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किसान के घोषणा पत्र देने से फसल कटाई में रीपर की बाध्यता खत्म

Sun, 27 Sep 2020 06:51 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 27 Sep 2020 06:51 PM IST
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farmer repar
किसान के घोषणा पत्र देने से फसल कटाई में रीपर की बाध्यता खत्म
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किसान संगठनों और जनप्रतिनिधियों की मांग पर शासनादेश में संशोधन
पराली प्रबंधन का देना होगा घोषणा पत्र, जलाने पर होगी सख्त कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। कंबाइन से फसल कटाई के दौरान पराली प्रबंधन के लिए सुपर मैनेजमेंट सिस्टम या स्ट्रा रीपर के प्रयोग की अनिवार्यता से किसानों की परेशानियां बढ़ गई थी। किसान संगठन और जनप्रतिनिधियों की मांग पर शासन ने किसानों के पराली नहीं जलाने संबंधी घोषणा पत्र देने पर कटाई के समय रीपर आदि के प्रयोग करने की बाध्यता खत्म कर दी। कंबाइन से गेहूं और धान की फसल कटाई का प्रचलन शुरू होने के बाद फसल अवशेष (पराली) जलाने की घटनाएं बढ़ गई थीं। इस कारण शासन ने पराली जलाने पर केस दर्ज करने और जुर्माना लगाने आदि सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया। वहीं कई कंबाइन संचालक पराली प्रबंधन यंत्र की व्यवस्था नहीं कर पाने के कारण फसल कटाई बंद कर दिए। जिससे जल्द कटाई नहीं होने से फसलों को नुकसान हो रहा था। अपर मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन डॉ. देवेश चतुर्वेदी ने कहा किसान प्रतिनिधियों की मांग को देखते हुए सरकार ने किसानों द्वारा पराली प्रबंधन संबंधी घोषणा पत्र देने पर फसल कटाई के समय एसएमएस या स्ट्रा रीपर के प्रयोग की अनिवार्यता समाप्त कर दी है।
कंबाइन संचालक होंगे अनुपालन के जिम्मेदार
किसान द्वारा दिए गए पराली नहीं जलाने और उसके प्रबंधन करने संबंधी घोषणा पत्र का अनुपालन कराने की जिम्मेदारी संबंधित कंबाइन संचालक की भी होगी। किसान द्वारा घोषणा पत्र देने के बाद पराली का प्रबंधन नहीं करने और जलाने पर प्रशासन उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा। ग्राम स्तरीय अधिकारी कंबाइन अथवा हार्वेस्टर से फसल कटाई के दौरान निगरानी करते हुए जरूरी कार्रवाई करेंगे।
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डीकंपोजर से पराली प्रबंधन फायदेमंद
जिला कृषि अधिकारी सीपी सिंह का कहना है कि वैसे तो किसान फसल कटाई के बाद जीरो टिल सीड ड्रिल, सुपर सीडर का प्रयोग कर सीधे बुवाई कर सकता है। इसके अलावा डीकंपोजर का नियमानुसार प्रयोग कर पराली को खेत में ही सड़ाकर खाद बना सकता है। जो आगामी फसल के लिए फायदेमंद होगा।
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