फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   People around the old threat from the intersection of Rapti

बूढ़ी राप्ती के कटान से खतरे में आसपास के लोग

Mon, 25 Jul 2016 10:26 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर Updated Mon, 25 Jul 2016 10:26 PM IST
विज्ञापन
People around the old threat from the intersection of Rapti
रामपुर में स्वार क्षेत्र के गांव बदरपुरा- मधुपुरा के बीच कटान करती कोसी नदी ।
परसा। विकासखंड बढ़नी के दक्षिणांचल में बूढ़ी राप्ती नदी के किनारे बसे तौलिहवा ग्रामसभा के बालानगर टोले का अस्तित्व खतरे में नजर आ रहा है। बूढ़ी राप्ती के तट पर बसे इस टोले के लगभग आधा दर्जन घर 2012 में नदी के आगोश में आ चुके हैं। अब अवशेष दो दर्जन से अधिक परिवार अपने घर को बचाने के लिए प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं। समय रहते प्रशासन ने बचाव का कोई ठोस उपाय नहीं किया तो टोले को बचाना मुश्किल होगा।
विज्ञापन

शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के बूढ़ी राप्ती नदी किनारे बसे तौलिहवा ग्रामसभा के तौलिहवा, प्रतापपुर, कचरिहवा, बालानगर, लालपुर, फुलवरिया टोले के लोगों के जेहन में 2012-14 की तबाही का मंजर आज भी कौंध रहा है। बूढ़ी राप्ती नदी के किनारे बसे तौलिहवा ग्रामसभा के कचरिहवा व बालानगर टोलों में गत कई सालों से कटान हो रहा है।
विज्ञापन

बालानगर के रामप्यारे, हरिराम, शंकर, भानमती, फूला, दुखराम व लालमन समेत आधा दर्जन से अधिक लोगों के आशियाने नदी में विलीन हो चुके हैं। बावजूद इसके संवेदनहीन प्रशासन ने पूरे साल इन टोलों को बाढ़ से बचाने का कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिससे टोले वासी जुगुनी यादव, रामअचल, सुघरा देवी, भगवती, गंगाराम, गीता, पारस, राजाराम, हरिराम, रामरतन, संवारे, झकड़ी, सरजू, राजेश, पाती, बीपत, गरीब, रामबृक्ष, जंगबहादुर, चंद्रिका, नाजिर, भग्गन, हंसराज, श्रीराम, चिन्नू व बरखू आदि के घरों को नदी के कटान से खतरा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

लोगों में शासन-प्रशासन के प्रति क्षोभ है। कचरिहवा टोला अभी दो माह पूर्व ही भयंकर अग्निकांड में तहस-नहस हो चुका है। बता दें कि विगत वर्ष ड्रेनेज खंड सिद्धार्थनगर ने कचरिहवा टोले में दैवी आपदा मद से 267.09 लाख रुपये की लागत से कटान स्थल पर दो अदद डैंपनर व 315 मीटर लंबाई में लांचिंग एप्रेन व पिचिंग कार्य करवाया गया। समय से न बनाए जाने के कारण करोड़ों रुपये की लागत से हुआ कार्य नदी में विलीन हो चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed