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पांच दिन से जलमग्न हैं कई गांव, बांधों पर मंडरा रहा खतरा
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बांसी क्षेत्र में किसानों की डूबी फसल।
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
पांच दिन से जलमग्न हैं कई गांव, बांधों पर मंडरा रहा खतरा
सिद्धार्थनगर। जिले की अन्य नदियों का जलस्तर घट रहा है, लेकिन राप्ती खतरे का निशान पार करने के बाद भी लगातार बढ़ रही है। वहीं घटने के बावजूद बूढ़ी राप्ती नदी लगातार 10वें दिन भी लाल निशान के ऊपर रही। इससे बाढ़ प्रभावित गांव कई दिनों से पानी से चारो तरफ से घिरे हुए हैं और बांधों पर खतरा मंडरा रहा है।
नेपाल से निकलने वाली बानगंगा, राप्ती, बूढ़ी राप्ती, जमुआर, तेलार, कूड़ा और घोघी आदि से घिरे जिले के नौगढ़, बांसी, शोहरतगढ़, इटवा और डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के कई गांव बाढ़ के पानी से चारो तरफ से घिरे हुए हैं। प्रशासन ने सभी तहसीलों के 165 गांवों के बाढ़ग्रस्त होने की रिपोर्ट शासन को भेजी है। डुमरियागंज प्रतिनिधि के अनुसार, तहसील के बाढ़ प्रभावित गांव वीरपुर रतनपुर, अन्दुवा, भरवठिया, वीरपुर आदि गांव का एसडीएम त्रिभुवन ने निरीक्षण किया गया। एडीएम सीताराम गुप्ता ने बताया कि अब तक 588 बाढ़ पीड़ितों में राहत सामग्री का वितरण किया गया।
डीएम दीपक मीणा ने बांसी तहसील में राप्ती नदी से आई बाढ़ से प्रभावित ग्राम मझवन कला, महुवा कला आदि गांवों का निरीक्षण किया। डीएम ने एसडीएम तथा तहसीलदार को बाढ़ प्रभावित गांवों में मोटरबोट तथा नाव की व्यवस्था कराने को निर्देश दिया। इसके साथ ही पूरी तरह से पानी से घिरे गांवों को मैरूंड घोषित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने सीएमओ डॉ संदीप चौधरी को कैंप लगाकर दवा वितरण कराने के निर्देश दिए। साथ ही बाढ़ प्रभावित ग्रामवासियों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि बाढ़ शरणालयों में आवश्यक सामग्री की कमी नही होनी चाहिए।
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सिद्धार्थनगर। जिले की अन्य नदियों का जलस्तर घट रहा है, लेकिन राप्ती खतरे का निशान पार करने के बाद भी लगातार बढ़ रही है। वहीं घटने के बावजूद बूढ़ी राप्ती नदी लगातार 10वें दिन भी लाल निशान के ऊपर रही। इससे बाढ़ प्रभावित गांव कई दिनों से पानी से चारो तरफ से घिरे हुए हैं और बांधों पर खतरा मंडरा रहा है।
नेपाल से निकलने वाली बानगंगा, राप्ती, बूढ़ी राप्ती, जमुआर, तेलार, कूड़ा और घोघी आदि से घिरे जिले के नौगढ़, बांसी, शोहरतगढ़, इटवा और डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के कई गांव बाढ़ के पानी से चारो तरफ से घिरे हुए हैं। प्रशासन ने सभी तहसीलों के 165 गांवों के बाढ़ग्रस्त होने की रिपोर्ट शासन को भेजी है। डुमरियागंज प्रतिनिधि के अनुसार, तहसील के बाढ़ प्रभावित गांव वीरपुर रतनपुर, अन्दुवा, भरवठिया, वीरपुर आदि गांव का एसडीएम त्रिभुवन ने निरीक्षण किया गया। एडीएम सीताराम गुप्ता ने बताया कि अब तक 588 बाढ़ पीड़ितों में राहत सामग्री का वितरण किया गया।
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डीएम दीपक मीणा ने बांसी तहसील में राप्ती नदी से आई बाढ़ से प्रभावित ग्राम मझवन कला, महुवा कला आदि गांवों का निरीक्षण किया। डीएम ने एसडीएम तथा तहसीलदार को बाढ़ प्रभावित गांवों में मोटरबोट तथा नाव की व्यवस्था कराने को निर्देश दिया। इसके साथ ही पूरी तरह से पानी से घिरे गांवों को मैरूंड घोषित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने सीएमओ डॉ संदीप चौधरी को कैंप लगाकर दवा वितरण कराने के निर्देश दिए। साथ ही बाढ़ प्रभावित ग्रामवासियों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि बाढ़ शरणालयों में आवश्यक सामग्री की कमी नही होनी चाहिए।
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