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मेडिकल कॉलेज : बेहोशी के डॉक्टर नहीं... निजी अस्पताल जाना मजबूरी

Sat, 15 Feb 2025 11:45 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Sat, 15 Feb 2025 11:45 PM IST
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Medical College: No doctors for unconsciousness... compulsion to go to private hospital
सिद्धार्थनगर। मेडिकल कॉलेज में सामान्य ऑपरेशन करना चार माह से ठप है। वहीं चार दिनों से प्रसूता महिलाओं का भी ऑपरेशन नहीं होने से स्थिति चिंताजनक है। नतीजा यह है कि आपरेशन नहीं होने से गंभीर मरीज लगातार रेफर किए जा रहे हैं अथवा निजी अस्पताल जाने को मजबूर हैं।
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बीते चार माह में पंद्रह सौ से अधिक मरीजों को मेडिकल कॉलेज से रेफर करना पड़ा है। ऐसी स्थिति मेडिकल कॉलेज में एनेस्थीसिया का डॉक्टर नहीं होने से उत्पन्न हुई है। शनिवार को भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला।
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माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में पिछले कई माह से जनरल ओटी के लिए एनेस्थीसिया के डॉक्टर के नहीं होने से गंभीर मरीजों को रेफर करना पड़ रहा है। वहीं चार दिन पहले स्री एवं प्रसूता विभाग के एनेस्थीसिया डॉक्टर भी पीजी करने के लिए चले गए, इससे मेडिकल कॉलेज में पूरी तरह से ऑपरेशन व्यवस्था ठप हो गई है। 11 फरवरी से ऑपरेशन की व्यवस्था नहीं होने से पांच प्रसूताओं को रेफर कर दिया गया था।
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गायनी के स्वास्थ्य कर्मियों के अनुसार एनेस्थीसिया डॉक्टर की मौजूदगी में प्रतिदिन 15 से 20 प्रसूता महिलाओं का इलाज होता था। लेकिन, चार दिनों से ऑपरेशन करने वाली महिलाओं को बीआरडी रेफर करना पड़ रहा है। इससे एमसीएच विंग में मरीजों की संख्या भी कम हुई है। शनिवार को मेडिकल कॉलेज में स्री और प्रसूती रोग विभाग में सात प्रसूता भर्ती थी। नए भवन के आर्थोपेडिक्स डिपार्टमेंट में तीन मरीज भर्ती थे। इसमें से एक का ऑपरेशन हुआ था, जबकि एक महिला तत्काल ही भर्ती कराई गई थी।

ऑपरेशन करवाने आए मरीज से बात करने पर बताया कि नवंबर 2024 के अंतिम सप्ताह में कुल्हे का ऑपरेशन करवाने के लिए भर्ती हुए थे। 15 दिनों तक इलाज करने के बाद डॉक्टर ने निजी अस्पताल में ले जाकर ऑपरेशन कर दिया, उसके बाद मेडिकल कॉलेज में ही लाकर भर्ती कर दिए। बताया कि नौ दिसंबर को ही ऑपरेशन हुआ है। लेकिन, पैर में सूजन आ जाने से एक बार फिर लाकर भर्ती करना पड़ा है।
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