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कोरोना के नए स्वरूप से निपटने के लिए अस्पताल तैयार
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कोरोना के नए स्वरूप से निपटने के लिए अस्पताल तैयार
महिला अस्पताल स्वास्थ्य सुविधाओं से हुआ लैस, आते ही भर्ती होंगे मरीज
सिद्धार्थनगर। कोरोना के नए स्वरूप ओमिक्रॉन से निपटने के लिए महिला अस्पताल का एमसीएच विंग तैयार हो गया। स्वास्थ्य सुविधाओं से लैस अस्पताल में ड्यूटी करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों और चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया गया है। मॉक ड्रील कर ड्यूटी के बारे में जानकारी दी गई। अब कोरोना के मरीज मिलते ही वे तत्काल भर्ती किए जाएंगे।
कोरोना का नया स्वरूप तेजी से बढ़ रहा है। हर दिन देश में इस वायरस से संक्रमित मरीज मिल रहे हैं। कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन सहित अन्य समस्याओं के कारण हुई परेशानी को देखते हुए इस बार स्वास्थ्य विभाग चौगुनी सुविधाओं और संसाधन से लैस हो रहा है। कोविड अस्पताल को सुविधाओं से लैस करने के साथ स्वास्थ्यकर्मियों को ड्यूटी के लिए प्रशिक्षित कर दिया गया है। ड्यूटी कब किसकी और कैसे लगेगी, इसका भी चार्ट तैयार कर लिया गया है। जिला अस्पताल के बगल स्थित महिला अस्पताल को कोविड अस्पताल के रूप में प्रयोग किया जाएगा। 18 दिसंबर से यह अस्पताल कोविड मरीजों के लिए सक्रिय हो जाएगा।
जैसे ही नए केस मिलेंगे भर्ती करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि अगर समय से अस्पताल संसाधन से लैस रहेंगे तो एकाएक अगर मरीजों की संख्या भी बढ़े तो इलाज में कठिनाई न हो। इसलिए अस्पताल को पहले से तैयार कर लिया गया है। सीएमएस डॉ. नीना वर्मा ने बताया कि कोरोना के नए स्वरूप के सामने आने के बाद उससे निपटने की तैयारी शुरू कर दी गई है। महिला अस्पताल को कोविड अस्पताल के रूप में संचालित किया जाएगा। इसे सुविधाओं से लैस कर दिया गया है।
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मॉक ड्रील कर परखी गई जानकारी
कोविड अस्पताल के संचालन के लिए शुक्रवार को महिला अस्पताल पर मॉक ड्रील किया गया। इसमें स्वास्थ्य कर्मियों को जानकारी दी गई की कोरोना संक्रमित मरीज का कैसे इलाज किया जाएगा। उन्हें कौन- कौन सी दवा दी जाएगी। किसी प्रकार के मरीज का कैसा इलाज होगा। इलाज करते समय क्या सावधानी बरतनी है। अगर मरीज की स्थित गंभीर है तो उसका कैसे इलाज करना है। किस मशीन का कैसे प्रयोग किया जाएगा । इस दौरान वे चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।
इन अस्पतालों में हैै बेड की व्यवस्था
कोरोना से निपटने और बीमार लोगों के इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बेड आरक्षित करने का कार्य कर लिया है। आंकड़ों के मुताबिक जिला अस्पताल में 200 बेड का वार्ड तैयार है। इसमें 20 बच्चों के लिए और 30 बेड गंभीर मरीजों के लिए वेंटिलेटर से युक्त है। 150 सामान्य श्रेणी में रखे गए हैं। जबकि सीएचसी इटवा, बेंवा, मिठवल, बांसी में 50-50 के वार्ड बनाए गए हैं।
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महिला अस्पताल स्वास्थ्य सुविधाओं से हुआ लैस, आते ही भर्ती होंगे मरीज
सिद्धार्थनगर। कोरोना के नए स्वरूप ओमिक्रॉन से निपटने के लिए महिला अस्पताल का एमसीएच विंग तैयार हो गया। स्वास्थ्य सुविधाओं से लैस अस्पताल में ड्यूटी करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों और चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया गया है। मॉक ड्रील कर ड्यूटी के बारे में जानकारी दी गई। अब कोरोना के मरीज मिलते ही वे तत्काल भर्ती किए जाएंगे।
कोरोना का नया स्वरूप तेजी से बढ़ रहा है। हर दिन देश में इस वायरस से संक्रमित मरीज मिल रहे हैं। कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन सहित अन्य समस्याओं के कारण हुई परेशानी को देखते हुए इस बार स्वास्थ्य विभाग चौगुनी सुविधाओं और संसाधन से लैस हो रहा है। कोविड अस्पताल को सुविधाओं से लैस करने के साथ स्वास्थ्यकर्मियों को ड्यूटी के लिए प्रशिक्षित कर दिया गया है। ड्यूटी कब किसकी और कैसे लगेगी, इसका भी चार्ट तैयार कर लिया गया है। जिला अस्पताल के बगल स्थित महिला अस्पताल को कोविड अस्पताल के रूप में प्रयोग किया जाएगा। 18 दिसंबर से यह अस्पताल कोविड मरीजों के लिए सक्रिय हो जाएगा।
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जैसे ही नए केस मिलेंगे भर्ती करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि अगर समय से अस्पताल संसाधन से लैस रहेंगे तो एकाएक अगर मरीजों की संख्या भी बढ़े तो इलाज में कठिनाई न हो। इसलिए अस्पताल को पहले से तैयार कर लिया गया है। सीएमएस डॉ. नीना वर्मा ने बताया कि कोरोना के नए स्वरूप के सामने आने के बाद उससे निपटने की तैयारी शुरू कर दी गई है। महिला अस्पताल को कोविड अस्पताल के रूप में संचालित किया जाएगा। इसे सुविधाओं से लैस कर दिया गया है।
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मॉक ड्रील कर परखी गई जानकारी
कोविड अस्पताल के संचालन के लिए शुक्रवार को महिला अस्पताल पर मॉक ड्रील किया गया। इसमें स्वास्थ्य कर्मियों को जानकारी दी गई की कोरोना संक्रमित मरीज का कैसे इलाज किया जाएगा। उन्हें कौन- कौन सी दवा दी जाएगी। किसी प्रकार के मरीज का कैसा इलाज होगा। इलाज करते समय क्या सावधानी बरतनी है। अगर मरीज की स्थित गंभीर है तो उसका कैसे इलाज करना है। किस मशीन का कैसे प्रयोग किया जाएगा । इस दौरान वे चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।
इन अस्पतालों में हैै बेड की व्यवस्था
कोरोना से निपटने और बीमार लोगों के इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बेड आरक्षित करने का कार्य कर लिया है। आंकड़ों के मुताबिक जिला अस्पताल में 200 बेड का वार्ड तैयार है। इसमें 20 बच्चों के लिए और 30 बेड गंभीर मरीजों के लिए वेंटिलेटर से युक्त है। 150 सामान्य श्रेणी में रखे गए हैं। जबकि सीएचसी इटवा, बेंवा, मिठवल, बांसी में 50-50 के वार्ड बनाए गए हैं।