फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   Police cordon office, burnt effigies of Maneka Gandhi

पुलिस ऑफिस घेरा, मेनका गांधी का पुतला फूंका

Wed, 21 Sep 2016 11:15 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ,सिद्धार्थनगर
ब्यूरो/अमर उजाला ,सिद्धार्थनगर Updated Wed, 21 Sep 2016 11:15 PM IST
विज्ञापन
Police cordon office, burnt effigies of Maneka Gandhi
आंगनबाड़ी वर्कर - फोटो : अमर उजाला
 महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ ने बुधवार को पुलिस कार्यालय घेर लिया। मुख्य गेट जामकर शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारे लगाए। केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी का पुतला फूंका। कार्यकर्ताओं ने कमिश्नर और डीआईजी को ज्ञापन भी सौंपा। चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं होती तो वह आंदोलन जारी रखेंगे। कमिश्नर के आश्वासन पर करीब एक घंटे बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता वापस लौटीं।
विज्ञापन

15 सूत्रीय मांगों के समर्थन में आंदोलनरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बुधवार को कलेक्ट्रेट में एकत्रित हुईं। यहां से दोपहर बाद जुलूस के रूप में पुलिस कार्यालय की ओर कूच कर गईं। सैकड़ों की तादाद में जुटी कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्यालय के मुख्य गेट को जाम कर दिया। केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय महिला कल्याण व बाल विकास मंत्री मेनका गांधी का प्रतीक पुतला जलाया। आंदोलन की सूचना के बाद पुलिस लाइन में बैठक ले रहे कमिश्नर दिनेश सिंह ने संघ के प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाया। रेस्ट हाउस परिसर में वार्ता के दौरान कमिश्नर ने बताया कि उच्चाधिकारियों से वार्ता हुई है। संघ के मांगों से अवगत करा दिया गया है। शासन उनकी समस्याओं पर गंभीर है। जल्द ही समाधान निकलेगा। वार्ता के बाद कार्यकर्ता वापस लौटीं। विरोध प्रदर्शन व जाम में जिलाध्यक्ष प्रभावती देवी, जिला संरक्षक मकबूल आलम, किरन श्रीवास्तव, रीता पांडेय, पूनम त्रिपाठी आदि शामिल रहीं।
विज्ञापन

इनसेट
महिला संगठन का पुरुष संरक्षक देख चौंके कमिश्नर 
पीडब्लूडी रेस्ट हाउस में महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ का  प्रतिनिधिमंडल कमिश्नर से वार्ता के लिए पहुंचा तो संरक्षक के तौर पर मकबूल आलम भी साथ थे। कमिश्नर की नजर उन पर पड़ी तो परिचय पूछा। महिला संगठन का संरक्षक बताए जाने पर वह चौंक गए। पूछा कि क्या वह आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं, जवाब था नहीं। करते क्या हैं तो बताया गया खेती-बाड़ी। फिर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के संरक्षक कैसे बन गए... कमिश्नर के इस सवाल पर संघ निरुत्तर था।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed