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मजबूत होना चाहिए भारत-नेपाल का रोटी-बेटी का रिश्ता

Sat, 03 Apr 2021 11:26 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 03 Apr 2021 11:26 PM IST
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nepal ex pm addressed in kapilvastu
कपिलवस्तु में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते प्रचंड। - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
मजबूत होना चाहिए भारत-नेपाल का रोटी-बेटी का रिश्ता
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पूर्व पीएम पुष्प कमल दहल ने भारतीय सीमा के पास कपिलवस्तु में की सभा
संवाद न्यूज एजेंसी
कपिलवस्तु/सिद्धार्थनगर। नेकपा एमाले के केपी शर्मा ओली से अलग होकर राजनीति की जमीन तराई में ढूंढ रहे प्रचंड ने कहा कि संविधान में मधेशियों की उपेक्षा हुई है। सरकार में आए तो हम उसे दुरुस्त करेंगे। ईद-बकरीद में अवकाश होना चाहिए। उन्होंने भारत और नेपाल के बीच रोटी-बेटी के रिश्ते की मजबूती पर जोर दिया। भारत-नेपाल सीमा पर आवाजाही की जो सख्ती है, उसे सरल बनाने के लिए प्रयास करेंगे। प्रचंड ने कहा कि पीएम बनना उनका सपना नहीं है। पूर्व पीएम व माओवादी केंद्र के अध्यक्ष प्रचंड शनिवार को भारत सीमा से सटे नेपाल के कपिलवस्तु जिला मुख्यालय पर पार्टी की ओर से आयोजित सभा को संबोधित कर रहे थे।
प्रचंड ने मधेशी नेताओं पर भी निशाना साधाते हुए कहा कि भारतीयों व मधेशियों में गहरा नाता है। मधेशी लोगों का मसीहा बनने का राग अलापने वाले तमाम मधेशी नेताओं की असलियत यह है कि वे सत्ता की लालच में विपरीत विचारधारा वाली पार्टियों के साथ मिल जाते हैं। मैं मधेशियों के लिए मधेशी नेताओं के साथ लड़ना चाहता हूं लेकिन वे मधेशियों को उनके हाल छोड़कर सत्ता की मलाई की ओर लपक जाते हैं। प्रचंड ने कहा कि नेपाल को राजशाही से मुक्त दिलाने में हुए जनयुद्ध में 1300 मधेशियों का बलिदान हुआ था।
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नेकपा माओवादी केंद्र के अध्यक्ष व पूर्व पीएम पुष्प कमल दहल प्रचंड ने कहा है कि ओली सरकार से उनके मतभेद की वजह उनकी हठधर्मिता है। नेपाल के लोगों को परिवर्तन की अनुभूति हो, इसके लिए उन्होंने अपने नेतृत्व के माओवादी संगठन का विलय तक ओली के नेतृत्व वाली कम्युनिस्ट पार्टी एमाले में कर लिया था। लेकिन ओली न तो राष्ट्र के हितैषी हैं और न ही राष्ट्र की जनता की। राष्ट्रवादी का ढिंढोरा पीटकर कोई राष्ट्रवादी नहीं कहलाता। राष्ट्र की जनता के लिए भी कुछ करना पड़ता है। देश में संविधान लागू होने के बाद हुए पहले आम चुनाव से लोगों को बड़ी आशा थी। लोगों को निराशा हुई। इस अवसर पर दूसरे दलों के स्थानीय स्तर पर प्रभावशाली नेताओं ने प्रचंड की पार्टी का दामन थामा। भारत में गांधी, लोहिया जयप्रकाश आदि तमाम लोकतंत्र के रक्षक हुए जो पीएम या राष्ट्रपति नहीं हुए लेकिन उनका कद इन सबसे ऊपर रहा। मैं भी पीएम नहीं रहा तो उससे ऊपर ही रहूंगा।
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नेपाल में नई सरकार बनाने का दावा
कपिलवस्तु। सीपीएन-माओवादी केंद्र के अध्यक्ष प्रचंड ने दावा किया है कि नेपाली कांग्रेस की ओर से कल लिए गए निर्णय के बाद राजनीति बदल गई है और जल्द ही एक नई सरकार बनेगी। कपिलवस्तु में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वे आज से सरकार बनाने पर गहन चर्चा करेंगे। प्रचंड ने कहा, काठमांडू में मेरे दोस्तों ने मुझसे कहा कि आपको नई सरकार बनाने में तुरंत पहल करनी चाहिए। अब आप कपिलवस्तु न जाएं। लेकिन मैं आया क्योंकि यह एक पूर्व-व्यवस्थित कार्यक्रम था। अब, मैं काठमांडू लौटूंगा और नई सरकार के गठन के साथ आगे बढ़ूंगा। उन्होंने कहा कि कल और आज की घटनाओं से राजनीति बदल गई है। प्रचंड ने कहा कि नेपाली कांग्रेस द्वारा ओली के तत्काल इस्तीफे की मांग के बाद नई सरकार का गठन होना निश्चित है।
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