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फर्जीवाड़ा : जांच के दायरे में अभी भी हैं कई शिक्षक
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फर्जीवाड़ा : जांच के दायरे में अभी भी हैं कई शिक्षक
सिद्धार्थनगर। शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में फर्जीवाड़े की जांच के दायरे में अभी भी जिले के कई शिक्षक शामिल हैं। विभागीय जांच से दोषमुक्त होकर बहाल हो चुके मुख्य आरोपित ने एसटीएफ एवं पुलिस की पूछताछ में कई महत्वपूूर्ण राज उगले थे। उसने बताया था कि फर्जीवाड़े में तत्कालीन बीएसए समेत बीएसए कार्यालय के कई कर्मचारी भी शामिल रहे, जिनकी मिलीभगत से फर्जी शिक्षकों की भर्ती कराई गई।
जिले में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में फर्जीवाड़े का पर्दाफाश वर्ष 2018 में हुआ, जिसके बाद से चल रही जांच में फर्जी शिक्षकों के मिलने का सिलसिला अभी भी जारी है। इसी वर्ष एसटीएफ एवं स्थानीय पुलिस की टीम ने गोरखपुर से पकड़े गए शिक्षक राकेश सिंह से कई राज उगलवाए थे। उसमें पूर्व बीएसए समेत कार्यालय के कई कर्मचारी भी फर्जीवाड़े में शामिल बताए गए थे। इसी के साथ पुलिस टीम ने बीएसए कार्यालय से ही एक बाबू को गिरफ्तार किया था।
यहां तक कि तत्कालीन बीएसए के निर्देश पर खंड शिक्षा अधिकारियों ने विभिन्न थानों में फर्जी शिक्षकों के विरुद्ध कई मुकदमे दर्ज कराए थे और तभी से कई और फर्जी शिक्षक पकड़े गए। यह आंकड़ा सौ से पार कर चुका है। अब जबकि एक तरफ पांच दिन पूर्व इसी फर्जीवाड़े मामले में दो शिक्षक बर्खास्त किए गए। वहीं दूसरी तरफ फर्जीवाड़े के मुख्य आरोपित को शिक्षा विभाग बहाल कर चुका है। ऐसे में फर्जीवाड़े की जांच प्रक्रिया बाधित होनी तय है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, अभी भी कई फर्जी शिक्षक जांच के दायरे में आ सकते है।
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रिपोर्ट देने वाले अधिकारी के जांच पर सवाल
अधिवक्ता संजय कुमार श्रीवास्तव कहते हैं कि फर्जीवाड़े मामले में जेल भेजे गए शिक्षक के संबंध में विभागीय जांच रिपोर्ट में इसका उल्लेख नहीं करना, संबंधित जांच अधिकारी पर सवाल खड़ा करता है। विभागीय जांच अधिकारी ने आरोपित के सिर्फ स्कूल में अनुपस्थित रहने का ही हवाला देते हुए उसे क्लीनचिट देने का कार्य किया। जबकि उसे उच्चाधिकारियों को आरोपित से संबंधित सभी प्रकरणों की जानकारी देनी चाहिए थी।
‘आरोप सिद्ध होने पर होगी कार्रवाई’
बीएसए देवेंद्र कुमार पांडेय का कहना है कि उनकी तरफ से शिक्षक राकेश सिंह के दो वर्ष अनुपस्थित रहने के संबंध में अलग से जांच के निर्देश दिए गए। उसकी रिपोर्ट मिलने एवं उस पर आपराधिक मामलों में दोष सिद्ध होगा और वह जेल जाएगा, तब विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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सिद्धार्थनगर। शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में फर्जीवाड़े की जांच के दायरे में अभी भी जिले के कई शिक्षक शामिल हैं। विभागीय जांच से दोषमुक्त होकर बहाल हो चुके मुख्य आरोपित ने एसटीएफ एवं पुलिस की पूछताछ में कई महत्वपूूर्ण राज उगले थे। उसने बताया था कि फर्जीवाड़े में तत्कालीन बीएसए समेत बीएसए कार्यालय के कई कर्मचारी भी शामिल रहे, जिनकी मिलीभगत से फर्जी शिक्षकों की भर्ती कराई गई।
जिले में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में फर्जीवाड़े का पर्दाफाश वर्ष 2018 में हुआ, जिसके बाद से चल रही जांच में फर्जी शिक्षकों के मिलने का सिलसिला अभी भी जारी है। इसी वर्ष एसटीएफ एवं स्थानीय पुलिस की टीम ने गोरखपुर से पकड़े गए शिक्षक राकेश सिंह से कई राज उगलवाए थे। उसमें पूर्व बीएसए समेत कार्यालय के कई कर्मचारी भी फर्जीवाड़े में शामिल बताए गए थे। इसी के साथ पुलिस टीम ने बीएसए कार्यालय से ही एक बाबू को गिरफ्तार किया था।
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यहां तक कि तत्कालीन बीएसए के निर्देश पर खंड शिक्षा अधिकारियों ने विभिन्न थानों में फर्जी शिक्षकों के विरुद्ध कई मुकदमे दर्ज कराए थे और तभी से कई और फर्जी शिक्षक पकड़े गए। यह आंकड़ा सौ से पार कर चुका है। अब जबकि एक तरफ पांच दिन पूर्व इसी फर्जीवाड़े मामले में दो शिक्षक बर्खास्त किए गए। वहीं दूसरी तरफ फर्जीवाड़े के मुख्य आरोपित को शिक्षा विभाग बहाल कर चुका है। ऐसे में फर्जीवाड़े की जांच प्रक्रिया बाधित होनी तय है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, अभी भी कई फर्जी शिक्षक जांच के दायरे में आ सकते है।
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रिपोर्ट देने वाले अधिकारी के जांच पर सवाल
अधिवक्ता संजय कुमार श्रीवास्तव कहते हैं कि फर्जीवाड़े मामले में जेल भेजे गए शिक्षक के संबंध में विभागीय जांच रिपोर्ट में इसका उल्लेख नहीं करना, संबंधित जांच अधिकारी पर सवाल खड़ा करता है। विभागीय जांच अधिकारी ने आरोपित के सिर्फ स्कूल में अनुपस्थित रहने का ही हवाला देते हुए उसे क्लीनचिट देने का कार्य किया। जबकि उसे उच्चाधिकारियों को आरोपित से संबंधित सभी प्रकरणों की जानकारी देनी चाहिए थी।
‘आरोप सिद्ध होने पर होगी कार्रवाई’
बीएसए देवेंद्र कुमार पांडेय का कहना है कि उनकी तरफ से शिक्षक राकेश सिंह के दो वर्ष अनुपस्थित रहने के संबंध में अलग से जांच के निर्देश दिए गए। उसकी रिपोर्ट मिलने एवं उस पर आपराधिक मामलों में दोष सिद्ध होगा और वह जेल जाएगा, तब विभागीय कार्रवाई की जाएगी।