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लेखपालों का तहसील मुख्यालयों पर प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 15 Jul 2016 10:56 PM IST
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नौगढ़ तहसील परिसर में धरना देते लेखपाल संघ के सदस्य।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सिद्धार्थनगर। छह सूत्रीय मांगों को लेकर लेखपाल संघ ने शुक्रवार को तहसील कार्यालयों में प्रदर्शन किया। मांगों के समर्थन में नारे लगाए और राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा। एक माह की मोहलत देते हुए चेतावनी दी कि 15 अगस्त तक मांगें पूरी न हुई तो 16 अगस्त को तहसील मुख्यालय पर धरना देंगे। 17 से 22 अगस्त तक काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन कर आवाज बुलंद करेंगे।
23 से 29 अगस्त तक जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन के बाद भी मांगें पूरी न हुई तो 30 अगस्त को विधानसभा घेरने को बाध्य होंगे। नौगढ़ तहसील परिसर में धरने को संबोधित करते हुए संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामकरन गुप्ता ने कहा कि एसीपी विसंगति, वेतन उच्चीकरण, पदनाम व शैक्षिक योग्यता में परिवर्तन, मंडलीय स्थानांतरण नीति में परिवर्तन, प्रोन्नति के अवसरों में वृद्धि, नई पेंशन व्यवस्था की त्रुटियां दूर करने सहित अन्य मांगों को लेकर संघ लंबे समय से संघर्ष कर रहा है। शासन से सिर्फ आश्वासन मिल रहा है। अब लेखपाल आर-पार की लड़ाई का मन बना चुके हैं। मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा। धरने में रामशंकर द्विवेदी, रामसमुझ, देवानंद, आरती मिश्रा, विनय पांडेय, प्रियंका यादव, गिरीश मिश्रा, गणेश तिवारी, ज्योति सिंह, लक्ष्मी, माधुरी शुक्ला, प्रीतिलता पांडेय, प्रिया पटेल, श्वेता आदि मौजूद रहे।
शोहरतगढ़। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ तहसील इकाई शोहरतगढ़ के अध्यक्ष नजमुल हसन की अध्यक्षता में लेखपालों ने तहसील परिसर में लेखपाल संवर्ग की मांगों को लेकर धरना दिया। धरने को संबोधित करते हुए लेखपाल संघ अध्यक्ष नजमुल हसन ने कहा कि संघ के पदाधिकारी लेखपाल साथियों के हक और सम्मान के लिए तत्परता से कार्य कर रहे हैं। आश्वासन के बाद सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में हम लोग धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।
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सभी लेखपाल संघ की मजबूती के लिए एकजुटता बनाए रखें। मांगे पूरी होने तक संघ के पदाधिकारी लड़ाई लड़ते रहेंगे। धरने में जिला संगठन मंत्री महेंद्र साहनी, रामदेव यादव, पूर्व अध्यक्ष तिलकधारी सिंह, श्रीराम चौरसिया, महेंद्र शर्मा, श्रीराम चौबे, विजय बहादुर चौधरी, श्यामनरायन चौबे, गयादीन मौर्य, रामधारी यादव, गुंजन उपाध्याय, शिल्पी गुप्ता, बिंदू सिंह, बृजकिशोर सिंह, बबिता त्यागी, जिज्ञासा आदि मौजूद रहे।
बांसी। लेखपाल संवर्ग की मांगों के संदर्भ में शासनादेश निर्गत कराए जाने की मांग को लेकर लेखपाल संघ बांसी तहसील इकाई के अध्यक्ष हरिश्चन्द के नेतृत्व में शुक्रवार को प्रदेश के राजस्व मंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन एसडीएम की अनुपस्थिति में तहसीलदार को सौंपकर समस्या के त्वरित निवारण की मांग की। ज्ञापन में बताया कि लेखपाल संवर्ग में उत्पन्न एसीपी विसंगति को दूर किया जाना आवश्यक है।
लेखपाल संवर्ग का पदनाम राजस्व उपनिरीक्षक व शैक्षिक योग्यता स्नातक करते हुए प्रारंभिक वेतनमान 5200-20200 ग्रेड पे 2800 किया जाए। लेखपाल संवर्ग का कैडर पूर्ववत जनपद स्तरीय करते हुए स्थानांतरण नीति में संशोधन किया जाना चाहिए। लेखपालों को लैपटॉप उपलब्ध कराया जाए। साथ ही ज्ञापन में यह भी कहा गया कि एक अप्रैल 2005 से पूर्व चयनित लेखपालों की पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जाए तथा पहली अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त लेखपालों की नई पेंशन योजना में सुधार करते हुए आकस्मिक निकासी और सेवानिवृत्त या मृत्यु पर सुनिश्चित पेंशन सुविधा प्रदान किया जाना चाहिए। इस दौरान इफ्तखार अहमद, प्रभात तिवारी, राम अजोर चौधरी, बैजनाथ, ओमशंकर लाल, रामसुमेर, शरद शर्मा, श्यामनाथ आदि मौजूद रहे।
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23 से 29 अगस्त तक जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन के बाद भी मांगें पूरी न हुई तो 30 अगस्त को विधानसभा घेरने को बाध्य होंगे। नौगढ़ तहसील परिसर में धरने को संबोधित करते हुए संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामकरन गुप्ता ने कहा कि एसीपी विसंगति, वेतन उच्चीकरण, पदनाम व शैक्षिक योग्यता में परिवर्तन, मंडलीय स्थानांतरण नीति में परिवर्तन, प्रोन्नति के अवसरों में वृद्धि, नई पेंशन व्यवस्था की त्रुटियां दूर करने सहित अन्य मांगों को लेकर संघ लंबे समय से संघर्ष कर रहा है। शासन से सिर्फ आश्वासन मिल रहा है। अब लेखपाल आर-पार की लड़ाई का मन बना चुके हैं। मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा। धरने में रामशंकर द्विवेदी, रामसमुझ, देवानंद, आरती मिश्रा, विनय पांडेय, प्रियंका यादव, गिरीश मिश्रा, गणेश तिवारी, ज्योति सिंह, लक्ष्मी, माधुरी शुक्ला, प्रीतिलता पांडेय, प्रिया पटेल, श्वेता आदि मौजूद रहे।
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शोहरतगढ़। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ तहसील इकाई शोहरतगढ़ के अध्यक्ष नजमुल हसन की अध्यक्षता में लेखपालों ने तहसील परिसर में लेखपाल संवर्ग की मांगों को लेकर धरना दिया। धरने को संबोधित करते हुए लेखपाल संघ अध्यक्ष नजमुल हसन ने कहा कि संघ के पदाधिकारी लेखपाल साथियों के हक और सम्मान के लिए तत्परता से कार्य कर रहे हैं। आश्वासन के बाद सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में हम लोग धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।
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सभी लेखपाल संघ की मजबूती के लिए एकजुटता बनाए रखें। मांगे पूरी होने तक संघ के पदाधिकारी लड़ाई लड़ते रहेंगे। धरने में जिला संगठन मंत्री महेंद्र साहनी, रामदेव यादव, पूर्व अध्यक्ष तिलकधारी सिंह, श्रीराम चौरसिया, महेंद्र शर्मा, श्रीराम चौबे, विजय बहादुर चौधरी, श्यामनरायन चौबे, गयादीन मौर्य, रामधारी यादव, गुंजन उपाध्याय, शिल्पी गुप्ता, बिंदू सिंह, बृजकिशोर सिंह, बबिता त्यागी, जिज्ञासा आदि मौजूद रहे।
बांसी। लेखपाल संवर्ग की मांगों के संदर्भ में शासनादेश निर्गत कराए जाने की मांग को लेकर लेखपाल संघ बांसी तहसील इकाई के अध्यक्ष हरिश्चन्द के नेतृत्व में शुक्रवार को प्रदेश के राजस्व मंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन एसडीएम की अनुपस्थिति में तहसीलदार को सौंपकर समस्या के त्वरित निवारण की मांग की। ज्ञापन में बताया कि लेखपाल संवर्ग में उत्पन्न एसीपी विसंगति को दूर किया जाना आवश्यक है।
लेखपाल संवर्ग का पदनाम राजस्व उपनिरीक्षक व शैक्षिक योग्यता स्नातक करते हुए प्रारंभिक वेतनमान 5200-20200 ग्रेड पे 2800 किया जाए। लेखपाल संवर्ग का कैडर पूर्ववत जनपद स्तरीय करते हुए स्थानांतरण नीति में संशोधन किया जाना चाहिए। लेखपालों को लैपटॉप उपलब्ध कराया जाए। साथ ही ज्ञापन में यह भी कहा गया कि एक अप्रैल 2005 से पूर्व चयनित लेखपालों की पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जाए तथा पहली अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त लेखपालों की नई पेंशन योजना में सुधार करते हुए आकस्मिक निकासी और सेवानिवृत्त या मृत्यु पर सुनिश्चित पेंशन सुविधा प्रदान किया जाना चाहिए। इस दौरान इफ्तखार अहमद, प्रभात तिवारी, राम अजोर चौधरी, बैजनाथ, ओमशंकर लाल, रामसुमेर, शरद शर्मा, श्यामनाथ आदि मौजूद रहे।