बैठाया गया।
हालांकि शिक्षक विद्यालय में उपस्थित रहे। उनका कहना था कि बारिश के कारण बच्चे स्कूल नहीं आए। विद्यालय खोले जाने की जानकारी उन्हें पहले ही दी जा चुकी है। कोरोना संक्रमण दर में कमी आई तो शासन ने विद्यालय खोलने का आदेश दे दिया है। 23 अगस्त से विद्यालय खोलने का आदेश था। मगर पूर्व सीएम कल्याण सिंह के निधन की वजह से राजकीय अवकाश था। इस लिए विद्यालय मंगलवार को खुले। हालांकि सुबह से ही तेज बारिश के कारण बच्चे विद्यालय नहीं पहुंच सके। वैसे भी पिछले कई दिनों से जिले में रुक-रुककर बारिश हो रही है।
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कई क्षेत्रों में बाढ़ से गांव घिरे हुए हैं। इस लिए वहां के विद्यालय पहले से ही बंद हैं। बच्चे स्कूल जाने के लिए उत्सुक तो थे, लेकिन बारिश के चलते कदम रुक गए। चाहते हुए भी वे विद्यालय नहीं जा सके। मुख्यालय के आर्यनगर में स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में सभी शिक्षक उपस्थित रहे, मगर बच्चे नहीं थे। शिक्षकों ने बताया कि स्कूल खुलने के बारे में बच्चों के अभिभावकों को जानकारी दी गई थी। मगर सुबह से ही तेज बारिश हो रही है। इसकी वजह से बच्चे स्कूल नहीं आ पाए हैं। वहीं बेलसड स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय खुला था और शिक्षक भी मौजूद थे। शिक्षकों का कहना था कि विद्यालय खोला गया है। बारिश सुबह से ही जारी है। इस लिए बच्चे स्कूल नहीं आ पाए।
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वहीं नगर से सटे उसका ब्लॉक दतरंगवा विद्यालय खुला हुआ था और शिक्षक मौजूद थीं। कमोबेस लगभग सभी विद्यालयों की यही स्थिति रही। बारिश होने के कारण बच्चे स्कूल तक नहीं पहुंच सके। इस संबंध में बीएसए राजेंद्र सिंह ने बताया कि विद्यालय सभी खुले हुए थे। बच्चों को बुलाया गया था। शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए बच्चों को कक्षा में बैठाएं।