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अलीगढ़वा बाजार जाम से बीमार
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 06 May 2016 11:11 PM IST
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जाम के झाम से कराहा शहर, बिलखे स्कूली बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
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नेपाल सीमा पर स्थित भारतीय क्षेत्र का अंतिम बाजार अलीगढ़वा अतिक्रमण से कराह रहा है। सड़क की पटरियों पर बेतरतीब कब्जे और वाहनों की पार्किंग से सड़क सिकुड़ती जा रही है। ऐसे में रोज घंटों जाम लगना आम बात हो गई है। जाम की जद में जूझते कस्बे में पैदल चलना भी दुश्वार है।
बुद्ध के क्रीडांगन कपिलवस्तु से 500 मीटर दूर स्थित अलीगढ़वा कस्बा नेपाल सीमा पर स्थित है। यहां भारतीय क्षेत्र के गांवों के अलावा नेपाल से भी बड़ी संख्या में खरीदार आते हैं। ग्राहकों की भीड़ से हमेशा गुलजार रहने वाले कस्बे की पटरियां जाम की जद में बुरी तरह जकड़ी हुई हैं।
पटरियों को अवैध कब्जे ने गुम कर दिया है तो अस्थाई दुकानों के बीच सड़क को भी ढूंढना पड़ता है। रात में चौड़ी दिखने वाली सड़कें सुबह होने के बाद 10 से 12 फीट में सिमट जाती हैं। ऐसे में राहगीरों को काफी दुश्वारियां झेलनी पड़ रही है।
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एक अदद बड़े वाहन के आने से पूरा मार्ग अवरुद्ध हो जाता है। गुरुवार के साप्ताहिक बाजार के दिन तो पैदल चलने की भी जगह नहीं रहती। नौगढ़ से अलीगढ़वा के लिए रोजाना सुबह नौ बजे रोडवेज की बस जाती हैं। कस्बे में पहुंचने पर बस को खड़ा होने के लिए जगह ढूंढना पड़ता है।
पार्किंग को लेकर दुकानदार नोक-झोंक करते हैं। कस्बावासियों का कहना है कि बेतहाशा फैले अतिक्रमण पर पुलिस-प्रशासन के जिम्मेदार चुप्पी साधे हुए हैं। मौन सहमति का ही कारण है कि पूरे जिले में चलने वाला अतिक्रमण हटाओ अभियान अलीगढ़वा कस्बे में पूरी तरह बेअसर रहा।
इससे अतिक्रमणकारियों का हौसला बढ़ा हुआ है। कपिलवस्तु कोतवाल प्रभारी एसके सरोज ने बताया कि पटरियों पर जो भी अतिक्रमण है, उसे शीघ्र हटाया जाएगा। अखबार के माध्यम से ही सबको सूचना दी जा रही है। जल्द ही अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान अतिक्रमण मिलने पर न सिर्फ कार्रवाई होगी, बल्कि सामान भी जब्त कर लिए जाएंगे।
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बुद्ध के क्रीडांगन कपिलवस्तु से 500 मीटर दूर स्थित अलीगढ़वा कस्बा नेपाल सीमा पर स्थित है। यहां भारतीय क्षेत्र के गांवों के अलावा नेपाल से भी बड़ी संख्या में खरीदार आते हैं। ग्राहकों की भीड़ से हमेशा गुलजार रहने वाले कस्बे की पटरियां जाम की जद में बुरी तरह जकड़ी हुई हैं।
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पटरियों को अवैध कब्जे ने गुम कर दिया है तो अस्थाई दुकानों के बीच सड़क को भी ढूंढना पड़ता है। रात में चौड़ी दिखने वाली सड़कें सुबह होने के बाद 10 से 12 फीट में सिमट जाती हैं। ऐसे में राहगीरों को काफी दुश्वारियां झेलनी पड़ रही है।
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एक अदद बड़े वाहन के आने से पूरा मार्ग अवरुद्ध हो जाता है। गुरुवार के साप्ताहिक बाजार के दिन तो पैदल चलने की भी जगह नहीं रहती। नौगढ़ से अलीगढ़वा के लिए रोजाना सुबह नौ बजे रोडवेज की बस जाती हैं। कस्बे में पहुंचने पर बस को खड़ा होने के लिए जगह ढूंढना पड़ता है।
पार्किंग को लेकर दुकानदार नोक-झोंक करते हैं। कस्बावासियों का कहना है कि बेतहाशा फैले अतिक्रमण पर पुलिस-प्रशासन के जिम्मेदार चुप्पी साधे हुए हैं। मौन सहमति का ही कारण है कि पूरे जिले में चलने वाला अतिक्रमण हटाओ अभियान अलीगढ़वा कस्बे में पूरी तरह बेअसर रहा।
इससे अतिक्रमणकारियों का हौसला बढ़ा हुआ है। कपिलवस्तु कोतवाल प्रभारी एसके सरोज ने बताया कि पटरियों पर जो भी अतिक्रमण है, उसे शीघ्र हटाया जाएगा। अखबार के माध्यम से ही सबको सूचना दी जा रही है। जल्द ही अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान अतिक्रमण मिलने पर न सिर्फ कार्रवाई होगी, बल्कि सामान भी जब्त कर लिए जाएंगे।