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मानवता का गला घोंट रहे उच्च पदों पर बैठे लोग
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 28 Aug 2016 10:55 PM IST
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शहर के एक लाज में गोष्ठी को संबोधित करते वक्ता।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सिद्धार्थनगर। जमाअते इस्लामी हिंद की ओर से शांति और मानवता अभियान के क्रम में रविवार को नगर पालिका मैरेज हाल में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में हिंदू-मुस्लिम समुदाय के लोगों ने हिस्सा लिया और समाज में शांति-सौहार्द स्थापित करने पर विचार रखे। कार्यक्रम की शुरुआत हाफिज अब्दुल हफीज के तिलावते कलाम पाक से हुआ।
गोष्ठी में मौलाना जलालुद्दीन वजीराबादी ने कहा कि हमारा देश उच्च कोटि की विचारधाराओं का देश रहा है। मगर कुछ लोगों के निहित स्वार्थों के कारण वातावरण प्रदूषित हो रहा है। शांति भंग हो रही है, मानवता का हनन हो रहा है। डॉ. एफ रहमान ने कहा कि मानवता का बड़ा कारण तकासुर है। हम सब को लालच का दास नहीं बनना चाहिए। जवाहर लाल अग्रहरि ने कहा कि शांति व मानवता राजनीति की भेंट चढ़ गई है। देश के ढाई प्रतिशत व्यक्ति राजनीति की उच्च कुर्सी पर बैठकर शांति और मानवता का गला घोंट रहे हैं।
रामचंद्र गुप्ता ने कहा कि हिंदुस्तान का माहौल दिन-प्रतिदिन खराब होता जा रहा है। शांति व मानवता का संदेश देकर जमाअते इस्लामी हिंद ने देश को बचाने का यह सुनहरा अभियान चलाया है। हम सब को मिलकर इस अभियान को सफल बनाना चाहिए। अंत में अजहरुद्दीन फलाही ने कहा कि अब समय आ गया है कि समाज के बुद्धजीवी लोग शांति व मानवता का परचम लेकर इस मुहिम का हिस्सा बनें। इस दौरान अब्दुल हन्नान, राधेश्याम गुप्ता, विनय कांत मिश्र आदि मौजूद रहे।
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गोष्ठी में मौलाना जलालुद्दीन वजीराबादी ने कहा कि हमारा देश उच्च कोटि की विचारधाराओं का देश रहा है। मगर कुछ लोगों के निहित स्वार्थों के कारण वातावरण प्रदूषित हो रहा है। शांति भंग हो रही है, मानवता का हनन हो रहा है। डॉ. एफ रहमान ने कहा कि मानवता का बड़ा कारण तकासुर है। हम सब को लालच का दास नहीं बनना चाहिए। जवाहर लाल अग्रहरि ने कहा कि शांति व मानवता राजनीति की भेंट चढ़ गई है। देश के ढाई प्रतिशत व्यक्ति राजनीति की उच्च कुर्सी पर बैठकर शांति और मानवता का गला घोंट रहे हैं।
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रामचंद्र गुप्ता ने कहा कि हिंदुस्तान का माहौल दिन-प्रतिदिन खराब होता जा रहा है। शांति व मानवता का संदेश देकर जमाअते इस्लामी हिंद ने देश को बचाने का यह सुनहरा अभियान चलाया है। हम सब को मिलकर इस अभियान को सफल बनाना चाहिए। अंत में अजहरुद्दीन फलाही ने कहा कि अब समय आ गया है कि समाज के बुद्धजीवी लोग शांति व मानवता का परचम लेकर इस मुहिम का हिस्सा बनें। इस दौरान अब्दुल हन्नान, राधेश्याम गुप्ता, विनय कांत मिश्र आदि मौजूद रहे।
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