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Siddharthnagar News: जंक फूड से हो रही पित्त की थैली में पथरी
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मेडिकल कॉलेज के ओपीडी में मरीजों की भीड़। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। उम्र के साथ इंसान के शरीर में तमाम प्रकार की बीमारियां जन्म लेने लगती हैं। इसमें एक समस्या पथरी की भी होती है। तले-भुने भोजन और जंक फूड का लगातार सेवन लोगों को पथरी का मरीज बना रहा है। डॉक्टरों का मानना है कि पिछले पांच वर्षों में पथरी के मामले काफी बढ़े हैं।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल काॅलेज में हर महीने लगभग 50 से अधिक मरीजों के पित्त की थैली में पथरी का ऑपरेशन किया जा रहा है। इसके अलावा निजी अस्पतालों में भी हर महीने सैकड़ों की संख्या में मरीज ऑपरेशन करवा रहे हैं। डॉक्टर बताते है कि आमतौर पर 40 वर्ष की आयु के बाद लोगों में पथरी की परेशानी होती है।
इसमें पित्त की थैली व किडनी में पथरी मुख्य है। गुर्दे की पथरी अधिकतर 20 से 40 वर्ष की आयु के बीच ज्यादा देखने को मिल रही है।
जनरल सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सीबी पांडेय ने बताया कि अधिकतर युवा पानी कम पीते हैं और जरूरत से ज्यादा कैलोरी के रूप में मांसाहारी, तले-भुने भोजन और जंक फूड का सेवन करते हैं। पित्त की थैली में पथरी कोलेस्ट्रॉल इकट्ठा होने लगता है। लगातार एक जगह पर कोलेस्ट्रॉल इकट्ठा होकर सख्त हो जाता है और किडनी में पथरी की समस्या हो जाती है।
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हर चौथे व्यक्ति में पथरी की समस्या मिल रही है, जिन्हें ऑपरेशन करवाकर थैली निकलवाने की जरूरत होती है। वहीं गुर्दे की पथरी का आकार हर व्यक्ति में अलग-अलग होता है। अधिक बड़ा होने पर यह गुर्दे के भीतरी खोखले हिस्सों को पूरी तरह से भर देता है।
शुरुआती समय में इस पर ध्यान नहीं देने से पथरी का आकार बढ़ने लगता है और अंत में ऑपरेशन ही विकल्प बचता है। ऐसे में पित्त की थैली में पथरी के लक्षण महसूस होने पर बिना देर किए डॉक्टर की सलाह लें।घ
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सिद्धार्थनगर। उम्र के साथ इंसान के शरीर में तमाम प्रकार की बीमारियां जन्म लेने लगती हैं। इसमें एक समस्या पथरी की भी होती है। तले-भुने भोजन और जंक फूड का लगातार सेवन लोगों को पथरी का मरीज बना रहा है। डॉक्टरों का मानना है कि पिछले पांच वर्षों में पथरी के मामले काफी बढ़े हैं।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल काॅलेज में हर महीने लगभग 50 से अधिक मरीजों के पित्त की थैली में पथरी का ऑपरेशन किया जा रहा है। इसके अलावा निजी अस्पतालों में भी हर महीने सैकड़ों की संख्या में मरीज ऑपरेशन करवा रहे हैं। डॉक्टर बताते है कि आमतौर पर 40 वर्ष की आयु के बाद लोगों में पथरी की परेशानी होती है।
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इसमें पित्त की थैली व किडनी में पथरी मुख्य है। गुर्दे की पथरी अधिकतर 20 से 40 वर्ष की आयु के बीच ज्यादा देखने को मिल रही है।
जनरल सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सीबी पांडेय ने बताया कि अधिकतर युवा पानी कम पीते हैं और जरूरत से ज्यादा कैलोरी के रूप में मांसाहारी, तले-भुने भोजन और जंक फूड का सेवन करते हैं। पित्त की थैली में पथरी कोलेस्ट्रॉल इकट्ठा होने लगता है। लगातार एक जगह पर कोलेस्ट्रॉल इकट्ठा होकर सख्त हो जाता है और किडनी में पथरी की समस्या हो जाती है।
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हर चौथे व्यक्ति में पथरी की समस्या मिल रही है, जिन्हें ऑपरेशन करवाकर थैली निकलवाने की जरूरत होती है। वहीं गुर्दे की पथरी का आकार हर व्यक्ति में अलग-अलग होता है। अधिक बड़ा होने पर यह गुर्दे के भीतरी खोखले हिस्सों को पूरी तरह से भर देता है।
शुरुआती समय में इस पर ध्यान नहीं देने से पथरी का आकार बढ़ने लगता है और अंत में ऑपरेशन ही विकल्प बचता है। ऐसे में पित्त की थैली में पथरी के लक्षण महसूस होने पर बिना देर किए डॉक्टर की सलाह लें।घ