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समरसता शब्द नहीं विचार में होना चाहिए : सुभाष
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शहर में आयोजित विचार गोष्ठी में उपस्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लोग। संवाद
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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समरसता शब्द नहीं विचार में होना चाहिए : सुभाष
आरएसएस की ओर से नगर के महंत अवैद्यनाथ बहुउद्देश्यीय कक्ष में आयोजित हुई गोष्ठी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सामाजिक समरसता विभाग की ओर से रविवार को नगर के महंत अवैद्यनाथ बहुउद्देश्यीय कक्ष में समरस हिंदू समर्थ भारत विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।
गोष्ठी को संघ के गोरक्ष प्रांत के प्रचारक सुभाष ने कहा कि समरसता शब्द नहीं, बल्कि विचार में होना चाहिए। जाति, पात, ऊंचनीच, गरीब, अमीर का भेद मिटाए बिना सामाजिक समरसता संभव नहीं है। वर्ण व्यवस्था कर्म के अनुसार बनाए गए थे। लेकिन कुछ महत्वाकांक्षी लोगों ने इसे जाति व्यवस्था में बदल दिया। जिसका दुष्परिणाम हमें देखने को मिल रहा है। प्राचीन भारत का इतिहास गौरवशाली रहा है। भारत ज्ञान, धर्म और धन, धान्य से पूर्ण था।
हमारे धन को विदेशियों ने लूट लिया और साजिशन धर्म को जाति आधारित बताकर अपना कुत्सित ज्ञान हम पर थोप दिया। हमें पुराना गौरव हासिल करने के लिए सामाजिक समरसता के नियमों को अपनाना होगा।
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गोष्ठी में विभाग प्रचारक श्रीप्रकाश, जिला कार्यवाह शिवेंद्र सिंह, रामनवल, शंभू गुप्ता, जिला संघचालक गोकुल गोयल, नगर प्रचारक अभय, रामनारायण, मनोज कुमार, पवन उपाध्याय, अविनाश, नंदलाल, अखिलेश श्रीवास्तव, सौरभ, अंकित त्रिपाठी, मिथिलेश अग्रहरि और सत्यम आदि मौजूद रहे।
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आरएसएस की ओर से नगर के महंत अवैद्यनाथ बहुउद्देश्यीय कक्ष में आयोजित हुई गोष्ठी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सामाजिक समरसता विभाग की ओर से रविवार को नगर के महंत अवैद्यनाथ बहुउद्देश्यीय कक्ष में समरस हिंदू समर्थ भारत विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।
गोष्ठी को संघ के गोरक्ष प्रांत के प्रचारक सुभाष ने कहा कि समरसता शब्द नहीं, बल्कि विचार में होना चाहिए। जाति, पात, ऊंचनीच, गरीब, अमीर का भेद मिटाए बिना सामाजिक समरसता संभव नहीं है। वर्ण व्यवस्था कर्म के अनुसार बनाए गए थे। लेकिन कुछ महत्वाकांक्षी लोगों ने इसे जाति व्यवस्था में बदल दिया। जिसका दुष्परिणाम हमें देखने को मिल रहा है। प्राचीन भारत का इतिहास गौरवशाली रहा है। भारत ज्ञान, धर्म और धन, धान्य से पूर्ण था।
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हमारे धन को विदेशियों ने लूट लिया और साजिशन धर्म को जाति आधारित बताकर अपना कुत्सित ज्ञान हम पर थोप दिया। हमें पुराना गौरव हासिल करने के लिए सामाजिक समरसता के नियमों को अपनाना होगा।
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गोष्ठी में विभाग प्रचारक श्रीप्रकाश, जिला कार्यवाह शिवेंद्र सिंह, रामनवल, शंभू गुप्ता, जिला संघचालक गोकुल गोयल, नगर प्रचारक अभय, रामनारायण, मनोज कुमार, पवन उपाध्याय, अविनाश, नंदलाल, अखिलेश श्रीवास्तव, सौरभ, अंकित त्रिपाठी, मिथिलेश अग्रहरि और सत्यम आदि मौजूद रहे।