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सात थानों से संतुष्ट नहीं जनता : एडीजी
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ुलिस लाइन सभागार में प्रेस वार्ता करते एडीजी अखिल कुमार। संवाद
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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सात थानों से संतुष्ट नहीं जनता : एडीजी
ढेबरुआ थाने की स्थिति सबसे अधिक खराब, सुधार के निर्देश
सिद्धार्थनगर। पुलिस की कार्यशैली में बदलाव लाने की लगातार कोशिश की जा रही है, उन्हें जवाबदेह बनाया जा रहा है। जिले के सात थाने ऐसे हैं, जिनकी मॉनिटरिंग में ट्वीटर पर आए फीडबैक में जनता संतुष्ट नहीं है। ये बातें एडीजी जोन गोरखपुर अखिल कुमार ने बुधवार को पुलिस लाइंस सभागार में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में कही।
एडीजी ने कहा कि सिद्धार्थनगर जिले की पुलिस अच्छा कार्य कर रही है, लेकिन इससे बेहतर करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जनता से सीधे थानों के बारे में जानकारी मिले, इसके लिए सोशल मीडिया के ट्वीटर और अन्य प्लेटफार्म पर फीडबैक लिया जा रहा है। इसकी हर माह थाना वार रैंकिंग की जाती है। सिद्धार्थनगर जनपद के सात थाने ऐसे हैं, जहां जनता ने पुलिस से असंतुष्ट होने का फीडबैक दिया है। इसमें सबसे खराब स्थिति ढेबरुआ थाने की है। यहां की पुलिस से केवल 10 प्रतिशत लोग ही संतुष्ट हैं। इन्हें कार्यशैली में सुधार के निर्देश दिए गए हैं। अगर जल्द व्यवहार और कार्य में बदलाव नहीं हुआ तो कार्रवाई होगी। उसका, त्रिलोकपुर, इटवा, डुमरियागंज, बांसी और लोटन थाने की भी स्थिति ठीक नहीं है।
उन्होंने कहा कि सबसे अच्छा कार्य पथरा बाजार थाने का है। यहां पर 70 प्रतिशत जनता पुलिस के कार्य से संतुष्ट है। शिवनगर डिडई, कपिलवस्तु, भवानीगंज का प्रदर्शन अच्छा है। उन्होंने कहा कि जनपद भारत-नेपाल सीमा पर स्थित है। यहां पुलिस विशेष सतर्क है, लेकिन जनता को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। इस दौरान एसपी डॉ. यशवीर सिंह, एएसपी सुरेश चंद रावत, सीओ सदर प्रदीप कुमार यादव, सीओ देवी गुलाम सिंह, सीओ अखिलेश वर्मा आदि मौजूद रहे।
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हर गांव में बनेगी सुरक्षा समिति
एडीजी जोन गोरखपुर अखिल कुमार ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर गांवों में सुरक्षा समिति का गठन किया जाएगा। इसमें सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी, सैनिक, होमगार्ड के जवान, शिक्षक आदि को रखा जाएगा। इनका दायित्व यह होगा कि वे गांव के विवाद को गांव में सुलझाएंगे और सीमावर्ती क्षेत्रों में होने वाली गतिविधियों की जानकारी देते रहेंगे।
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ढेबरुआ थाने की स्थिति सबसे अधिक खराब, सुधार के निर्देश
सिद्धार्थनगर। पुलिस की कार्यशैली में बदलाव लाने की लगातार कोशिश की जा रही है, उन्हें जवाबदेह बनाया जा रहा है। जिले के सात थाने ऐसे हैं, जिनकी मॉनिटरिंग में ट्वीटर पर आए फीडबैक में जनता संतुष्ट नहीं है। ये बातें एडीजी जोन गोरखपुर अखिल कुमार ने बुधवार को पुलिस लाइंस सभागार में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में कही।
एडीजी ने कहा कि सिद्धार्थनगर जिले की पुलिस अच्छा कार्य कर रही है, लेकिन इससे बेहतर करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जनता से सीधे थानों के बारे में जानकारी मिले, इसके लिए सोशल मीडिया के ट्वीटर और अन्य प्लेटफार्म पर फीडबैक लिया जा रहा है। इसकी हर माह थाना वार रैंकिंग की जाती है। सिद्धार्थनगर जनपद के सात थाने ऐसे हैं, जहां जनता ने पुलिस से असंतुष्ट होने का फीडबैक दिया है। इसमें सबसे खराब स्थिति ढेबरुआ थाने की है। यहां की पुलिस से केवल 10 प्रतिशत लोग ही संतुष्ट हैं। इन्हें कार्यशैली में सुधार के निर्देश दिए गए हैं। अगर जल्द व्यवहार और कार्य में बदलाव नहीं हुआ तो कार्रवाई होगी। उसका, त्रिलोकपुर, इटवा, डुमरियागंज, बांसी और लोटन थाने की भी स्थिति ठीक नहीं है।
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उन्होंने कहा कि सबसे अच्छा कार्य पथरा बाजार थाने का है। यहां पर 70 प्रतिशत जनता पुलिस के कार्य से संतुष्ट है। शिवनगर डिडई, कपिलवस्तु, भवानीगंज का प्रदर्शन अच्छा है। उन्होंने कहा कि जनपद भारत-नेपाल सीमा पर स्थित है। यहां पुलिस विशेष सतर्क है, लेकिन जनता को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। इस दौरान एसपी डॉ. यशवीर सिंह, एएसपी सुरेश चंद रावत, सीओ सदर प्रदीप कुमार यादव, सीओ देवी गुलाम सिंह, सीओ अखिलेश वर्मा आदि मौजूद रहे।
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हर गांव में बनेगी सुरक्षा समिति
एडीजी जोन गोरखपुर अखिल कुमार ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर गांवों में सुरक्षा समिति का गठन किया जाएगा। इसमें सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी, सैनिक, होमगार्ड के जवान, शिक्षक आदि को रखा जाएगा। इनका दायित्व यह होगा कि वे गांव के विवाद को गांव में सुलझाएंगे और सीमावर्ती क्षेत्रों में होने वाली गतिविधियों की जानकारी देते रहेंगे।