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पति नहीं ले जा रहा साथ, कहां भटकूं
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 12 Feb 2017 10:21 PM IST
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पुलिस लाइन सभागार में नई किरण जनसुनवाई में मौजूद लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। दरोगा जी, चार माह से मायके में रह रही हूं, पति विदाई नहीं करा रहा। दुधमुंहे बच्चे को लेकर कब तक भटकूं। यह गुहार थी शोहरतगढ़ क्षेत्र के भावपुर गांव के टोला सहिजनवा निवासी सोनी की। रविवार को वह फरियाद लेकर पुलिस लाइन सभागार में आयोजित नई किरण जनसुनवाई में पहुंची थी। विवाहिता के साथ आए पिता मिठाईलाल का कहना था कि बेटी की शादी जून 2014 में सदर थाना क्षेत्र के मुड़िला गांव में की थी। तभी से ससुराल वाले उसका उत्पीड़न कर रहे हैं। वहीं विवाहिता का कहना था कि पति शकी मिजाज का है। वह पांच माह के बेटे को साथ नहीं रखना चाहता।
कई अन्य आरोप भी लगाए। कहा कि कब तक मायके में रहूं और मासूम बच्चे को लेकर कहां-कहां जाऊं। महिला थानाध्यक्ष सुमन त्रिपाठी ने फोन पर पति से संपर्क साधा और वादानुसार विदाई के निर्देश, लेकिन बात नहीं बनी। एसओ ने कहा कि मामले की जांच करने के मुकदमा दर्ज किया जाएगा। नई किरण सुनवाई में कुल 27 मामले प्रस्तुत हुए। इसमें रीमा पत्नी रामू ग्राम महुलानी थाना खेसरहा का विवाद सुलह-समझौते से समाप्त हुआ। पति-पत्नी एक साथ रहने को राजी हुए। नौ मामले में सुलह नहीं हो पाया, जबकि छह मामले में एक ही पक्ष पहुंचा और 12 मामलों में कोई नहीं पहुंचा। इस दौरान कांउसलर चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव, विनय कांत मिश्र, शमसुल हक, सिपाही नीतू साहनी आदि मौजूद रहे।
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कई अन्य आरोप भी लगाए। कहा कि कब तक मायके में रहूं और मासूम बच्चे को लेकर कहां-कहां जाऊं। महिला थानाध्यक्ष सुमन त्रिपाठी ने फोन पर पति से संपर्क साधा और वादानुसार विदाई के निर्देश, लेकिन बात नहीं बनी। एसओ ने कहा कि मामले की जांच करने के मुकदमा दर्ज किया जाएगा। नई किरण सुनवाई में कुल 27 मामले प्रस्तुत हुए। इसमें रीमा पत्नी रामू ग्राम महुलानी थाना खेसरहा का विवाद सुलह-समझौते से समाप्त हुआ। पति-पत्नी एक साथ रहने को राजी हुए। नौ मामले में सुलह नहीं हो पाया, जबकि छह मामले में एक ही पक्ष पहुंचा और 12 मामलों में कोई नहीं पहुंचा। इस दौरान कांउसलर चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव, विनय कांत मिश्र, शमसुल हक, सिपाही नीतू साहनी आदि मौजूद रहे।
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