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Siddharthnagar News: अफसरों ने फाइलेरिया से बचाव की दवा खाकर अभियान का किया शुभारंभ
Fri, 11 Aug 2023 02:28 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 11 Aug 2023 02:28 AM IST
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कंपोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय पर स्कूली बच्चों को खिलाई गई फाइलेरिया रोधी दवा
सिद्धार्थनगर। लाइलाज बीमारी फाइलेरिया के उन्मूलन के लिए सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) अभियान गुरूवार से शुरू हुआ। 28 अगस्त तक चलने वाले अभियान का शुभारंभ डीएम संजीव रंजन, सीडीओ जयेंद्र कुमार, सीएमओ डॉ. विनोद कुमार अग्रवाल व डीआईओएस उपेंद्र कुमार ने राजकीय इंटर कॉलेज में दवा का सेवन कर किया। अभियान के दौरान आशा कार्यकर्ता व स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाएंगे और अपने सामने दो वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को फाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन कराएंगे। गर्भवती और अति गंभीर बीमार को दवा का सेवन नहीं करना है। एक से दो वर्ष तक के बच्चों को कीड़े निकालने की दवा खिलाई जाएगी।
कार्यक्रम का शुभारंभ के बाद डीएम ने लोगों से अपील की कि खुद दवा का सेवन करें और आसपास के लोगों को दवा सेवन के लिए प्रेरित करें। दवा का सेवन खाली पेट नहीं करना है। स्वास्थ्यकर्मी के सामने ही दवा खानी है। पांच साल में पांच बार सेवन कर लेने से फाइलेरिया (हाथीपांव) व हाइड्रोसील से बचाव होगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनोद कुमार अग्रवाल ने बताया कि जिले कि 29.86 लाख की आबादी को दवा का सेवन कराया जाएगा। अभियान के संचालन के लिए 2389 टीम बनाई गई है। इन पर नजर रखने के लिए 398 पर्यवेक्षकों को लगाया गया है। फाइलेरिया से बचाव की दवा शरीर में परजीवियों को मारती है जिसके प्रतिक्रिया स्वरूप कभी-कभी सिर दर्द, शरीर दर्द, बुखार, उल्टी और बदन पर चकत्ते जैसे लक्षण सामने आते हैं। यह लक्षण स्वत: ठीक हो जाते हैं और जिनमें यह लक्षण आ रहे हैं उन्हें खुश होना चाहिए कि वह फाइलेरिया से मुक्त हो रहे हैं। इस दौरान कॉलेज में 475 छात्रों ने दवा का सेवन किया। इस दौरान डीएमओ सुनील चौधरी, एपीडोमोलाजिस्ट समीर सिंह, अनिल श्रीवास्तव, आनंद मोहन पांडेय, डॉ. सुचेता शर्मा, श्वेता सिंह, प्रधानाचार्य राम नवल मौजूद रहे।
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उधर, डुमरियागंज ब्लॉक क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में स्कूली बच्चों को कृमिरोधी दवाएं खिलाई गईं। बीईओ संजय कुमार ने बताया कि यह अभियान 28 अगस्त तक चलेगा।
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कार्यक्रम का शुभारंभ के बाद डीएम ने लोगों से अपील की कि खुद दवा का सेवन करें और आसपास के लोगों को दवा सेवन के लिए प्रेरित करें। दवा का सेवन खाली पेट नहीं करना है। स्वास्थ्यकर्मी के सामने ही दवा खानी है। पांच साल में पांच बार सेवन कर लेने से फाइलेरिया (हाथीपांव) व हाइड्रोसील से बचाव होगा।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनोद कुमार अग्रवाल ने बताया कि जिले कि 29.86 लाख की आबादी को दवा का सेवन कराया जाएगा। अभियान के संचालन के लिए 2389 टीम बनाई गई है। इन पर नजर रखने के लिए 398 पर्यवेक्षकों को लगाया गया है। फाइलेरिया से बचाव की दवा शरीर में परजीवियों को मारती है जिसके प्रतिक्रिया स्वरूप कभी-कभी सिर दर्द, शरीर दर्द, बुखार, उल्टी और बदन पर चकत्ते जैसे लक्षण सामने आते हैं। यह लक्षण स्वत: ठीक हो जाते हैं और जिनमें यह लक्षण आ रहे हैं उन्हें खुश होना चाहिए कि वह फाइलेरिया से मुक्त हो रहे हैं। इस दौरान कॉलेज में 475 छात्रों ने दवा का सेवन किया। इस दौरान डीएमओ सुनील चौधरी, एपीडोमोलाजिस्ट समीर सिंह, अनिल श्रीवास्तव, आनंद मोहन पांडेय, डॉ. सुचेता शर्मा, श्वेता सिंह, प्रधानाचार्य राम नवल मौजूद रहे।
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उधर, डुमरियागंज ब्लॉक क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में स्कूली बच्चों को कृमिरोधी दवाएं खिलाई गईं। बीईओ संजय कुमार ने बताया कि यह अभियान 28 अगस्त तक चलेगा।