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Siddharthnagar News: बहने लगी फाल्गुनी बयार, महादेव और कान्हा की शुरू हुई उपासना
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। रंगों और धार्मिक उत्सवों का महीना फाल्गुन प्रारंभ हो गया। इसमें महाशिवरात्रि, होली, रंगपंचमी सहित कई त्योहार और व्रत होंगे। भगवान शिव की भक्ति के साथ ही भगवान विष्णु के अवतार श्री नरसिंह एवं श्रीकृष्ण भगवान की आराधना की जाएगी। त्योहारों को लेकर शहर व ग्रामीण इलाकों में लोगों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
हिंदू पंचांग का अंतिम महीना फाल्गुन को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण और पवित्र माना जाता है, जो भक्ति का उल्लास और रंग-गुलाल से सराबोर रहता है। इस माह में रंग-बिरंगे नए फूल भी खिलने लगते हैं। मंदिरों में फाल्गुन महोत्सव शुरू हो जाते हैं। भगवान शिव की भव्य बरात भी जगह-जगह गाजे-बाजे के साथ निकाली जाती है। धार्मिक मान्यता है कि फाल्गुन माह में भगवान महादेव एवं भगवान श्रीकृष्ण की आराधना से श्रद्धालु को सुख समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति की प्राप्ति होती है।
आचार्य अच्युत रामानुजाचार्य ने बताया कि महाशिवरात्रि पर्व 26 फरवरी को, होलिका दहन 13 मार्च को, रंग पंचमी 19 मार्च को मनाई जाएगी। फाल्गुन मास में सभी जगहों पर होली की तैयारी शुरू हो जाती है। फागुन में सत्संग, भजन-कीर्तन, व्रत, दान पुण्य का विशेष महत्व है। मंदिरों में महाशिवरात्रि एवं होली की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। फाल्गुन को शुभ कार्यों के लिए बहुत अच्छा माना जाता है।
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सिद्धार्थनगर। रंगों और धार्मिक उत्सवों का महीना फाल्गुन प्रारंभ हो गया। इसमें महाशिवरात्रि, होली, रंगपंचमी सहित कई त्योहार और व्रत होंगे। भगवान शिव की भक्ति के साथ ही भगवान विष्णु के अवतार श्री नरसिंह एवं श्रीकृष्ण भगवान की आराधना की जाएगी। त्योहारों को लेकर शहर व ग्रामीण इलाकों में लोगों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
हिंदू पंचांग का अंतिम महीना फाल्गुन को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण और पवित्र माना जाता है, जो भक्ति का उल्लास और रंग-गुलाल से सराबोर रहता है। इस माह में रंग-बिरंगे नए फूल भी खिलने लगते हैं। मंदिरों में फाल्गुन महोत्सव शुरू हो जाते हैं। भगवान शिव की भव्य बरात भी जगह-जगह गाजे-बाजे के साथ निकाली जाती है। धार्मिक मान्यता है कि फाल्गुन माह में भगवान महादेव एवं भगवान श्रीकृष्ण की आराधना से श्रद्धालु को सुख समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति की प्राप्ति होती है।
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आचार्य अच्युत रामानुजाचार्य ने बताया कि महाशिवरात्रि पर्व 26 फरवरी को, होलिका दहन 13 मार्च को, रंग पंचमी 19 मार्च को मनाई जाएगी। फाल्गुन मास में सभी जगहों पर होली की तैयारी शुरू हो जाती है। फागुन में सत्संग, भजन-कीर्तन, व्रत, दान पुण्य का विशेष महत्व है। मंदिरों में महाशिवरात्रि एवं होली की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। फाल्गुन को शुभ कार्यों के लिए बहुत अच्छा माना जाता है।
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