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Siddharthnagar News: पांच दिन के बुखार में हो जा रहा टाइफाइड फूल रही सांस

Sat, 24 Aug 2024 04:15 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Sat, 24 Aug 2024 04:15 AM IST
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Five days of fever leads to typhoid and shortness of breath
सिद्धार्थनगर। अगर कई दिनों से बुखार है और चलने में कठिनाई हो रही है, सांस फूल रहा है तो तत्काल डॉक्टर को दिखाएं। क्योंकि यह टाइफाइड का संकेत है। महज पांच दिन में ही टाइफाइड हो जा रहा है। अगर आपको या परिवार में किसी को दिक्कत है तो इलाज कराएं, नहीं तो गंभीर समस्या हो सकती है। क्योंकि माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में पहुंचने वाले मरीजों की जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आ रही है। विशेषज्ञ इसे मौसम का वायरल बता रहे हैं, लेकिन समय रहते इलाज की सलाह भी दे रहे हैं।
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मौसम में बदलाव के बाद से कई प्रकार की बीमारी की गिरफ्त में लोग आते हैं। बारिश के सीजन में बुखार और मलेरिया से लोग पीड़ित हाेते हैं। लेकिन इस बार जो बुखार आ रहा है, उसमें मरीजों को टाइफाइड हो जा रहा है। मेडिकल कॉलेज में फिजिशियन के पास नियमित बड़ी संख्या में बुखार के रोगी पहुंच रहे हैं। जिनकी हिस्ट्री जानने के बाद डॉक्टर जांच करने की सलाह दे रहे हैं। जांच के दौरान टाइफाइड होना पाया जा रहा है।
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चिकित्सकों का कहना है कि पहले लगातार 10 दिन से अधिक बुखार आने पर यह समस्या होती थी, लेकिन अब इसकी मियाद पांच तक पहुंच गई है। मरीजों को तत्काल नियमित दवा खाने और परहेज करने की सलाह दे रहे हैं। क्योंकि टाईफाइड में प्लेटलेट में तेजी से कमी आती है जो जानलेवा साबित होती है। शुक्रवार को फिजिशियन डॉ. सीबी चौधरी के कक्ष में मरीजों की भीड़ लगी थी। इसमें अधिकांश रोगी बुखार और सिरदर्द से ग्रसित वाले थे।
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आंकड़ों पर गाैर करें तो प्रतिदिन 300 के करीब बुखार के रोगी आ रहे हैं। इसमें अधिकांश ऐसे आते हैं, जिनकी जांच करवाने पर यही पता चल रहा है कि टाइफाइड हुआ है। इस संबंध में सीएमएस डॉ. एके झा ने बताया कि अस्पताल में दवाओं की कमी नहीं है, जो सुविधाएं मौजूद हैं, उसमें बेहतर इलाज किया जा रहा है।

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बुखार होते ही नजदीक के अस्पताल में इलाज करवाएं। बिना चिकित्सक के दिखाएं दवा न लें। साफ पानी का पीएं, ताजा भोजन करें। बाहर की वस्तुओं का ना खाएं। मच्छर दानी लगाकर ही सोएं। इससे बीमारी से काफी हद तक बचा जा सकता है।
-डॉ. सीबी चौधरी, फिजिशियन माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज
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