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ओपीडी पर्ची लेने के बाद मायूस लौट रहे मरीज

Mon, 07 Jun 2021 09:55 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 07 Jun 2021 09:55 PM IST
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OPD form is cut in district hospital but doctors are not sitting
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जिला अस्पताल में ओपीडी का पर्चा तो कट रहा पर डॉक्टर नहीं बैठ रहे
एक सप्ताह से तीन सौ से अधिक मरीजों को प्रतिदिन निराश लौटना पड़ रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिला अस्पताल का अजब हाल है। ओपीडी में मरीज देखने के लिए पर्चा तो बनाया जा रहा है, लेकिन डॉक्टर नहीं बैठ रहे हैं। इस कारण प्रतिदिन तीन सौ से अधिक मरीजों को पर्चा कटाने के बाद वापस जाना पड़ रहा है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि उसके पास अभी संपूर्ण ओपीडी चलाने का आदेश नहीं आया है। केवल पोस्ट कोविड मरीजों के लिए ओपीडी संचालित की जा रही है।
सवाल यह है कि जब संपूर्ण ओपीडी में डॉक्टरों को नहीं बैठना है तो पर्चा क्यों काटा जा रहा है? वैसे भी शासन से आदेश होने के बाद प्रदेश भर की अस्पतालों में ओपीडी शुरू हो गई है। फिर अस्पताल प्रशासन किस आदेश का इंतजार कर रहा है?
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बता दें कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में जिले के ही नहीं प्रदेश भर के अस्पतालों में 15 अप्रैल से ओपीडी बंद कर दी गई थी। शासन ने पहली जून से ओपीडी शुरू करने का आदेश दिया है। इसके बाद जिले के सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की ओपीडी में मरीज देखे जाने लगे हैं, लेकिन जिला अस्पताल की ओपीडी अब भी बंद है। इस कारण एक सप्ताह से ओपीडी की पर्ची कटाने वाले 300 से अधिक मरीजों को निराश लौटना पड़ रहा है। इनमें सर्वाधिक फिजीशियन और बालरोग विशेषज्ञ से जुड़े मरीज हैं।
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सीएचसी पीएचसी में शुरू हुई ओपीडी
कुछ दिन पहले सीएचसी, पीएचसी में ओपीडी बहाल करने का निर्णय हुआ, जबकि जिला अस्पताल में यह सुविधा बहाल नहीं हुई। स्वास्थ्य केंद्रों की ओपीडी शुरू होने की जानकारी होने के बाद जिला अस्पताल में भीड़ बढ़ने लगी। ओपीडी में पर्चा कटाने वालों की संख्या में बढ़ोतरी तो हुई, लेकिन फिजीशियन और बालरोग विशेषज्ञ के नहीं बैठने से 75 प्रतिशत मरीज बिना इलाज ही लौटने को विवश हैं। पर्चा कटवाने के बाद उन्हें पता चल रहा कि संबंधित डॉक्टर बैठ ही नहीं रहे हैं।
औसतन 300 पर्ची कट रही
जिला अस्पताल में भले ही संपूर्ण ओपीडी शुरू नहीं हुई है, लेकिन मरीजों के आने की संख्या में बढ़ोतरी होती जा रही है। तीन जून को 231, चार जून को 282, पांच जून को 234, सात जून को 443 पर्ची कटी है। इनमें से अधिकतर मरीज फिजीशियन और बालरोग विशेषज्ञ से संबंधित हैं।

जिला संयुक्त चिकित्सालय में संपूर्ण ओपीडी शुरू करने का कोई आदेश नहीं मिला है। अभी तक पोस्ट कोविड ओपीडी चलाई जा रही है। मरीजों की परेशानियों को देखते हुए उच्चाधिकारियों से मार्गदर्शन लेने के बाद जल्द ही सभी चिकित्सकों की ओपीडी शुरू कराई जाएगी।
- डॉ. नीना वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
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