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Siddharthnagar News: नाला बना पर निकासी की व्यवस्था नहीं जलभराव से राहगीरों की मुश्किलें बढ़ीं
Sat, 18 Jul 2026 01:23 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 18 Jul 2026 01:23 AM IST
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खुनुवां। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित खुनुवां कस्बा बरसात के मौसम में जलभराव की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। करोड़ों रुपये खर्च कर निर्माण होने के बावजूद बारिश के पानी की समुचित निकासी की व्यवस्था नहीं होने से कस्बे की सड़कें तालाब में तब्दील हो गई हैं। इससे स्थानीय लोगों, राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शोहरतगढ़-खुनुवां मुख्य मार्ग से जल निगम की पेयजल योजना और एसएसबी कैंप की ओर जाने वाले संपर्क मार्ग पर जगह-जगह पानी भरा हुआ है। इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को कीचड़ और जलभराव के बीच होकर गुजरना पड़ रहा है। वहीं, मुख्य मार्ग के पश्चिम दिशा में खुनुवां गांव जाने वाले रास्ते पर भी जलभराव की समस्या बनी हुई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार जिला पंचायत सिद्धार्थनगर की ओर से लगभग 2 करोड़ 28 लाख रुपये की लागत से मुख्य मार्ग के दोनों किनारों पर करीब 1700 मीटर लंबा नाला बनाया गया है। बारिश का पानी उसमें पहुंचाने के लिए कहीं भी उचित क्रॉस ड्रेनेज की व्यवस्था नहीं की गई।
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नाला निर्माण के दौरान निकाली गई मिट्टी भी कई स्थानों पर नहीं हटाई गई, जिससे पानी का बहाव बाधित हो रहा है। लोगों का कहना है किप्रस्ताव में दोनों छोर के नालों का पानी सरयू नहर में प्रवाहित करने की व्यवस्था थी, लेकिन दक्षिणी छोर पर चैंबर बनाकर उन्हें ह्यूम पाइप से जोड़ दिया गया है। ऐसे में चैंबर भरने के बाद पानी की निकासी का कोई स्थायी मार्ग नहीं रहेगा, जिससे जलभराव की समस्या और गंभीर हो सकती है। े
शोहरतगढ़-खुनुवां मुख्य मार्ग से जल निगम की पेयजल योजना और एसएसबी कैंप की ओर जाने वाले संपर्क मार्ग पर जगह-जगह पानी भरा हुआ है। इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को कीचड़ और जलभराव के बीच होकर गुजरना पड़ रहा है। वहीं, मुख्य मार्ग के पश्चिम दिशा में खुनुवां गांव जाने वाले रास्ते पर भी जलभराव की समस्या बनी हुई है।
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स्थानीय लोगों के अनुसार जिला पंचायत सिद्धार्थनगर की ओर से लगभग 2 करोड़ 28 लाख रुपये की लागत से मुख्य मार्ग के दोनों किनारों पर करीब 1700 मीटर लंबा नाला बनाया गया है। बारिश का पानी उसमें पहुंचाने के लिए कहीं भी उचित क्रॉस ड्रेनेज की व्यवस्था नहीं की गई।
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नाला निर्माण के दौरान निकाली गई मिट्टी भी कई स्थानों पर नहीं हटाई गई, जिससे पानी का बहाव बाधित हो रहा है। लोगों का कहना है किप्रस्ताव में दोनों छोर के नालों का पानी सरयू नहर में प्रवाहित करने की व्यवस्था थी, लेकिन दक्षिणी छोर पर चैंबर बनाकर उन्हें ह्यूम पाइप से जोड़ दिया गया है। ऐसे में चैंबर भरने के बाद पानी की निकासी का कोई स्थायी मार्ग नहीं रहेगा, जिससे जलभराव की समस्या और गंभीर हो सकती है। े