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Siddharthnagar News: ...राम वही जो भारत की पहचान बनाने वाले हैं
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सिद्धार्थ नगर महोत्सव में आयोजित कवि सम्मेलन में अपनी रचनाओं को प्रस्तुत करते कवि। संवाद
: सिद्धार्थनगर महोत्सव में कवि सम्मेलन में लोगों ने देर रात तक उठाया लुत्फ
-कवियों प्रस्तुति पर श्रोता देर रात तक वाहवाही करते रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थनगर महोत्सव में मंगलवार की रात कवि सम्मेलन के नाम रही। ठंड में भी कवियों व शायरों की रचनाओं पर श्राेता देर रात तक तालियों की गड़गड़ाहट से उनका हौसला अफजाई करते हुए ठहाके लगाते रहे। कवियों को भी उनका साथ मिला, तो देर रात तक अपनी रचनाएं सुनाते रहे। कवि सम्मेलन की शुरुआत सबीना अदीब की सरस्वती वंदना से हुई।
कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए कवियित्री विभा सिंह ने ढोल संग जाऊं न कहार संग जाऊंगी, मैं तो परदेशिया के प्यार संग जाऊंगी... की प्रस्तुति ने जमकर तालियां बटोरी। इसके बाद कवि सम्मेलन को वीर रस की कविता से धार्मिक रंग देते हुए कवि प्रखर मिश्र की प्रस्तुति राम वही केवट का अभिमान बढ़ाने वाले हैं, राम वही सबरी का सम्मान बढ़ाने वाले हैं, राम वही जो भारत की पहचान बनाने वाले हैं।
साथ ही राजनीति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि राम वही जो यूपी की सरकार बनाने वाले हैं। साथ ही बहुत दिनों बाद अवध में केसरिया लहराया है, राम का मंदिर बना मगर घनश्याम का मंदिर बाकी है... की प्रस्तुति पर पंडाल जय श्रीराम से गूंज उठा। कवियित्री अंकिता सिंह की बहुत चाहा मगर जज्बात की आंधी नहीं रुकती, हमारे दिल पर जो चलती वो आरी नहीं रुकती... पर दर्शकदीर्घा वाह-वाह से हौसला अफजाई करता दिखा। कवि सौरभ सुमन जैन के संचालन में आयोजित कवि सम्मेलन में कवियित्री गौरी मिश्रा के वीर रस की कविताओं से दर्शक रोमांचित हो उठे तो कवि विनोद पाल की हास्य व्यंग्य की रचनाओं को सुनकर जमकर ठहाके लगाए। इस दौरान पंडाल में दर्शक अंत तक जमे रहे।
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-कवियों प्रस्तुति पर श्रोता देर रात तक वाहवाही करते रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थनगर महोत्सव में मंगलवार की रात कवि सम्मेलन के नाम रही। ठंड में भी कवियों व शायरों की रचनाओं पर श्राेता देर रात तक तालियों की गड़गड़ाहट से उनका हौसला अफजाई करते हुए ठहाके लगाते रहे। कवियों को भी उनका साथ मिला, तो देर रात तक अपनी रचनाएं सुनाते रहे। कवि सम्मेलन की शुरुआत सबीना अदीब की सरस्वती वंदना से हुई।
कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए कवियित्री विभा सिंह ने ढोल संग जाऊं न कहार संग जाऊंगी, मैं तो परदेशिया के प्यार संग जाऊंगी... की प्रस्तुति ने जमकर तालियां बटोरी। इसके बाद कवि सम्मेलन को वीर रस की कविता से धार्मिक रंग देते हुए कवि प्रखर मिश्र की प्रस्तुति राम वही केवट का अभिमान बढ़ाने वाले हैं, राम वही सबरी का सम्मान बढ़ाने वाले हैं, राम वही जो भारत की पहचान बनाने वाले हैं।
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साथ ही राजनीति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि राम वही जो यूपी की सरकार बनाने वाले हैं। साथ ही बहुत दिनों बाद अवध में केसरिया लहराया है, राम का मंदिर बना मगर घनश्याम का मंदिर बाकी है... की प्रस्तुति पर पंडाल जय श्रीराम से गूंज उठा। कवियित्री अंकिता सिंह की बहुत चाहा मगर जज्बात की आंधी नहीं रुकती, हमारे दिल पर जो चलती वो आरी नहीं रुकती... पर दर्शकदीर्घा वाह-वाह से हौसला अफजाई करता दिखा। कवि सौरभ सुमन जैन के संचालन में आयोजित कवि सम्मेलन में कवियित्री गौरी मिश्रा के वीर रस की कविताओं से दर्शक रोमांचित हो उठे तो कवि विनोद पाल की हास्य व्यंग्य की रचनाओं को सुनकर जमकर ठहाके लगाए। इस दौरान पंडाल में दर्शक अंत तक जमे रहे।
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