{"_id":"683353c519e96404b00bfe72","slug":"overlooked-the-shelter-is-not-in-good-condition-if-flood-comes-the-victims-will-wander-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1033-138126-2025-05-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"अनदेखी : शरणालय दुरुस्त नहीं, बाढ़ आई तो भटकेंगे पीड़ित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अनदेखी : शरणालय दुरुस्त नहीं, बाढ़ आई तो भटकेंगे पीड़ित
विज्ञापन
बांसी क्षेत्र के सूपा राजा में स्थित जर्जर बाढ शरणालय। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
बांसी। बाढ़ से बचाव की तैयारी प्रशासन के साथ-साथ सिंचाई विभाग ने शुरू कर दी है, लेकिन सूपा राजा में स्थित बाढ़ शरणालय के रखरखाव पर किसी का ध्यान नहीं है।
हालात यह हैं कि प्रशासन की लापरवाही से तहसील मुख्यालय से लगभग सात किलोमीटर दूर सूपा राजा चौराहे पर स्थापित बाढ़ शरणालय अपना वजूद खो रहा है। अगर प्रशासन इसका जीर्णोद्धार करा दे तो बाढ़ के समय यहां से बहुत सी सुविधाएं संचालित की जा सकती हैं। ऐसे में इस बार भी बाढ़ आई तो लोगों को भटकना पड़ेगा।
सूपा राजा क्षेत्र प्रारंभ से ही बांसी तहसील क्षेत्र का सर्वाधिक बाढ़ प्रभावित क्षेत्र रहा है। प्रति वर्ष यहां बाढ़ आती है, और कई बांध टूटते हैं। आसपास के कई गांव के लोग बाढ़ की विभीषिका से परेशान होते हैं। बाढ़ पीड़ितों को आश्रय देने के उद्देश्य से ही लगभग सात दशक पूर्व सूपा राजा मुख्य सड़क पर ही बाढ़ शरणालय का निर्माण कराया गया। इसमें दोनों तरफ से बरामदा, चार बड़े-बड़े कमरे, आगे पीछे लान आदि की व्यवस्था की गई। बाढ़ आने के समय बाढ़ पीड़ित वहां रहते थे, और तहसील प्रशासन की तरफ से इसी स्थान पर बाढ़ राहत सामग्री का वितरण भी कराया जाता था।
विज्ञापन
कई वर्षों से बांसी तहसील प्रशासन का ध्यान इस प्राचीन भवन पर नहीं होने से न केवल यह सरकारी भवन जर्जर हो रहा है। बल्कि आसपास की जमीनों पर लोगों ने कब्जा भी कर रखा है। तहसील प्रशासन की लापरवाही ही कही जाएगी कि बाढ़ के दौरान तहसील प्रशासन इस भवन की याद न करके बगल में स्थित प्राथमिक विद्यालय या हॉट बाजार शाखा को बाढ़ शरणालय बनाता है, और बाढ़ राहत सामग्री का वितरण करता है। प्रशासन का ध्यान इस पर न होने से यह सरकारी भवन अपने जीवन की अंतिम सांस गिन रहा है।
क्षेत्र के प्रबुद्धजनों का कहना है कि अगर प्रशासन इस भवन की मरम्मत करा दे तो इसका बहुत बड़ा उपयोग बाढ़ के समय आम जनमानस और मिल सकता है। क्षेत्र के जागरूक लोगों ने जिलाधिकारी का ध्यान इस पर आकृष्ट कराया है।
विज्ञापन
बांसी। बाढ़ से बचाव की तैयारी प्रशासन के साथ-साथ सिंचाई विभाग ने शुरू कर दी है, लेकिन सूपा राजा में स्थित बाढ़ शरणालय के रखरखाव पर किसी का ध्यान नहीं है।
हालात यह हैं कि प्रशासन की लापरवाही से तहसील मुख्यालय से लगभग सात किलोमीटर दूर सूपा राजा चौराहे पर स्थापित बाढ़ शरणालय अपना वजूद खो रहा है। अगर प्रशासन इसका जीर्णोद्धार करा दे तो बाढ़ के समय यहां से बहुत सी सुविधाएं संचालित की जा सकती हैं। ऐसे में इस बार भी बाढ़ आई तो लोगों को भटकना पड़ेगा।
विज्ञापन
सूपा राजा क्षेत्र प्रारंभ से ही बांसी तहसील क्षेत्र का सर्वाधिक बाढ़ प्रभावित क्षेत्र रहा है। प्रति वर्ष यहां बाढ़ आती है, और कई बांध टूटते हैं। आसपास के कई गांव के लोग बाढ़ की विभीषिका से परेशान होते हैं। बाढ़ पीड़ितों को आश्रय देने के उद्देश्य से ही लगभग सात दशक पूर्व सूपा राजा मुख्य सड़क पर ही बाढ़ शरणालय का निर्माण कराया गया। इसमें दोनों तरफ से बरामदा, चार बड़े-बड़े कमरे, आगे पीछे लान आदि की व्यवस्था की गई। बाढ़ आने के समय बाढ़ पीड़ित वहां रहते थे, और तहसील प्रशासन की तरफ से इसी स्थान पर बाढ़ राहत सामग्री का वितरण भी कराया जाता था।
विज्ञापन
कई वर्षों से बांसी तहसील प्रशासन का ध्यान इस प्राचीन भवन पर नहीं होने से न केवल यह सरकारी भवन जर्जर हो रहा है। बल्कि आसपास की जमीनों पर लोगों ने कब्जा भी कर रखा है। तहसील प्रशासन की लापरवाही ही कही जाएगी कि बाढ़ के दौरान तहसील प्रशासन इस भवन की याद न करके बगल में स्थित प्राथमिक विद्यालय या हॉट बाजार शाखा को बाढ़ शरणालय बनाता है, और बाढ़ राहत सामग्री का वितरण करता है। प्रशासन का ध्यान इस पर न होने से यह सरकारी भवन अपने जीवन की अंतिम सांस गिन रहा है।
क्षेत्र के प्रबुद्धजनों का कहना है कि अगर प्रशासन इस भवन की मरम्मत करा दे तो इसका बहुत बड़ा उपयोग बाढ़ के समय आम जनमानस और मिल सकता है। क्षेत्र के जागरूक लोगों ने जिलाधिकारी का ध्यान इस पर आकृष्ट कराया है।