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जिला अस्पताल में नहीं है एमआरआई जांच की सुविधा

Sat, 18 Dec 2021 11:06 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 18 Dec 2021 11:06 PM IST
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emaaraee jaanch kee suvidha nahin
जिला अस्पताल में मरीजों की लगी भीड़। - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
जिला अस्पताल में एमआरआई जांच की सुविधा नहीं
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न्यूरो के मरीजों को जांच के लिए जाना पड़ता है बस्ती और गोरखपुर
अस्पताल में प्रतिदिन पहुंचते हैं 100 से अधिक मरीज
सिद्धार्थनगर। जिला अस्पताल में एमआरआई जांच की सुविधा न होने से मरीजों को गोरखपुर और बस्ती जांच के लिए जाना पड़ता है। नस की समस्या से जूझ रहेे मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। अस्पताल में न्यूरो चिकित्सक न होने से दूसरे चिकित्सक दर्द की दवा देकर मरीजों को भेज देते हैं।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध संयुक्त जिला अस्पताल पर 28 लाख की आबादी के इलाज का जिम्मा है। अस्पताल में चिकित्सक की कमी के साथ जांच की भी सुविधा कम है। भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। इसमें ऑफिस और घर पर घंटों लैपटॉप आदि पर बैठकर कार्य करने वाले अधिकांश लोग कमर दर्द, गले में दिक्कत नस की वजह से परेशान रहते हैं, मगर जिला अस्पताल में इलाज नहीं हो पा रहा है।
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न्यूरो चिकित्सक न होने के साथ ही जिला अस्पताल में एमआरआई जांच की सुविधा नहीं है। जबकि नस से संबंधित प्रतिदिन 100 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। यह लोग हड्डी रोग विशेषज्ञ से इलाज कराते हैं। इससे न तो मरीजों की बीमारी दूर हो रही है न उन्हें लाभ मिल रहा है। नगर के निवासी गोविंद ने कहा कि कमर में दर्द था, जिला अस्पताल गया तो नस से संबंधित समस्या बताई गई। न्यूरो चिकित्सक नहीं मिले। हड्डी रोग डॉक्टर ने एमआरआई जांच लिखी तो गोरखपुर करवाना पड़ा। गोरखपुर गए तो जांच में कमर की नस का दबा होना पाया गया। अगर यहां पर चिकित्सक और जांच की सुविधा होती तो गोरखपुर नहीं जाना पड़ता।
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महेश कुमार ने कहा कि गले में दर्द था। सही से घूम नहीं रहा था। जिला अस्पताल गए तो एक चिकित्सक ने नस की बीमारी होने की बात कहीं। इसके बाद गोरखपुर दिखाने के लिए कहा तो गोरखपुर गए। एमआरआई जांच में गले के पीछे नस के दबने की बात समाने आई। इसके बाद इलाज शुरू हो सका। अगर यहां पर इलाज और जांच की सुविधा होती तो रुपये की बचत के साथ समय भी बचता।

माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में पहले बेसिक स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने का कार्य किया जा रहा है। फिलहाल मेडिकल कॉलेज में न्यूरो फिजिशियन एवं सर्जन का पद सृजित नहीं हुआ है।
डॉ. सलिल श्रीवास्तव, प्राचार्य
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