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किताबों की दूरी ने बढ़ाया वैचारिक संकट
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 19 Mar 2017 10:29 PM IST
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अंबेडकर सभागार में पुस्तक का विमोचन करते मुख्य अतिथि।
- फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। वसुधैव कुटुंबकम मानवीय संगठन की ओर से रविवार को विकास भवन के अंबेडकर सभागार में पुस्तक विमोचन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें वक्ताओं मेें किताबों की उपयोगिता पर जोर देते हुए युवा वर्ग से नियमित अध्ययन का आह्वान किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. गणेश शंकर पांडेय ने कहा कि बड़े ही गर्व की बात है कि महेंद्र शुक्ल ने जीवन के सभी पहलुओं से समाहित पुस्तक को लिखा। उन्होंने कहा कि भ्रमित जीवन और अनुशासित जीवन दो पुस्तकों का लेखन बहुत ही अच्छे ढंग से किया गया है।
हर व्यक्ति को किताबों का अध्ययन करना चाहिए। कहा कि किताबों से दूरी के कारण ही आज की युवा पीढ़ी वैचारिक संकट से जूझ रही है। इस दौरान वरिष्ठ चिकित्सक व साहित्यकार डॉ. सचिदानंद मिश्र, डॉ. राम पांडेय, डॉ. बृजेश पांडेय, रामनरेश मिश्र, प्रोफेसर सुरेंद्र मिश्र, डॉ. एएस सिद्दीकी, डॉ. विनय कांत मिश्र, डॉ. प्रमोद कुमार मिश्र, हरेंद्र कुमार मिश्र, नजीर मलिक और एमपी गोस्वामी आदि मौजूद रहे। संचालन नियाज अहमद सिद्दीकी ने किया।
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हर व्यक्ति को किताबों का अध्ययन करना चाहिए। कहा कि किताबों से दूरी के कारण ही आज की युवा पीढ़ी वैचारिक संकट से जूझ रही है। इस दौरान वरिष्ठ चिकित्सक व साहित्यकार डॉ. सचिदानंद मिश्र, डॉ. राम पांडेय, डॉ. बृजेश पांडेय, रामनरेश मिश्र, प्रोफेसर सुरेंद्र मिश्र, डॉ. एएस सिद्दीकी, डॉ. विनय कांत मिश्र, डॉ. प्रमोद कुमार मिश्र, हरेंद्र कुमार मिश्र, नजीर मलिक और एमपी गोस्वामी आदि मौजूद रहे। संचालन नियाज अहमद सिद्दीकी ने किया।
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