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डॉक्टर की डिग्री न अस्पताल का रजिस्ट्रेशन, दो गिरफ्तार
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डॉक्टर की डिग्री न अस्पताल का रजिस्ट्रेशन, दो गिरफ्तार
सिद्धार्थनगर। फर्जी अस्पताल संचालित करने के मामले में दो बिना डिग्री धारक चिकित्सकों को बांसी कोतवाली की पुलिस ने रविवार सुबह बांसी कस्बे से सटे माधवपार स्थित उनके अस्पताल से दबोच लिया। एक बच्चे की मृत्यु के मामले में इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज था। पुलिस ने पूछताछ के बाद उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से जेल भेज दिया गया। एक आरोपित पुलिस की पकड़ से दूर है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए टीम लगी है।
पुलिस लाइंस सभागार में रविवार को आयोजित प्रेस कॉफ्रेंस में एएसपी सुरेशचंद रावत ने यह जानकारी दी। बताया कि बांसी कोतवाली में एक मामला दर्ज हुआ था। बच्चों का एक निजी अस्पताल है, जिसमें 15 जनवरी को एक बच्चे की मृत्यु हो गई थी। परिजनों की तहरीर पर उसी दिन अस्पताल संचालक सहित इलाज करने वालों पर केस दर्ज करके मामले की जांच की जा रही थी। इसमें सीएमओ की ओर जांच कराई गई तो पता चला कि चिकित्सक पीके मिश्र की कोई वैध डिग्री की पुष्टि नहीं है। इसके बाद पुलिस टीम ने जांच आगे बढ़ाया तो पता चला कि अस्पताल ही फर्जी है। इसके बाद अस्पताल संचालित करने वालों की धरपकड़ के लिए पुलिस टीम एक्टिव हो गई।
रविवार को सूचना मिली कि माधवपार स्थिति अस्पताल में संचालन करने वाले दो लोग मौजूद हैं। मामले को संज्ञान में लेते हुए कोतवाल बांसी संजय कुमार मिश्र टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। यहां से हरिओम पांडेय निवासी पिपरा थाना गोल्हौरा हाल पता प्रबंधक मैनेजर मालिक लाइफ केयर सेंटर एवं जच्चा-बच्चा केयर सेंटर एंड जच्चा-बच्चा एनआईसीयू माधवापार बांसी, बृजभूषण पांडेय निवासी कपिया लोहटा थाना इटवा मैनेजिंग डायरेक्टर लाइफ केयर सेंटर एवं जच्चा-बच्चा केयर सेंटर एंड जच्चा-बच्चा एनआईसीयू माधवापार बांसी को दबोच लिया गया। डॉ. प्रभांस मिश्र पीके की पुलिस टीम तलाश कर रही है। पूछताछ करने के बाद दोनों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पकड़ने वाली टीम कोतवाल बांसी संजय कुमार मिश्र, एसआई चंद्रशेखर पांडेय सहित टीम को 10 हजार रुपये का इनाम दिया है।
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सिद्धार्थनगर। फर्जी अस्पताल संचालित करने के मामले में दो बिना डिग्री धारक चिकित्सकों को बांसी कोतवाली की पुलिस ने रविवार सुबह बांसी कस्बे से सटे माधवपार स्थित उनके अस्पताल से दबोच लिया। एक बच्चे की मृत्यु के मामले में इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज था। पुलिस ने पूछताछ के बाद उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से जेल भेज दिया गया। एक आरोपित पुलिस की पकड़ से दूर है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए टीम लगी है।
पुलिस लाइंस सभागार में रविवार को आयोजित प्रेस कॉफ्रेंस में एएसपी सुरेशचंद रावत ने यह जानकारी दी। बताया कि बांसी कोतवाली में एक मामला दर्ज हुआ था। बच्चों का एक निजी अस्पताल है, जिसमें 15 जनवरी को एक बच्चे की मृत्यु हो गई थी। परिजनों की तहरीर पर उसी दिन अस्पताल संचालक सहित इलाज करने वालों पर केस दर्ज करके मामले की जांच की जा रही थी। इसमें सीएमओ की ओर जांच कराई गई तो पता चला कि चिकित्सक पीके मिश्र की कोई वैध डिग्री की पुष्टि नहीं है। इसके बाद पुलिस टीम ने जांच आगे बढ़ाया तो पता चला कि अस्पताल ही फर्जी है। इसके बाद अस्पताल संचालित करने वालों की धरपकड़ के लिए पुलिस टीम एक्टिव हो गई।
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रविवार को सूचना मिली कि माधवपार स्थिति अस्पताल में संचालन करने वाले दो लोग मौजूद हैं। मामले को संज्ञान में लेते हुए कोतवाल बांसी संजय कुमार मिश्र टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। यहां से हरिओम पांडेय निवासी पिपरा थाना गोल्हौरा हाल पता प्रबंधक मैनेजर मालिक लाइफ केयर सेंटर एवं जच्चा-बच्चा केयर सेंटर एंड जच्चा-बच्चा एनआईसीयू माधवापार बांसी, बृजभूषण पांडेय निवासी कपिया लोहटा थाना इटवा मैनेजिंग डायरेक्टर लाइफ केयर सेंटर एवं जच्चा-बच्चा केयर सेंटर एंड जच्चा-बच्चा एनआईसीयू माधवापार बांसी को दबोच लिया गया। डॉ. प्रभांस मिश्र पीके की पुलिस टीम तलाश कर रही है। पूछताछ करने के बाद दोनों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पकड़ने वाली टीम कोतवाल बांसी संजय कुमार मिश्र, एसआई चंद्रशेखर पांडेय सहित टीम को 10 हजार रुपये का इनाम दिया है।
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