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Siddharthnagar News: ठंड में कान हो रहे सुन्न, सुनने की क्षमता भ्ाी हो रही कमजोर
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। बढ़ती ठंड में बिना कान ढके बाइक चलाने से लोगों में कम सुनाई देने के साथ कई समस्या आ रही है।
इससे कान सुन्न पड़ना, रक्त का बहाव प्रभावित होने के साथ कई समस्याएं हो रही हैं। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में इस तरह के प्रतिदिन 10 से 15 केस आ रहे हैं। डॉक्टर मरीजों का इलाज करने के साथ ही उन्हें कान ढककर चलने की भी सलाह दे रहे हैं। बढ़ती ठंड में मेडिकल कॉलेज की सभी ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इस क्रम में मेडिकल कॉलेज सहित अन्य ईएनटी डॉक्टरों के पास कान के मरीजों की संख्या बढ़ी है।
डॉक्टरों की मानें तो वर्तमान में गलन भरी ठंड पड़ रही है, जिससे कान ढके बिना वाहन चलाने वाले लोगों में कई समस्या उत्पन्न हो रही है। ईएनटी डॉ. संजय शर्मा ने बताया कि कान में ठंडी हवा के जाने से रोगियों के कान के अंदर की धमनी में रक्त आपूर्ति बाधित हो जाती। इससे सुनाई कम देता है।
ठंड में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। समस्या तेज हवा के प्रभाव से होती है, जिससे कानों में खून का प्रवाह प्रभावित हो जाता है। ठंडी हवा नाक और कान के रास्ते शरीर में प्रवेश करती है, जिससे सर्दी, जुकाम और अन्य बीमारियां ई
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सिद्धार्थनगर। बढ़ती ठंड में बिना कान ढके बाइक चलाने से लोगों में कम सुनाई देने के साथ कई समस्या आ रही है।
इससे कान सुन्न पड़ना, रक्त का बहाव प्रभावित होने के साथ कई समस्याएं हो रही हैं। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में इस तरह के प्रतिदिन 10 से 15 केस आ रहे हैं। डॉक्टर मरीजों का इलाज करने के साथ ही उन्हें कान ढककर चलने की भी सलाह दे रहे हैं। बढ़ती ठंड में मेडिकल कॉलेज की सभी ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इस क्रम में मेडिकल कॉलेज सहित अन्य ईएनटी डॉक्टरों के पास कान के मरीजों की संख्या बढ़ी है।
डॉक्टरों की मानें तो वर्तमान में गलन भरी ठंड पड़ रही है, जिससे कान ढके बिना वाहन चलाने वाले लोगों में कई समस्या उत्पन्न हो रही है। ईएनटी डॉ. संजय शर्मा ने बताया कि कान में ठंडी हवा के जाने से रोगियों के कान के अंदर की धमनी में रक्त आपूर्ति बाधित हो जाती। इससे सुनाई कम देता है।
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ठंड में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। समस्या तेज हवा के प्रभाव से होती है, जिससे कानों में खून का प्रवाह प्रभावित हो जाता है। ठंडी हवा नाक और कान के रास्ते शरीर में प्रवेश करती है, जिससे सर्दी, जुकाम और अन्य बीमारियां ई
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