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डॉक्टर पर ऑपरेशन के लिए रिश्वत लेने का आरोप
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डॉक्टर पर ऑपरेशन के लिए रिश्वत लेने का आरोप
-जिला अस्पताल में मरीज के पैर का हुआ है ऑपरेशन
-आरोप की जांच के लिए बनाई गई समिति, आरोप को निराधार बता रहे चिकित्सक
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध संयुक्त जिला अस्पताल में ऑपरेशन कराने आए एक मरीज के माता-पिता ने एक डॉक्टर पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इस मामले में जांच समिति गठित कर दी है। हालांकि, ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर ने आरोप को गलत बताया है। फिलहाल मरीज जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में भर्ती है।
जिला अस्पताल में सोमवार को त्रिलोकपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत अनया डोकम निवासी शाहिद (25) के पैर का ऑपरेशन हुआ। सड़क दुर्घटना में उनके पैर की हड्डी कई जगह से टूट गई है। शाहिद के पिता दिलबहार व माता सलमा खातून ने मंगलवार को आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेज के सीनियर रेजिडेंट डॉ. आकाश ने उनसे ऑपरेशन के लिए पांच हजार रुपये लिए और घुटने के नीचे के हिस्से में ही ऑपरेशन किया। उनका कहना है कि जब शाहिद ऑपरेशन थियेटर में थे तो भी उनसे रुपये मांगे जा रहे थे। इस मामले में डॉ. आकाश ने कहा कि मरीज द्वारा लगाया आरोप निराधार है। मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में ऑपरेशन के उपकरण की आपूर्ति नहीं होती है। इस कारण मरीज से ही उपकरण मंगाया जाता है। मरीज के पैर की हड्डी टूटी हुई थी। हड्डियों के इधर-उधर होने से घाव बढ़ रहा था और रिसाव हो रहा था, इस कारण ऑपरेशन किया गया। उन्होंने पांच हजार रुपये जमा किया है, उपकरण विक्रेता ने ही रुपये लिए हैं और उसके दिए हुए उपकरण मरीज के पैर में सेट कर दिए गए हैं। उसके पैर में जांघ की हड्डी का जटिल ऑपरेशन होना है, जिसके लिए ऑपरेशन थियेटर में पर्याप्त उपकरण नहीं है, इस कारण उसे रेफर किया जा रहा है।
मरीज के परिजन की शिकायत करने की जानकारी मिली है। डॉक्टर के अनुसार उपकरण मंगाने के लिए रुपये जमा कराए गए थे। इस मामले की जांच के लिए समिति बना दी गई है। जांच रिपोर्ट में आरोप सही साबित होगा तो कार्रवाई की जाएगी।
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डॉ. सलिल श्रीवास्तव, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
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-जिला अस्पताल में मरीज के पैर का हुआ है ऑपरेशन
-आरोप की जांच के लिए बनाई गई समिति, आरोप को निराधार बता रहे चिकित्सक
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध संयुक्त जिला अस्पताल में ऑपरेशन कराने आए एक मरीज के माता-पिता ने एक डॉक्टर पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इस मामले में जांच समिति गठित कर दी है। हालांकि, ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर ने आरोप को गलत बताया है। फिलहाल मरीज जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में भर्ती है।
जिला अस्पताल में सोमवार को त्रिलोकपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत अनया डोकम निवासी शाहिद (25) के पैर का ऑपरेशन हुआ। सड़क दुर्घटना में उनके पैर की हड्डी कई जगह से टूट गई है। शाहिद के पिता दिलबहार व माता सलमा खातून ने मंगलवार को आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेज के सीनियर रेजिडेंट डॉ. आकाश ने उनसे ऑपरेशन के लिए पांच हजार रुपये लिए और घुटने के नीचे के हिस्से में ही ऑपरेशन किया। उनका कहना है कि जब शाहिद ऑपरेशन थियेटर में थे तो भी उनसे रुपये मांगे जा रहे थे। इस मामले में डॉ. आकाश ने कहा कि मरीज द्वारा लगाया आरोप निराधार है। मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में ऑपरेशन के उपकरण की आपूर्ति नहीं होती है। इस कारण मरीज से ही उपकरण मंगाया जाता है। मरीज के पैर की हड्डी टूटी हुई थी। हड्डियों के इधर-उधर होने से घाव बढ़ रहा था और रिसाव हो रहा था, इस कारण ऑपरेशन किया गया। उन्होंने पांच हजार रुपये जमा किया है, उपकरण विक्रेता ने ही रुपये लिए हैं और उसके दिए हुए उपकरण मरीज के पैर में सेट कर दिए गए हैं। उसके पैर में जांघ की हड्डी का जटिल ऑपरेशन होना है, जिसके लिए ऑपरेशन थियेटर में पर्याप्त उपकरण नहीं है, इस कारण उसे रेफर किया जा रहा है।
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मरीज के परिजन की शिकायत करने की जानकारी मिली है। डॉक्टर के अनुसार उपकरण मंगाने के लिए रुपये जमा कराए गए थे। इस मामले की जांच के लिए समिति बना दी गई है। जांच रिपोर्ट में आरोप सही साबित होगा तो कार्रवाई की जाएगी।
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डॉ. सलिल श्रीवास्तव, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज