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कलेक्ट्रेट पर गरजे ग्राम प्रधान
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 22 Aug 2016 10:19 PM IST
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कलेक्ट्रेट में प्रधान संघ के धरने को संबोधित करते पदाधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सिद्धार्थनगर। दस हजार रुपये मानदेय सहित 15 सूूत्रीय मांगों को लेकर ग्राम प्रधानों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में धरना दिया। राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन के बैनर तले लामबंद प्रधानों ने एकजुटता दिखाते हुए मांगों के समर्थन में नारे लगाए। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। प्रधानों ने चेतावनी दी कि अगर समस्याएं दूर न हुई तो वह आंदोलन को उग्र रूप देने को बाध्य होंगे।
धरने में जिलाध्यक्ष आशुतोष मिश्र ने कहा कि सरकार और प्रशासन दोनों ही ग्राम प्रधानों के अधिकारों का हनन कर रहे हैं। प्रधानों का शोषण किया जा रहा है। इसे संगठन किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि चुनाव को हुए 8 माह बीतने के बाद भी 14वें वित्त आयोग की धनराशि खर्च करने की गाइड लाइन स्पष्ट नहीं की गई।
पूरा अधिकार पंचायतों को देेते हुए स्पष्ट आदेश दिया जाए। ग्राम पंचायतों में होने वाली बैठक पर खर्च होने वाले धन को पांच हजार रुपये प्रतिवर्ष से बढ़ाकर 20 हजार रुपये किया जाए। आकस्मिक खर्च के लिए एक हजार की धनराशि को बढ़ाकर 10 हजार रुपये प्रतिमाह दिया जाए।
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प्रधानों के सम्मान में उसका पालन नहीं किया जाता है, उसका पालन किया जाए। ग्राम प्रधानों की जांच होती है, उस पर स्पष्ट आदेश दिया जाए। ढाई हजार रुपये प्रति माह मानदेय को बढ़ाकर 10 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए। ग्राम प्रधानों के साथ दुर्घटना होने पर दस लाख रुपये का बीमा किया जाए। राजस्व संहिता को आधार बनाई गई राजस्व समितियों को तत्काल निरस्त किया जाए। ग्राम पंचायत स्तर पर गठित शिक्षा समिति को प्रभावी बनाते हुए प्रबंध समिति को निरस्त करने सहित अन्य मांगों को जल्द पूरा किया जाएगा।
मंडल अध्यक्ष ताकिब रिजवी ने कहा कि ग्राम प्रधानों पर बढ़ते हुए अत्याचार के खिलाफ हमेशा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर मांगे जल्द पूरी नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान जिला संरक्षक श्याम नरायन मौर्य, पवन मिश्र, जितेंद्र कुमार उर्फ बब्लू बट्ट, विनोद तिवारी, जयंत पांडेय, शकील अहमद, विजय यादव, शीला यादव, वीरेन्द्र तिवारी, सतीश सिंह, ओंकार यादव, दिवाकर पांडेय, मनोज दुबे, जवाहिर यादव, हरिशंकर तिवारी, केके चौधरी आदि मौजूद रहे।
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धरने में जिलाध्यक्ष आशुतोष मिश्र ने कहा कि सरकार और प्रशासन दोनों ही ग्राम प्रधानों के अधिकारों का हनन कर रहे हैं। प्रधानों का शोषण किया जा रहा है। इसे संगठन किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि चुनाव को हुए 8 माह बीतने के बाद भी 14वें वित्त आयोग की धनराशि खर्च करने की गाइड लाइन स्पष्ट नहीं की गई।
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पूरा अधिकार पंचायतों को देेते हुए स्पष्ट आदेश दिया जाए। ग्राम पंचायतों में होने वाली बैठक पर खर्च होने वाले धन को पांच हजार रुपये प्रतिवर्ष से बढ़ाकर 20 हजार रुपये किया जाए। आकस्मिक खर्च के लिए एक हजार की धनराशि को बढ़ाकर 10 हजार रुपये प्रतिमाह दिया जाए।
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प्रधानों के सम्मान में उसका पालन नहीं किया जाता है, उसका पालन किया जाए। ग्राम प्रधानों की जांच होती है, उस पर स्पष्ट आदेश दिया जाए। ढाई हजार रुपये प्रति माह मानदेय को बढ़ाकर 10 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए। ग्राम प्रधानों के साथ दुर्घटना होने पर दस लाख रुपये का बीमा किया जाए। राजस्व संहिता को आधार बनाई गई राजस्व समितियों को तत्काल निरस्त किया जाए। ग्राम पंचायत स्तर पर गठित शिक्षा समिति को प्रभावी बनाते हुए प्रबंध समिति को निरस्त करने सहित अन्य मांगों को जल्द पूरा किया जाएगा।
मंडल अध्यक्ष ताकिब रिजवी ने कहा कि ग्राम प्रधानों पर बढ़ते हुए अत्याचार के खिलाफ हमेशा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर मांगे जल्द पूरी नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान जिला संरक्षक श्याम नरायन मौर्य, पवन मिश्र, जितेंद्र कुमार उर्फ बब्लू बट्ट, विनोद तिवारी, जयंत पांडेय, शकील अहमद, विजय यादव, शीला यादव, वीरेन्द्र तिवारी, सतीश सिंह, ओंकार यादव, दिवाकर पांडेय, मनोज दुबे, जवाहिर यादव, हरिशंकर तिवारी, केके चौधरी आदि मौजूद रहे।