{"_id":"60d75a698ebc3eba6f622145","slug":"froud-case-siddharthnagar-news-gkp3996256103","type":"story","status":"publish","title_hn":"खुद को अफसर बता वसूली की कोशिश करने वाले पकड़े गए, तहरीर न मिलने पर पुलिस ने छोड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खुद को अफसर बता वसूली की कोशिश करने वाले पकड़े गए, तहरीर न मिलने पर पुलिस ने छोड़ा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खुद को अफसर बता वसूली की कोशिश करने वाले पकड़े गए, तहरीर न मिलने पर पुलिस ने छोड़ा
स्वास्थ्य विभाग का अधिकारी बनकर पैथोलॉजी और अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर पहुंचे थे जांच करने
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। शुक्रवार को शहर के कई निजी पैथोलॉजी और अल्ट्रासाउंड सेंटरों में कुछ लोगों ने खुद को स्वास्थ्य विभाग का अधिकारी बताकर वसूली करने की कोशिश की। किसी ने इसकी सूचना पुलिस को दी। हरकत में आई पुलिस ने उनको पकड़ लिया। इस मामले में निजी सेंटर संचालित करने वालाें की ओर से तहरीर नहीं दी गई है। इस कारण पुलिस ने उनको बिना कार्रवाई के ही छोड़ दिया। तहरीर नहीं देने के मामले में निजी सेंटरों के संचालकों पर भी सवाल उठे हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
जिले में अनाधिकृत रूप से अल्ट्रासाउंड और प्राइवेट अस्पताल के चलाए जाने के मामले सामने आते रहते हैं। टीम पहुंचने के बाद संचालक या तो बंद करके फरार हो जाते हैं। इसी की आड़ में कुछ लोग खुद को जांच अधिकारी बताते हुए ठगी करते हैं। शुक्रवार को एक ऐसा ही गैंग सामने आया, जो मुख्यालय के अलग-अलग अल्ट्रासाउंड केंद्र पर पहुंचा। कहीं स्वास्थ्य विभाग का अधिकारी बताकर कार्रवाई का हवाला देते हुए रुपये की मांग की तो कहीं अन्य जांच एजेंसी का अधिकारी बताते हुए रुपये ऐंठने की कोशिश की। कोतवाल सदर केडी सिंह ने बताया कि फर्जी टीम पकड़ी गई थी, लेकिन किसी ने तहरीर नहीं दी। इसलिए सभी का बयान लेकर छोड़ दिया गया।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग का अधिकारी बनकर पैथोलॉजी और अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर पहुंचे थे जांच करने
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। शुक्रवार को शहर के कई निजी पैथोलॉजी और अल्ट्रासाउंड सेंटरों में कुछ लोगों ने खुद को स्वास्थ्य विभाग का अधिकारी बताकर वसूली करने की कोशिश की। किसी ने इसकी सूचना पुलिस को दी। हरकत में आई पुलिस ने उनको पकड़ लिया। इस मामले में निजी सेंटर संचालित करने वालाें की ओर से तहरीर नहीं दी गई है। इस कारण पुलिस ने उनको बिना कार्रवाई के ही छोड़ दिया। तहरीर नहीं देने के मामले में निजी सेंटरों के संचालकों पर भी सवाल उठे हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
जिले में अनाधिकृत रूप से अल्ट्रासाउंड और प्राइवेट अस्पताल के चलाए जाने के मामले सामने आते रहते हैं। टीम पहुंचने के बाद संचालक या तो बंद करके फरार हो जाते हैं। इसी की आड़ में कुछ लोग खुद को जांच अधिकारी बताते हुए ठगी करते हैं। शुक्रवार को एक ऐसा ही गैंग सामने आया, जो मुख्यालय के अलग-अलग अल्ट्रासाउंड केंद्र पर पहुंचा। कहीं स्वास्थ्य विभाग का अधिकारी बताकर कार्रवाई का हवाला देते हुए रुपये की मांग की तो कहीं अन्य जांच एजेंसी का अधिकारी बताते हुए रुपये ऐंठने की कोशिश की। कोतवाल सदर केडी सिंह ने बताया कि फर्जी टीम पकड़ी गई थी, लेकिन किसी ने तहरीर नहीं दी। इसलिए सभी का बयान लेकर छोड़ दिया गया।
विज्ञापन