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हड्डियों का दर्द दूर करने को फिजियोथेरेपिस्ट की दरकार
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हड्डियों का दर्द दूर करने के लिए फिजियोथेरेपिस्ट की दरकार
सिद्धार्थनगर। संयुक्त जिला चिकित्सालय में फिजियोथेरेपी नहीं होने के कारण हड्डी और नस के मरीजों का दर्द दूर करने में समस्या आ रही है। डॉक्टरों के अनुसार फिजियोथेरेपी के माध्यम से इलाज में आसानी होती है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 25 से 30 मरीजों को फिजियोथैरेपी की आवश्यकता होती है।
संयुक्त जिला चिकित्सालय को माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध होने के बाद भी फिजियोथेरेपी की सुविधा नहीं मिल रही है। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 900 से 1100 मरीज पहुंच रहे हैं जिसमें हड्डी की ओपीडी में 150 से 200 मरीज पंजीयन कराते हैं। जिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. नीना वर्मा ने बताया कि जिला अस्पताल में फिजियोथेरेपिस्ट का पद सृजित नहीं है।
कई बीमारियों में उपयोगी है फिजियोथेरेपी
जिला अस्पताल के ऑर्थो सर्जन डॉ. विमल द्विवेदी ने बताया कि हड्डी एवं नस के मरीजों के इलाज में फिजियोथैरेपी की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऑपरेशन के बाद हड्डियों को सही स्थान पर पहुंचाने में फिजियोथैरेपी मददगार होती है। कसरत के साथ ही इलेक्ट्रोथेरेपी यानी मशीनों के माध्यम से दर्द दूर करने में आसानी होती है। वेंटिलेटर के मरीजों के फेफड़े से बलगम बाहर निकालने में भी फिजियोथेरेपी की भूमिका है। मांसपेशियों खिंचाव होने पर दवा के साथ फिजियोथेरेपी हो तो जल्दी आराम मिल जाता है।
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माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन होने के बाद जिला अस्पताल में सुविधाएं निरंतर बेहतर हो रही है। जिला अस्पताल में फिजियोथैरेपी भी शुरू करने का प्रयास किया जाएगा।
-डॉ. सलिल श्रीवास्तव, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज
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सिद्धार्थनगर। संयुक्त जिला चिकित्सालय में फिजियोथेरेपी नहीं होने के कारण हड्डी और नस के मरीजों का दर्द दूर करने में समस्या आ रही है। डॉक्टरों के अनुसार फिजियोथेरेपी के माध्यम से इलाज में आसानी होती है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 25 से 30 मरीजों को फिजियोथैरेपी की आवश्यकता होती है।
संयुक्त जिला चिकित्सालय को माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध होने के बाद भी फिजियोथेरेपी की सुविधा नहीं मिल रही है। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 900 से 1100 मरीज पहुंच रहे हैं जिसमें हड्डी की ओपीडी में 150 से 200 मरीज पंजीयन कराते हैं। जिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. नीना वर्मा ने बताया कि जिला अस्पताल में फिजियोथेरेपिस्ट का पद सृजित नहीं है।
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कई बीमारियों में उपयोगी है फिजियोथेरेपी
जिला अस्पताल के ऑर्थो सर्जन डॉ. विमल द्विवेदी ने बताया कि हड्डी एवं नस के मरीजों के इलाज में फिजियोथैरेपी की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऑपरेशन के बाद हड्डियों को सही स्थान पर पहुंचाने में फिजियोथैरेपी मददगार होती है। कसरत के साथ ही इलेक्ट्रोथेरेपी यानी मशीनों के माध्यम से दर्द दूर करने में आसानी होती है। वेंटिलेटर के मरीजों के फेफड़े से बलगम बाहर निकालने में भी फिजियोथेरेपी की भूमिका है। मांसपेशियों खिंचाव होने पर दवा के साथ फिजियोथेरेपी हो तो जल्दी आराम मिल जाता है।
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माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन होने के बाद जिला अस्पताल में सुविधाएं निरंतर बेहतर हो रही है। जिला अस्पताल में फिजियोथैरेपी भी शुरू करने का प्रयास किया जाएगा।
-डॉ. सलिल श्रीवास्तव, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज